शिवपुरी पुलिस में हड़कंप: ड्रग्स मामले में 3 पुलिस अधिकारी लाइन हाजिर,62 बैग गायब

Adhiraj Awasthi

ललित मुदगल @शिवपुरी। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ ने ड्रग मामले में जांच के दौरान लापरवाही बरतने पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश पर एसपी अमन सिंह राठौड़ ने 1 टीआई समेत 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है,न्यायालय के इस आदेश के कारण 2 टीआई सहित 5 सब इंस्पेक्टर जांच की रडार में आ गए है।

इनमे से 2 उपनिरीक्षक रिटायर हो चुके है और 2 पुलिसकर्मी शिवपुरी में पदस्थ नहीं है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट ने कोलारस थाना द्वारा पकड़ी गई ड्रग की खेप के मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं,हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लिखा है कि यह जांच ऐसी है जो सच बताने के बजाय उसे छिपाती अधिक है।

यह था मामला
5 जून 2023 को शिवपुरी जिले की कोलारस थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ट्रक क्रमांक  PB 11 DC 7234 को पकडा था इस ट्रक में 375 तुअर की दाल की बोरियों के नीचे छुपाकर 62 प्लास्टिक के कट्टे मिले थे और इन कट्टो में 1209 किलोग्राम डोडाचूरा पाया गया। पुलिस ने ट्रक चालक जगशीर पुत्र बलदेव सिंह रविदास निवासी पटियाला पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत अपराध क्रमांक 173/2023 दर्ज किया था,जब्त किए गए मादक पदार्थ की कीमत 35 लाख रुपए आंकी गई थी।

ट्रक चालक जगशीर को 15 साल की सजा
इस मामले मे ट्रक चालक आरोपी जगशीर पुत्र बलदेव को  विशेष न्यायाधीश,  शिवपुरी द्वारा 26.09.2025 को NDPS अधिनियम की धारा 8 सहपठित धारा 15(C) के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है और 15 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 1 लाख रुपये के जुर्माने (जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा) की सजा सुनाई गई  थी।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ CRA संख्या 10851/2025
आरोपी जगशीर पुत्र बलदेव की ओर से अधिवक्ता श्री राजेश पाठक की ओर से जमानत  याचिका   सुनवाई के लिए लगाई गई। इस जमानत याचिका में अधिवक्ता की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को दोषी ठहराने और जेल की सजा देने में त्रुटि की हैं। अपीलकर्ता पहले ही विचारण से पूर्व और बाद में दो साल आठ महीने की कैद काट चुका है और अपील की सुनवाई में समय लगेगा । यह भी तर्क दिया गया कि वह केवल वाहन का चालक था और उसे गलत तरीके से फंसाया गया है क्योंकि उसकी जानकारी के अनुसार जिस ट्रक को वह चला रहा था उसमें दालें (तुअर दाल) भरी हुई थीं । हालांकि, दालों के अलावा इसमें पोस्ता दाना के 62 बैग (लगभग 1209 किलोग्राम) थे । चूंकि वह ड्राइवर है, इसलिए जांच अधिकारी का यह कर्तव्य था कि वह मालिक सहित अन्य हितधारकों की भूमिका की जांच करे । हालांकि, अपीलकर्ता को गलत तरीके से फंसाया गया है। लेकिन माननीय हाईकोर्ट ने इस जमानत याचिका को राज्य अधिवक्ता की कड़ी आपत्ति के बाद खारिज कर दिया।

माननीय न्यायालय को इस केस की स्टडी के दौरान आश्चर्य हुआ
जब यह न्यायालय रिकॉर्ड देख रहा है, तो यह जानकर आश्चर्य हुआ कि यह एक ऐसी जांच है जो सच को उजागर करने के बजाय उसे दबाती अधिक है। जांच अधिकारी का कभी भी सच तक पहुंचने का कोई इरादा नहीं था । जांच अधिकारी और थाना प्रभारी कोलारस, जिला शिवपुरी ने कभी भी ट्रक के मालिक, पंजीकरण दस्तावेजों और इस मामले में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं के बारे में जानने की जहमत नहीं उठाई । प्रतिबंधित वस्तुएं इंदौर से आ रही थीं और चंडीगढ़ में पहुंचाई जानी थीं। जिस व्यक्ति ने खेप शुरू की और जिस व्यक्ति को खेप प्राप्त करनी थी वे आज भी अज्ञात है। उनकी भूमिका की बिल्कुल भी जांच नहीं की गई हैं।

मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया
कि जब्त किया गया प्रतिबंधित माल ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया गया था और ट्रायल कोर्ट ने दिनांक 02.06.2025 की कार्यवाही के माध्यम से SHO, थाना कोलारस को इस संबंध में पत्र लिखा था । हालांकि, SHO, थाना कोलारस ने पत्र दिनांक 17.06.2025 के माध्यम से सूचित किया कि उक्त प्रतिबंधित सामग्री को 17.01.2025 को जे.के. सीमेंट फैक्ट्री, ग्राम पुरेना, तहसील अमानगंज, जिला पन्ना (म.प्र.) में नष्ट कर दिया गया था । इसके अलावा, उस पत्र में एक और तथ्य का उल्लेख किया गया था कि पुलिस थाने से 62 नमूने (sample bags) गायब थे । यह तथ्य थाना कोलारस के SHO थाना कोलारस    के मार्गदर्शन में जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच की लापरवाही और संदिग्ध प्रकृति के बारे में इस न्यायालय की आशंका की पुष्टि करता है।

पुलिस अधीक्षक (SP), शिवपुरी को निर्देशित किया जाता है
कि वे उस समय पदस्थ थाना प्रभारी (SHO) और जांच अधिकारी, दोनों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करें और उनसे पूछें कि उन्होंने ऐसी घटिया जांच क्यों की । एस.पी. को आगे निर्देशित किया जाता है कि वे ऐसी लापरवाही दिखाने के लिए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करें । जांच पूरी होने तक उन्हें जिला कार्यकारी बल में SHO/पुलिस अधिकारी के रूप में कोई थाना नहीं दिया जाना चाहिए और उन्हें लाइन हाजिर किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट के निर्णय के पालन में 2 टीआई सहित 5 पुलिसकर्मियों पर गाज
हाईकोर्ट के निर्णय के पालन में शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने  5 जून 2023 से 30 नवंबर 2023 तक कोलारस थाने में पदस्थ रहे थाना प्रभारियों और विवेचकों की सूची तैयार कर देहात थाना  प्रभारी जितेंद्र सिंह मावई,तत्कालीन टीआई कोलारस, वर्तमान टीआई देहात, उप निरीक्षक राघवेंद्र सिंह यादव (थाना प्रभारी गोवर्धन), उप निरीक्षक हरिशंकर शर्मा (जेएसआई, कोतवाली) को लाइन अटैच कर दिया है। वही  इस सूची में उप निरीक्षक अंकित उपाध्याय (वर्तमान में बालाघाट में पदस्थ) और निरीक्षक मनीष शर्मा (वर्तमान में राजगढ़ में पदस्थ) शामिल हैं,इन पर कार्यवाही के लिए संबंधित पुलिस अधीक्षको को पत्र भेज दिया है। मामले से जुड़े एसआई एस.एस. जादौन और एसआई चंद्रभान सिंह भदौरिया रिटायर हो चुके हैं।