खनियांधाना। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के खनियाधाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गूड़र घाटी और मुहारीकलां के आसपास के इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी ने भारी दहशत पैदा कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों ने तेंदुए को घाटी के मुख्य मार्ग और सड़क किनारे झाड़ियों में घूमते हुए देखा है, जिसके बाद से यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई है।
घरों में कैद हुए लोग, खेती-किसानी प्रभावित
तेंदुए के डर से ग्रामीण अब अपने खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। पालतू मवेशियों पर हमले की आशंका को देखते हुए लोग शाम होते ही अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधकर स्वयं घरों के दरवाजे बंद कर रहे हैं। रात के समय गांवों की गलियां सूनी नजर आने लगी हैं और किसानों ने अकेले खेतों की रखवाली करना भी बंद कर दिया है।
वन विभाग की सक्रियता और सर्चिंग अभियान
तेंदुए की सूचना मिलते ही वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो गूड़र घाटी और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग कर रही है। खनियाधाना के डिप्टी रेंजर पवन कुमार परिहार ने पुष्टि की है कि तेंदुए की मूवमेंट (गतिविधि) पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग की प्राथमिकता तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने या उसे वापस घने जंगल की ओर खदेड़ने की है।
ग्रामीणों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
डिप्टी रेंजर ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें तेंदुआ कहीं भी दिखाई दे, तो वे स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें और न ही उसे पत्थर मारकर उकसाएं। ऐसी स्थिति में वन्यजीव हमलावर हो सकता है। विभाग ने हिदायत दी है कि तेंदुए के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या वन्य जीव को नुकसान होने से बचाया जा सके।
घरों में कैद हुए लोग, खेती-किसानी प्रभावित
तेंदुए के डर से ग्रामीण अब अपने खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। पालतू मवेशियों पर हमले की आशंका को देखते हुए लोग शाम होते ही अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधकर स्वयं घरों के दरवाजे बंद कर रहे हैं। रात के समय गांवों की गलियां सूनी नजर आने लगी हैं और किसानों ने अकेले खेतों की रखवाली करना भी बंद कर दिया है।
वन विभाग की सक्रियता और सर्चिंग अभियान
तेंदुए की सूचना मिलते ही वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो गूड़र घाटी और आसपास के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग कर रही है। खनियाधाना के डिप्टी रेंजर पवन कुमार परिहार ने पुष्टि की है कि तेंदुए की मूवमेंट (गतिविधि) पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग की प्राथमिकता तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने या उसे वापस घने जंगल की ओर खदेड़ने की है।
ग्रामीणों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
डिप्टी रेंजर ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें तेंदुआ कहीं भी दिखाई दे, तो वे स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें और न ही उसे पत्थर मारकर उकसाएं। ऐसी स्थिति में वन्यजीव हमलावर हो सकता है। विभाग ने हिदायत दी है कि तेंदुए के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या वन्य जीव को नुकसान होने से बचाया जा सके।