Shivpuri में अनाथ बच्चों की उम्मीद पर बजट का ब्रेक, शिक्षा और पोषण पर संकट

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं जब लालफीताशाही या बजट की कमी का शिकार होती हैं, तो सबसे गहरा प्रभाव समाज के सबसे कमजोर वर्ग पर पड़ता है। शिवपुरी जिले में मिशन वात्सल्य (स्पॉन्सरशिप योजना) और बाल आशीर्वाद योजना के तहत पंजीकृत 1142 अनाथ और बेघर बच्चे पिछले पांच महीनों से अपनी मासिक आर्थिक सहायता की राह देख रहे हैं।

4,000 रुपए प्रति माह की यह राशि इन बच्चों के लिए केवल सरकारी मदद नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा, पोषण और सम्मान से जीने का आधार है। भुगतान में हो रही देरी के कारण अब इन बच्चों के सामने स्कूल की फीस भरने से लेकर दो वक्त की रोटी तक का संकट खड़ा हो गया है।

मिशन वात्सल्य बजट के अभाव में अटकी
मिशन वात्सल्य के तहत संचालित स्पॉन्सरशिप योजना से जुड़े 882 अनाथ व बेघर बच्चों को पांच माह से 4-4 हजार रुपए की मासिक आर्थिक मदद नहीं मिली है, जिससे उनकी शिक्षा व पालन-पोषण पर संकट मंडरा रहा है। विभागीय अफसरों का कहना है कि यह राशि मार्च माह के बाद जारी होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 657 बच्चों को योजना के तहत लाभ मिला था।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सर्वे और सत्यापन के बाद यह बच्चे चिन्हित किए थे, जिनके लिए यह सहायता उनके जीवनयापन और पढ़ाई का महत्वपूर्ण आधार मानी जा रही थी। सहायता राशि समय पर न मिलने से कई बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।

जिन बच्चों के पास पहले से कोई स्थायी आय का साधन नहीं है, उनके लिए यह योजना बेहद जरूरी हैं, लेकिन भुगतान में लगातार हो रही देरी ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है। गौरतलब है कि योजना में लाभ लेने के लिए अभी भी जरूरतमंद बच्चों के आवेदन विभाग के पास आ रहे हैं, लेकिन राशि जारी न होने से पालकों एवं बच्चों का योजना पर से भरोसा उठता दिखाई दे रहा है।

औपचारिकताएं पूरी,अब केंद्र और राज्य के बजट पर टिकी निगाहें
बताया जाता है कि विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर जरूरतमंद बच्चों की सूची राज्य एवं केंद्र शासन को भेजी जा चुकी है, किंतु केंद्र से बजट जारी न होने के कारण भुगतान अभी लंबित है। जिम्मेदारों का कहना है कि राशि जारी होने के बाद ही सभी पात्र बच्चों के खातों में एकमुश्त भुगतान हो सकेगा।

कौन हैं ये हकदार? गंभीर परिस्थितियों में जीवन जीने वाले बच्चों का दर्द
ऐसे बच्चे जिनके पिता की मृत्यु हो गई हो, मां तलाकशुदा है या परिवार द्वारा परित्यक्त है। माता पिता या उनमें से कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित है। बच्चे जो बेघर है, अनाथ है। बाल तस्करी, बाल विवाह, बाल वेश्यावृत्ति, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति में शामिल। किसी प्राकृतिक आपदा के शिकार। दिव्यांग, लापता या घर से भागे हुए। माता पिता या उनमें से कोई एक जेल में है। एचआईवी एवं एड्स प्रभावित। माता-पिता आर्थिक, शारीरिक या मानसिक रूप से देखभाल के लिए असमर्थ हों ऐसे बच्चों को योजना में शामिल किया गया है।

बाल आशीर्वाद योजना के 260 बच्चे भी इंतजार में
स्पॉन्सरशिप योजना के साथ-साथ बाल आशीर्वाद योजना के करीब 260 बच्चों को भी 4 हजार रुपए की सहायता राशि नहीं मिली है। इस योजना में राज्य सरकार जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता जारी करती है। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से दोनों योजनाओं की लंबित राशि शीघ्र जारी करने की मांग की है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर लाभ मिल सके और योजनाओं पर विश्वास बना रहे।

यह बोले जिम्मेदार
दोनों योजनाओं के तहत चयनित हुए बच्चों की सूची हमने वरिष्ठ कार्यालय में भेज दी है। बाल आशीर्वाद योजना में दिसंबर तक की राशि जारी हो गई है, स्पॉन्सरशिप योजना में अभी 5 माह की राशि लंबित हमने सूची के साथ साथ राशि जारी करने के लिए पत्र भी वरिष्ठ कार्यालय को भेजा है। संभवतः मार्च माह के अंतिम दिनों तक राशि जारी हो जाएगी।
डीएस जादौन, महिला बाल विकास अधिकारी, शिवपुरी