शिवपुरी। शिवपुरी जिले के नरवर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत नरौआ की सरपंच गीता प्रजापति पर फर्जी पट्टा बनवाने का शिकायत नरवर तहसीलदार को की गई। इस शिकायत का सीधा और स्पष्ट अर्थ है सरपंच गीता प्रजापति ने कूटरचित दस्तावेज लगाकर शासन से फर्जी पट्टा प्राप्त किया है या फिर अपना चुनाव नामांकन में झूठा शपथ पत्र दिया गया है। इस मामले की शिकायत के बाद जांच शुरू हो चुकी है।
नरौआ गांव में निवास करने वाले कृष्णपाल रावत ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत नरौआ की सरपंच गीता प्रजापति पत्नी जगराम प्रजापति ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नरवर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 में 750 वर्ग फीट का पट्टा प्राप्त किया है,और इस पट्टे पर अतिक्रमण कर 2400 वर्ग फीट में निर्माण कर लिया है।
प्रथम दृष्टया गीता प्रजापति ग्राम पंचायत नरौआ की वर्तमान में सरपंच है सरपंच की चुनाव की गाइड लाइन का पढा जाए तो चुनाव लडने वाला व्यक्ति ग्राम पंचायत का निवासी होना आवश्यक है,अगर गीता प्रजापति नरवर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 की निवासी है तो वह ग्राम पंचायत नरौआ की निवासी कैसे हुई। वही किसी भी जनप्रतिनिधि को शासन के नियमानुसार किसी भी प्रकार की सरकारी लाभ वाली सहायता प्राप्त नहीं हो सकती है,इस स्थिति में कूटरचित दस्तावेज लगाकर लाभ प्राप्त किया है।
इस सरकारी पत्र का अवश्य अवलोकन करें
न्यायालय श्रीमान तहसीलदार महोदय तहसील नरवर जिला शिवपुरी म०प्र०
प्र०कृ/2025/468 दिनांक 24 दिसंबर 2025 के शब्दों पर गौर करें तो इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि गीता प्रजापति पत्नी जगराम प्रजापति ग्राम मुबारिकपुर तहसील नरवर में स्थित आबादी भूमि सर्वे 363/2 में से 40x60=2400 वर्ग फीट पर में आवेदक वर्ष 2011-12 से मौके पर झोपड़ी बनाकर निरन्तर रूप से काबिज होकर निवासरत है।
इस कब्जे का विधिवत रूप से अतिक्रमण शुल्क अदा किया है। प्रार्थी को मुख्यमंत्री आश्रय योजना के तहत शासन द्वारा उक्त कब्जे के आधार पर 750 वर्ग फीट का पटटा प्राप्त हुआ था। जबकि मौके पर मुझ आवेदक का 2400 वर्ग फीट पर पूर्व से कब्जा होकर निरंतर रूप से मुझ आवेदक के कब्जे में है।
इस पत्र इंगित करता है कि नरौआ की सरपंच गीता प्रजापति नरवर नगर पंचायत में निवास करती हैं,और सरपंच ने झूठा शपथ पत्र भरकर ग्राम पंचायत का चुनाव लडा है। कुल मिलाकर इस मामले में नरौआ की सरपंच फंस चुकी है दोनों ही मामलों में वह एक जगह उनके द्वारा लगाए गए दस्तावेज फर्जी है,अब देखते है कि इस मामले में जांच टीम क्या करती है।
नरौआ गांव में निवास करने वाले कृष्णपाल रावत ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत नरौआ की सरपंच गीता प्रजापति पत्नी जगराम प्रजापति ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नरवर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 में 750 वर्ग फीट का पट्टा प्राप्त किया है,और इस पट्टे पर अतिक्रमण कर 2400 वर्ग फीट में निर्माण कर लिया है।
प्रथम दृष्टया गीता प्रजापति ग्राम पंचायत नरौआ की वर्तमान में सरपंच है सरपंच की चुनाव की गाइड लाइन का पढा जाए तो चुनाव लडने वाला व्यक्ति ग्राम पंचायत का निवासी होना आवश्यक है,अगर गीता प्रजापति नरवर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 की निवासी है तो वह ग्राम पंचायत नरौआ की निवासी कैसे हुई। वही किसी भी जनप्रतिनिधि को शासन के नियमानुसार किसी भी प्रकार की सरकारी लाभ वाली सहायता प्राप्त नहीं हो सकती है,इस स्थिति में कूटरचित दस्तावेज लगाकर लाभ प्राप्त किया है।
इस सरकारी पत्र का अवश्य अवलोकन करें
न्यायालय श्रीमान तहसीलदार महोदय तहसील नरवर जिला शिवपुरी म०प्र०
प्र०कृ/2025/468 दिनांक 24 दिसंबर 2025 के शब्दों पर गौर करें तो इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि गीता प्रजापति पत्नी जगराम प्रजापति ग्राम मुबारिकपुर तहसील नरवर में स्थित आबादी भूमि सर्वे 363/2 में से 40x60=2400 वर्ग फीट पर में आवेदक वर्ष 2011-12 से मौके पर झोपड़ी बनाकर निरन्तर रूप से काबिज होकर निवासरत है।
इस कब्जे का विधिवत रूप से अतिक्रमण शुल्क अदा किया है। प्रार्थी को मुख्यमंत्री आश्रय योजना के तहत शासन द्वारा उक्त कब्जे के आधार पर 750 वर्ग फीट का पटटा प्राप्त हुआ था। जबकि मौके पर मुझ आवेदक का 2400 वर्ग फीट पर पूर्व से कब्जा होकर निरंतर रूप से मुझ आवेदक के कब्जे में है।
इस पत्र इंगित करता है कि नरौआ की सरपंच गीता प्रजापति नरवर नगर पंचायत में निवास करती हैं,और सरपंच ने झूठा शपथ पत्र भरकर ग्राम पंचायत का चुनाव लडा है। कुल मिलाकर इस मामले में नरौआ की सरपंच फंस चुकी है दोनों ही मामलों में वह एक जगह उनके द्वारा लगाए गए दस्तावेज फर्जी है,अब देखते है कि इस मामले में जांच टीम क्या करती है।