शिवपुरी। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा आयोजित हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है। कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी के निर्देशन में जिले के परीक्षा केंद्रों को सुरक्षा के आधुनिक मानदंडों से लैस किया गया है।
CCTV और जैमर से सख्त निगरानी
जिले के कुल 66 परीक्षा केंद्रों में से 46 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से परीक्षार्थियों और पर्यवेक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। विशेष रूप से, 8 अति-संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाए जा रहे हैं, ताकि परीक्षा हॉल के भीतर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग असंभव हो सके। इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।
प्रश्न पत्रों की ऑनलाइन ट्रैकिंग
गोपनीय सामग्री (प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं) के वितरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन सामग्रियों को जिले के 19 थानों और 2 चौकियों में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच रखा गया है। परीक्षा के दिन केंद्राध्यक्ष और कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में प्रश्न पत्र थाने से निकाले जाएंगे। इस दौरान 'ऑनलाइन ट्रैकिंग डिवाइस' के जरिए यह ट्रैक किया जाएगा कि प्रश्न पत्र थाने से केंद्र तक कितनी देर में और किस रास्ते से पहुंचे।
भोपाल और ग्वालियर से सीधी मॉनिटरिंग
शिवपुरी के उत्कृष्ट विद्यालय जैसे प्रमुख केंद्रों की व्यवस्था ऐसी की गई है कि भोपाल में बैठे उच्चाधिकारी भी वहां की गतिविधियों को लाइव देख सकेंगे। परीक्षा प्रभारी राजाबाबू आर्य के अनुसार, तकनीक के इस उपयोग से स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
स्टाफ के मोबाइल होंगे सील
परीक्षा केंद्र के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर भी सख्ती रहेगी। प्रश्न पत्र खुलने से पहले ही सभी शिक्षकों और स्टाफ के मोबाइल फोन सील कर दिए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सुरक्षा पैकिंग युक्त गोपनीय सामग्री का वितरण 15 शहरी और 51 ग्रामीण केंद्रों के लिए कर दिया गया है।
अधिकारियों की मुस्तैदी
शनिवार को समन्वय संस्था में गोपनीय सामग्री वितरण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, परीक्षा प्रभारी राजाबाबू आर्य और माशिमं के अधिकृत प्रतिनिधि आशीष नागर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 6 वाहनों के जरिए पुलिस अभिरक्षा में सामग्री को संबंधित थानों तक पहुंचाया गया।
CCTV और जैमर से सख्त निगरानी
जिले के कुल 66 परीक्षा केंद्रों में से 46 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से परीक्षार्थियों और पर्यवेक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। विशेष रूप से, 8 अति-संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाए जा रहे हैं, ताकि परीक्षा हॉल के भीतर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग असंभव हो सके। इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।
प्रश्न पत्रों की ऑनलाइन ट्रैकिंग
गोपनीय सामग्री (प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं) के वितरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन सामग्रियों को जिले के 19 थानों और 2 चौकियों में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच रखा गया है। परीक्षा के दिन केंद्राध्यक्ष और कलेक्टर प्रतिनिधि की मौजूदगी में प्रश्न पत्र थाने से निकाले जाएंगे। इस दौरान 'ऑनलाइन ट्रैकिंग डिवाइस' के जरिए यह ट्रैक किया जाएगा कि प्रश्न पत्र थाने से केंद्र तक कितनी देर में और किस रास्ते से पहुंचे।
भोपाल और ग्वालियर से सीधी मॉनिटरिंग
शिवपुरी के उत्कृष्ट विद्यालय जैसे प्रमुख केंद्रों की व्यवस्था ऐसी की गई है कि भोपाल में बैठे उच्चाधिकारी भी वहां की गतिविधियों को लाइव देख सकेंगे। परीक्षा प्रभारी राजाबाबू आर्य के अनुसार, तकनीक के इस उपयोग से स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
स्टाफ के मोबाइल होंगे सील
परीक्षा केंद्र के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर भी सख्ती रहेगी। प्रश्न पत्र खुलने से पहले ही सभी शिक्षकों और स्टाफ के मोबाइल फोन सील कर दिए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सुरक्षा पैकिंग युक्त गोपनीय सामग्री का वितरण 15 शहरी और 51 ग्रामीण केंद्रों के लिए कर दिया गया है।
अधिकारियों की मुस्तैदी
शनिवार को समन्वय संस्था में गोपनीय सामग्री वितरण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, परीक्षा प्रभारी राजाबाबू आर्य और माशिमं के अधिकृत प्रतिनिधि आशीष नागर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 6 वाहनों के जरिए पुलिस अभिरक्षा में सामग्री को संबंधित थानों तक पहुंचाया गया।