दावों में विरोधाभास: किसान बोले 50% नुकसान और फफूंद का डर,विभाग ने बताया वरदान

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शनिवार रविवार की दरमियानी रात अचानक मौसम बिगड़ने के कारण जिले भर में मूसलाधार बारिश हुई। कई स्थानों पर चने के आकार के ओले गिरने की बात भी कही जा रही है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में किसानों की फसल जमीन पर बिछ गई। वहीं खेतों में कटी रखी सरसों की फसल अथवा खेतों में खड़ी पकी हुई सरसों के दाने भी बारिश और ओलों की चपेट में आने के कारण झड़ गए।

किसानों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश और बीती रात हुई बारिश के कारण उन्हें सरसों की फसल में करीब पचास प्रतिशत का नुकसान हो गया है। करैरा क्षेत्र के ग्राम समोहा, टौरिया, चिरली, नंदपुर, बगेदरी, मछावली, मुंगावली, टोड़ा, करैरा, चौका आदि गांवों में तेज बारिश और हवाओं के चलते गेहूं की फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है।

अधिकारी बोले, नुकसान नहीं वरदान
इस संबंध में कृषि विभाग के उपसंचालक पान सिंह करोरिया का कहना है कि बारिश और हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से बिछ गई है, परंतु इस बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान नहीं है। यह बारिश गेहूं के लिए वरदान है।

कुछ दिन में धूप खिलने के बाद फसल वापस खेतों में खड़ी हो जाएगी। इससे उत्पादन पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सरसों की फसल में बहुत अधिक नुकसान नहीं है, क्योंकि जहां खेतों में सरसों की फसल कटी रखी है, वहां भी दाना बहुत अधिक झड़ा नहीं है। यह बात जरूर है कि फसल गीली हो गई है, जो धूप निकलने पर सूख जाएगी।

किसान बोले, फसल में लगने लगी फफूंद
किसानों का कहना है कि सरसों की कटी हुई और खड़ी फसल में रात में हुई बारिश से नुकसान हुआ है। महिला किसान कुसुम के अनुसार खेत में कटी रखी फसल के दाने झड़ गए हैं, जिससे काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा पिछले दिनों हुई बारिश के बाद धूप नहीं निकलने के कारण भीगी हुई फसल में फफूंद लगना और काली पड़ना शुरू हो गई है। ऐसे में बारिश के कारण दाने की क्वालिटी कमजोर हुई है।