शिवपुरी। करैरा नगरीय क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। एसडीएम करैरा ने बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने पर दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की अनुशंसा की है। संबंधित भूमि पर प्लॉटों की खरीद-फरोख्त रोकने की अनुशंसा भी की है। कलेक्टर शिवपुरी को प्रस्ताव भेजा गया है। जबकि अनुविभाग क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर अवैध कॉलोनी कटने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान करैरा क्षेत्र में भूमि सर्वे क्रमांक 2533/1/2/1/1/1/1 रकबा 1.0158 हेक्टेयर और 2533/1/2/1/1/1/1 रकबा 0.2399 हेक्टेयर पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना अवैध प्लाटिंग पाई गई। भूमि स्वामी सचिन जैन, पुत्र शगुनचंद जैन, और सुमित सोनी, पुत्र विनोद सोनी, ने नियमों की अनदेखी करते हुए प्लॉटों की बिक्री भी शुरू कर दी थी। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने इस मामले में दोनों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा की है। प्लॉटों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की अनुशंसा भी की है।
प्रशासन का मानना है कि अवैध कॉलोनियां शहरी नियोजन को प्रभावित करती हैं। भविष्य में सड़क, पानी, नाली व बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय भेज दिया गया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई जिला स्तर पर तय की जाएगी। अवैध कॉलोनी निर्माण पर यह प्रशासन का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नगर में एक सैकड़ा जगहों पर धड़ल्ले से काटी जा रहीं अवैध कॉलोनियां
करैरा अनुविभाग क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की कटाई तेजी से बढ़ती जा रही है। टीला रोड, फिल्टर रोड, महुअर कॉलोनी, शिवपुरी-झांसी रोड, मुंगावली रोड, श्योपुरा, करैरा-भितरवार रोड, चिनौद, खैराघाट, डेनिडा, शासकीय अस्पताल के पास, सिल्लारपुर, कोटा-झांसी रोड, चंगेज पहाड़ी क्षेत्र, सिरसौद और दिनारा सहित करीब एक सैकड़ा क्षेत्रों में बिना अनुमति प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास का कार्य खुलेआम चल रहा है।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले झेलते हैं कई परेशानियां
नगर में अवैध कॉलोनियों में बिना अनुमति बने प्लॉट सस्ते दामों पर मिल जाते हैं। बाद में खरीदारों को कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी कॉलोनियों में बिजली, पानी, सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। कई बार प्रशासन सर्वे के दौरान इन कॉलोनियों को अवैध घोषित कर देता है। इससे निर्माण रोक दिया जाता है। नोटिस देकर मकान तोड़ने की कार्रवाई भी हो सकती है। रजिस्ट्री होने के बावजूद लैंड टाइटल स्पष्ट नहीं रहता। विवाद की संभावना बढ़ जाती है।
जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान करैरा क्षेत्र में भूमि सर्वे क्रमांक 2533/1/2/1/1/1/1 रकबा 1.0158 हेक्टेयर और 2533/1/2/1/1/1/1 रकबा 0.2399 हेक्टेयर पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना अवैध प्लाटिंग पाई गई। भूमि स्वामी सचिन जैन, पुत्र शगुनचंद जैन, और सुमित सोनी, पुत्र विनोद सोनी, ने नियमों की अनदेखी करते हुए प्लॉटों की बिक्री भी शुरू कर दी थी। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने इस मामले में दोनों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा की है। प्लॉटों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की अनुशंसा भी की है।
प्रशासन का मानना है कि अवैध कॉलोनियां शहरी नियोजन को प्रभावित करती हैं। भविष्य में सड़क, पानी, नाली व बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है। प्रस्ताव कलेक्टर कार्यालय भेज दिया गया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई जिला स्तर पर तय की जाएगी। अवैध कॉलोनी निर्माण पर यह प्रशासन का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नगर में एक सैकड़ा जगहों पर धड़ल्ले से काटी जा रहीं अवैध कॉलोनियां
करैरा अनुविभाग क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की कटाई तेजी से बढ़ती जा रही है। टीला रोड, फिल्टर रोड, महुअर कॉलोनी, शिवपुरी-झांसी रोड, मुंगावली रोड, श्योपुरा, करैरा-भितरवार रोड, चिनौद, खैराघाट, डेनिडा, शासकीय अस्पताल के पास, सिल्लारपुर, कोटा-झांसी रोड, चंगेज पहाड़ी क्षेत्र, सिरसौद और दिनारा सहित करीब एक सैकड़ा क्षेत्रों में बिना अनुमति प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास का कार्य खुलेआम चल रहा है।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले झेलते हैं कई परेशानियां
नगर में अवैध कॉलोनियों में बिना अनुमति बने प्लॉट सस्ते दामों पर मिल जाते हैं। बाद में खरीदारों को कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी कॉलोनियों में बिजली, पानी, सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। कई बार प्रशासन सर्वे के दौरान इन कॉलोनियों को अवैध घोषित कर देता है। इससे निर्माण रोक दिया जाता है। नोटिस देकर मकान तोड़ने की कार्रवाई भी हो सकती है। रजिस्ट्री होने के बावजूद लैंड टाइटल स्पष्ट नहीं रहता। विवाद की संभावना बढ़ जाती है।