शिवपुरी। शिवपुरी शहर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आज एक मजदूर पिता अपने मृत बेटे को न्याय दिलाने की गुहार लेकर आया है वहीं पिता का कहना है कि मैंने अपने जवान बेटे को एक सड़क हादसे में खो दिया है, और अब व्यापारी पैसों की मांग कर रहा हैं और उसके साथ बैराड़ पुलिस भी मिली हुई हैं।
जानकारी के अनुसार निवासी बैराड़ के रहने वाले रमेश नामदेव ने बताया कि बीती 4 जनवरी 2026 को मेरा बेटा राकेश नामदेव व्यापारी सेंकी गुप्ता को 80 हजार रुपये देने के लिए जा रहा था तभी रास्ते में एक लोडिग वाहन ने टक्कर मार दी,जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं रमेश ने बताया कि बेटे ने व्यापारी से फोन लगाकर पैसे देने की पुष्टि भी कर दी थी, लेकिन उसी रात एक लोडिंग गाड़ी से हुए हादसे में राकेश की मृत्यु हो गई। पिता का कहना है कि उनका बेटा सारा व्यापार नकद में करता था और उस पर किसी का कोई बकाया नहीं था।
पीड़ित पिता ने बताया कि मैं एक गरीब मजदूर हूं,और अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से कर पा रहा है। ऐसे में रसूखदार व्यक्ति और पुलिस का दबाव उसे मानसिक रूप से तोड़ रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी व्यक्ति एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार निवासी बैराड़ के रहने वाले रमेश नामदेव ने बताया कि बीती 4 जनवरी 2026 को मेरा बेटा राकेश नामदेव व्यापारी सेंकी गुप्ता को 80 हजार रुपये देने के लिए जा रहा था तभी रास्ते में एक लोडिग वाहन ने टक्कर मार दी,जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं रमेश ने बताया कि बेटे ने व्यापारी से फोन लगाकर पैसे देने की पुष्टि भी कर दी थी, लेकिन उसी रात एक लोडिंग गाड़ी से हुए हादसे में राकेश की मृत्यु हो गई। पिता का कहना है कि उनका बेटा सारा व्यापार नकद में करता था और उस पर किसी का कोई बकाया नहीं था।
मृतक बेटे के पिता को धमकी
रमेश नामदेव का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद अब सेंकी गुप्ता उन पर 80,000 देने का नाजायज दबाव बना रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने बैराड़ थाना पुलिस पर आरोप लगाया है। कि सेंकी गुप्ता की पुलिस में अच्छी पटती है, जिसके चलते पुलिसकर्मी भी पीड़ित पिता को धमका रहे हैं कि पैसे दे दो, वरना किसी झूठे केस में फंसा देंगे।पीड़ित पिता ने बताया कि मैं एक गरीब मजदूर हूं,और अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से कर पा रहा है। ऐसे में रसूखदार व्यक्ति और पुलिस का दबाव उसे मानसिक रूप से तोड़ रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी व्यक्ति एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।