Political tension, खेल मैदान बचाने का नहीं, बल्कि मैदान में डटे रहने का है

Adhiraj Awasthi

काजल सिकरवार। शिवपुरी जिले के करैरा विधानसभा के मगरौनी मैदान इस समय सियासी जंग बना हुआ है। मामला अतिक्रमण से जमीन को मुक्त कराने का था,लेकिन इस खेल के मैदान बचाने की कवायद में अपने आप को मैदान में खड़ा रखने का शक्ति प्रर्दशन भी चल रहा है,इस मैदान पर जहां वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक जुबानी खेल खेल रहे थे तो वही करैरा के भूतपूर्व विधायक थर्ड एंपायर की भूमिका मे खडे हो गए,तीन पार्टियो का भ्रमण कर भाजपा का दामन थाम चुके पूर्व विधायक ने नरवर की मीडिया बुलाकर वर्तमान विधायक पर तबाड तोड बाउंसर भी फेंक डाले और कहा यहां गेम पावर का चल रहा है।  


पहले आप समझे मामले को
जानकारी के अनुसार मगरौनी में पूर्व विधायक लाखन सिंह बघेल और उनके तीन भाईयो की जमीन है। यह जमीन सर्वे नंबर 479/1 और 479/2 की है। इसी जमीन से खसकीय खेल मैदन सटा हुआ है। खेल मैदन का सर्वे नंबर 476 है। नगर परिषद ने खेल मैदान की जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जिला स्तरीय दल मगरौनी पहुंचा। टीम का नेतृत्व पिछोर तहसीलदार शिव शंकर गुर्जर कर रहे थे। सीमांकन की कार्रवाई रात करीब 11 बजे तक चली।

इस दौरान पूर्व विधायक लाखनसिंह ममेल ने विरोध दर्ज कराया। खास बात यह रही कि भाजपा विधायक रमेश प्रसाद सखाटीक भी मौके पर मौजूद रहे। मामले की जानकारी मिलते हो काग्रेस के पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव भी वहां पहुंच गए। इसके बाद सीमांकन को लेकर तीनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। ऐसे में मगरौनी के खेल मैदन की जमीन को लेकर राजनीति गरमा गई है।

विधायक रमेश खटीक ने कहा कि खेल के मैदान की जमीन पर पूर्व विधायक कार्यकाल में विधायक निधि से खेल मैदान के लिए पहले 1.14 करोड़ और दूसरी बार 1 करोड़ रु. मंजूर किए हैं। इसके टेंडर होने वाला है, इसलिए नपाई हुई है।

मैदान से सीधा हाल,अग्निवीर बनाने की तैयारी
वर्तमान विधायक रमेश प्रसाद खटीक  का कहना है कि वे खिलाड़ियों के लिए अग्निवीर बनने का रास्ता साफ कर रहे हैं, इसलिए फीता लेकर खुद ही खड़े हो गए। दूसरी तरफ, लाखन सिंह जी को इसमें पॉवर की गूँज सुनाई दे रही है। उनका दर्द है कि बस स्टैंड और मंदिर की जमीन हजम करने वालों की नपाई क्यों नहीं हो रही,उनकी पुश्तैनी जमीन से 6 से 7 हजार फुट जमीन सरकारी घोषित करा दी।

अब थर्ड एंपायर की एंट्री:दोनो का पेट नही भर रहा
करैरा के भूतपूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव जो थर्ड अंपायर की भूमिका में नजर आए। उन्होंने बड़े ही दार्शनिक अंदाज में समाधान दिया— दोनों का पेट नहीं भर रहा, जमीन आधी-आधी बांट लो! उनके इस तंज ने साफ कर दिया कि यहाँ खेल मैदान बचाने का नहीं, बल्कि मैदान में डटे रहने का है।

अब लाखन सिंह मीडिया के माध्यम कर डाली बॉलिंग
विधायको के इस मैच में पूर्व विधायक लाखन सिंह बघेल ने आज मीडिया को बुलाकर ताबडतोड बॉलिंग प्रशासन और वर्ममान विधायक पर कर डाली,विधायक ने कहा कि  मगरौनी राम-जानकी बीसीसी खेल मैदान का सीमांकन हुआ है उससे मैं बिल्कुल संतुष्ट नहीं हूं मेरे पर लोगों द्वारा झूठा आरोप लगाया जा रहा है की मैन शासकीय जमीन पर अतिक्रमण किया है।

इससे पूर्व भी इस मैदान का सीमाकन हुआ है,लेकिन कभी भी इसमे मेरे निजी खाते ही जमीन नही निकली है। यह मेरे जमीन मेरे पुरखो की जमीन हैं, अगर सीमांकन के द्वारा मेरी जमीन मैं खेल मैदान की जगह निकल रही है तो ठीक है लेकिन मेरे द्वारा भी आवेदन दिया गया था मेरी जमीन रकबा मैं है उतनी मुझे भी सीमांकन करके देना चाहिए मेरे जगह का सीमांकन क्यों नहीं किया गया मेरी जगह भी पुलिस चौकी में निकल रही है,यह मशीन की नापतौल मेरी समझ नही आई है जरीव से सीमाकंन होना था।