शिवपुरी। शहर के कर्बला के पास स्थित मुक्तिधाम पर मंगलवार देर शाम एक बुजुर्ग के शव को लेकर कुछ लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे तो पूरी तरह से अंधेरा छाया हुआ था। इसके बाद शव यात्रा में शामिल लोगों ने मोबाइल की टॉर्च से रोशनी कर अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया की गई।
जानकारी के मुताबिक छोटा लुहारपुरा निवासी इच्छा सिंह सोलंकी उम्र 65 साल का मंगलवार को बीमारी के चलते निधन हो गया था। इसके बाद परिजन व आसपास के लोग व रिश्तेदार सोलंकी के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां पर पूरी तरह से अंधेरा छाया हुआ था।
स्थानीय निवासी सुनील सोनी ने बताया
कि मुक्तिधाम में अंधेरा होने के कारण कुछ भी नहीं दिख रहा था और फिर मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। बड़ी बात यह है कि नगर पालिका विकास कार्यों की इतनी बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन यहां पर उजाले के
लिए एक लाइट तक की कोई व्यवस्था नहीं है।
ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हुआ हो, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसी स्थिति बन चुकी है कि लोगों को रात के समय मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार करना पड़ा है। नगर पालिका को चाहिए कि मुक्तिधाम में उजाले की पर्याप्त व्यवस्था करें, ताकि यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पार्षद विजय शर्मा ने बताया कि
अभी 4 जनवरी को हल्कू राम सोनी निवासी पुरानी शिवपुरी का निधन हुआ था और उनके शव को जब रात में मुक्तिधाम पर ले गए थे। तभी भी मुक्तिधाम पर अंधेरा पसरा हुआ था। उसके बाद से मुक्तिधाम पर लाइट तो लग गई, लेकिन उनको चालू करने के लिए नियमित तरीके से कोई कर्मचारी नहीं जाता और लोगों को अंधेरे में ही शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ता है। इससे पहले भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं और नगर पालिका कोई ध्यान नहीं देती।
कर्मचारी ध्यान नहीं दें, टाइमर लगवा देते हैं
मुक्तिधाम पर लाइट की कोई समस्या नहीं है। कर्मचारी जो रहते हैं, वह ध्यान नहीं देते। मैं अभी संबंधित कर्मचारी को आदेशित करता हूँ कि वह इसका विशेष ध्यान रखे और समस्या के हल के लिए लाइटों में टाइमर लगवा देते हैं। शाम 5.30 बजे के बाद अपने आप लाइट जल जाया करेंगी।
इशांक धाकड़, सीएमओ, शिवपुरी।
जानकारी के मुताबिक छोटा लुहारपुरा निवासी इच्छा सिंह सोलंकी उम्र 65 साल का मंगलवार को बीमारी के चलते निधन हो गया था। इसके बाद परिजन व आसपास के लोग व रिश्तेदार सोलंकी के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां पर पूरी तरह से अंधेरा छाया हुआ था।
स्थानीय निवासी सुनील सोनी ने बताया
कि मुक्तिधाम में अंधेरा होने के कारण कुछ भी नहीं दिख रहा था और फिर मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। बड़ी बात यह है कि नगर पालिका विकास कार्यों की इतनी बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन यहां पर उजाले के
लिए एक लाइट तक की कोई व्यवस्था नहीं है।
ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हुआ हो, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसी स्थिति बन चुकी है कि लोगों को रात के समय मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार करना पड़ा है। नगर पालिका को चाहिए कि मुक्तिधाम में उजाले की पर्याप्त व्यवस्था करें, ताकि यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पार्षद विजय शर्मा ने बताया कि
अभी 4 जनवरी को हल्कू राम सोनी निवासी पुरानी शिवपुरी का निधन हुआ था और उनके शव को जब रात में मुक्तिधाम पर ले गए थे। तभी भी मुक्तिधाम पर अंधेरा पसरा हुआ था। उसके बाद से मुक्तिधाम पर लाइट तो लग गई, लेकिन उनको चालू करने के लिए नियमित तरीके से कोई कर्मचारी नहीं जाता और लोगों को अंधेरे में ही शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ता है। इससे पहले भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं और नगर पालिका कोई ध्यान नहीं देती।
कर्मचारी ध्यान नहीं दें, टाइमर लगवा देते हैं
मुक्तिधाम पर लाइट की कोई समस्या नहीं है। कर्मचारी जो रहते हैं, वह ध्यान नहीं देते। मैं अभी संबंधित कर्मचारी को आदेशित करता हूँ कि वह इसका विशेष ध्यान रखे और समस्या के हल के लिए लाइटों में टाइमर लगवा देते हैं। शाम 5.30 बजे के बाद अपने आप लाइट जल जाया करेंगी।
इशांक धाकड़, सीएमओ, शिवपुरी।