शिवपुरी। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम ने अचानक करवट ली है। दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे गर्मी का असर तेज होने लगा है। तापमान में आए इस उछाल के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। 4 और 5 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 6 और 7 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हालिया पूर्वानुमान में शिवपुरी के आसपास अगले कुछ दिनों में मौसम अस्थिर रहने के संकेत हैं।
गुरुवार को शिवपुरी शहर का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस था। यानी महज 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान में 1.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान में इस तेज उछाल ने साफ कर दिया है कि जिले में गर्मी अब तेजी से असर दिखाने लगी है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव भर नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में मौसम और अधिक अस्थिर हो सकता है। दिन में तेज धूप और उमस जैसे हालात बन रहे हैं, जबकि शाम और रात के समय वातावरण में नमी और बादलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। 2 अप्रैल को जारी IMD प्रेस रिलीज़ में मध्य भारत सहित कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और स्थानीय मौसमी गतिविधियों की संभावना बताई गई है।
4 और 5 अप्रैल को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 अप्रैल जिले के लिए संवेदनशील दिन रह सकते हैं। इन दो दिनों के दौरान बारिश, तेज हवा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 अप्रैल को मौसम में कुछ राहत के संकेत हैं, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति की उम्मीद नहीं है, इसलिए इन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। ताजा पूर्वानुमान में 4–7 अप्रैल के दौरान तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दिख रहा है, जबकि व्यापक तेज बारिश के संकेत अभी सीमित हैं—इसलिए स्थानीय स्तर पर बदलते अपडेट पर नज़र रखना जरूरी रहेगा।
फसलों पर पड़ सकता है असर
अचानक बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। इस समय खेतों में रखी उपज, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज, सब्जी और बागवानी फसलें तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा मौसम को देखते हुए ही खेतों में कार्य करें।
आम लोगों के लिए भी सावधानी जरूरी
तेज गर्मी के बाद अचानक बारिश या आंधी जैसे हालात जनजीवन को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों, पेड़ों तथा कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम में यह उतार-चढ़ाव आने वाले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
गुरुवार को शिवपुरी शहर का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस था। यानी महज 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान में 1.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान में इस तेज उछाल ने साफ कर दिया है कि जिले में गर्मी अब तेजी से असर दिखाने लगी है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव भर नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में मौसम और अधिक अस्थिर हो सकता है। दिन में तेज धूप और उमस जैसे हालात बन रहे हैं, जबकि शाम और रात के समय वातावरण में नमी और बादलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। 2 अप्रैल को जारी IMD प्रेस रिलीज़ में मध्य भारत सहित कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और स्थानीय मौसमी गतिविधियों की संभावना बताई गई है।
4 और 5 अप्रैल को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 अप्रैल जिले के लिए संवेदनशील दिन रह सकते हैं। इन दो दिनों के दौरान बारिश, तेज हवा, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन सकती है। इसी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 अप्रैल को मौसम में कुछ राहत के संकेत हैं, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति की उम्मीद नहीं है, इसलिए इन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। ताजा पूर्वानुमान में 4–7 अप्रैल के दौरान तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दिख रहा है, जबकि व्यापक तेज बारिश के संकेत अभी सीमित हैं—इसलिए स्थानीय स्तर पर बदलते अपडेट पर नज़र रखना जरूरी रहेगा।
फसलों पर पड़ सकता है असर
अचानक बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। इस समय खेतों में रखी उपज, कटाई के बाद खुले में रखा अनाज, सब्जी और बागवानी फसलें तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा मौसम को देखते हुए ही खेतों में कार्य करें।
आम लोगों के लिए भी सावधानी जरूरी
तेज गर्मी के बाद अचानक बारिश या आंधी जैसे हालात जनजीवन को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और मौसम खराब होने पर खुले स्थानों, पेड़ों तथा कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम में यह उतार-चढ़ाव आने वाले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।