शिवपुरी। जिले के वेटलैंड क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शिवपुरी कलेक्टर पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि जमा किए बिना कलेक्टर का पक्ष नहीं सुना जाएगा।यह मामला नरवर तहसील के लखना तालाब और धुवाई तालाब से जुड़ा है, जिन्हें वेटलैंड क्षेत्र में शामिल किया गया है। आरोप है कि इन जलाशयों के किनारे नियमों की अनदेखी करते हुए होटल और रिसॉर्ट जैसे पक्के निर्माण कर दिए गए हैं, जो पर्यावरणीय मानकों का सीधा उल्लंघन है।
एनजीटी के नियमों के अनुसार किसी भी वेटलैंड के 50 मीटर के दायरे में स्थायी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। इसके बावजूद कथित रूप से बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए गए, जिससे पर्यावरण और जल स्रोतों पर खतरा बढ़ गया है।
ट्रिब्यूनल ने 17 मार्च 2026 को कलेक्टर से दो दिन के भीतर जवाब मांगा था, लेकिन समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया गया, जिसे 18 अप्रैल को पोर्टल पर अपलोड कर कलेक्टर को भेजा गया।
एनजीटी ने अपने आदेश में 2017 के बाद हुए सभी अवैध निर्माण को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई में देरी हुई, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।