करैरा। करैरा तहसील के ग्राम चिरली निवासी ग्रामीण वहां पदस्थ महिला पटवारी से परेशान हैं। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत तहसील से लेकर कलेक्टर तक को दर्ज करवा दी है। इसके बावजूद आज तक महिला पटवारी पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि करैरा तहसील के हल्का नंबर 57 ग्राम चिरली में पदस्थ पटवारी रूबी भार्गव हल्का पर निवास नहीं करती है, इस कारण हम ग्रामवासियों को राजस्व संबंधी कार्यों को करवाने में परेशानी आती है। पटवारी से फोन पर बात करने पर वह सही जानकारी नहीं देती है कि वह कब गांव में आएगी व हमारी समस्याओं के निराकरण में सहयोग करेगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी बिना किसी लेन देन के ग्राम वासियों का कार्य नहीं करती है व हर कार्य के बदले रिश्वत की मांग करती है। ग्रामीणों का कहना है कि, हमारे ग्राम में कई व्यक्तियों का देहांत हो चुका है। उनका फौती नामांतरण आज दिनांक तक नहीं हो सका है। उनके अनुसार लखन, देवीलाल, वीरसिंह, रामदेवी, प्रागी, रामवती सोनी, शीला, लक्खू, जस्सा, बनमाली, रामसिंह आदि लोग की मृत्यु हो चुके हैं लेकिन पटवारी द्वारा खसरा बाचन में आज तक इन मृत व्यक्तियों के नामांतरण संबंधी जानकारी उल्लेखित नहीं की गई है, जिससे उनके नामांतरण प्रकरण लंबित पड़े हैं।
आरोप है कि पटवारी से सम्पर्क करने पर वह कहती हैं कि फौती नामांतरण बिना पैसे दिए कभी नहीं होते, आप लोग बिना खर्च करे नामांतरण करवाना चाहते हो। पहले पैसा खर्च करो इसके बाद नामांतरण हो जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव वाले पटवारी के कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं, उसे चिरली में पदस्थ हुए करीब 5-6 साल हो चुके हैं, जिससे वह वह ग्रामीणों के कार्य के प्रति लापरवाह हो गई है। अतः पटवारी रूबी भार्गव के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही कर ग्राम चिरली के हल्का से हटाया जाए।
%20(5).webp)