खनियांधाना। खनियाधाना नगर परिषद और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने आज बस स्टैंड क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान बस स्टैंड और मुख्य मार्गों पर जमे फल एवं सब्जी विक्रेताओं के साथ नगर परिषद कर्मचारियों और अधिकारियों की तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर तहसीलदार निशिकांत जैन, थाना प्रभारी केदार यादव और नगर परिषद सीएमओ आशुतोष त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
सड़कों पर बिखरी सब्जियां, ट्रॉली में लादे गए ठेले
अभियान के दौरान कार्रवाई तब तनावपूर्ण हो गई जब सड़क किनारे रखे सामान और सब्जियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान काफी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं, जिन्हें परिषद के कर्मचारियों ने कचरा उठाने वाली ट्रॉली में भर लिया। सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर रहे चार पहिया ठेलों को भी प्रशासन ने जब्त कर सीधे ट्रॉली में लाद दिया। अपने माल का नुकसान होते देख महिला सब्जी विक्रेताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर ही नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ जमकर बहस की।
विक्रेताओं का पक्ष: "रोजी-रोटी पर संकट, नहीं मिली स्थाई जगह"
वीडियो में अपना दर्द बयां करते हुए सब्जी विक्रेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। विक्रेताओं का कहना है कि वे वर्षों से बस स्टैंड क्षेत्र में अपना छोटा सा व्यापार कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा आज तक उन्हें फल और सब्जी बेचने के लिए कोई स्थाई जमीन या वेंडिंग ज़ोन आवंटित नहीं किया गया है। बिना किसी ठोस विकल्प के उन्हें बार-बार उजाड़ा जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है
जाम और आपातकालीन सेवाओं के लिए जरूरी है कार्रवाई
वहीं, मामले पर सफाई देते हुए सीएमओ आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि बस स्टैंड शहर का मुख्य हिस्सा है और यहां अवैध अतिक्रमण के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इस जाम की वजह से एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों को निकलने में भारी परेशानी होती है।
स्थाई जगह के सवाल पर सीएमओ ने स्पष्ट किया, "अभी तक किसी भी सब्जी या फल विक्रेता द्वारा स्थाई जगह के लिए परिषद में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। यदि विक्रेता व्यवस्थित तरीके से आवेदन देते हैं, तो परिषद नियमानुसार उन्हें उचित स्थान चिन्हित कर देने पर विचार करेगी।"
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
तहसीलदार निशिकांत जैन और थाना प्रभारी केदार सिंह यादव की मौजूदगी में पुलिस बल ने पूरे बस स्टैंड क्षेत्र को व्यवस्थित करवाया। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में यदि पुनः सड़क पर अतिक्रमण पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सड़कों पर बिखरी सब्जियां, ट्रॉली में लादे गए ठेले
अभियान के दौरान कार्रवाई तब तनावपूर्ण हो गई जब सड़क किनारे रखे सामान और सब्जियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान काफी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं, जिन्हें परिषद के कर्मचारियों ने कचरा उठाने वाली ट्रॉली में भर लिया। सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर रहे चार पहिया ठेलों को भी प्रशासन ने जब्त कर सीधे ट्रॉली में लाद दिया। अपने माल का नुकसान होते देख महिला सब्जी विक्रेताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर ही नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ जमकर बहस की।
विक्रेताओं का पक्ष: "रोजी-रोटी पर संकट, नहीं मिली स्थाई जगह"
वीडियो में अपना दर्द बयां करते हुए सब्जी विक्रेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। विक्रेताओं का कहना है कि वे वर्षों से बस स्टैंड क्षेत्र में अपना छोटा सा व्यापार कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा आज तक उन्हें फल और सब्जी बेचने के लिए कोई स्थाई जमीन या वेंडिंग ज़ोन आवंटित नहीं किया गया है। बिना किसी ठोस विकल्प के उन्हें बार-बार उजाड़ा जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है
जाम और आपातकालीन सेवाओं के लिए जरूरी है कार्रवाई
वहीं, मामले पर सफाई देते हुए सीएमओ आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि बस स्टैंड शहर का मुख्य हिस्सा है और यहां अवैध अतिक्रमण के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इस जाम की वजह से एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों को निकलने में भारी परेशानी होती है।
स्थाई जगह के सवाल पर सीएमओ ने स्पष्ट किया, "अभी तक किसी भी सब्जी या फल विक्रेता द्वारा स्थाई जगह के लिए परिषद में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। यदि विक्रेता व्यवस्थित तरीके से आवेदन देते हैं, तो परिषद नियमानुसार उन्हें उचित स्थान चिन्हित कर देने पर विचार करेगी।"
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
तहसीलदार निशिकांत जैन और थाना प्रभारी केदार सिंह यादव की मौजूदगी में पुलिस बल ने पूरे बस स्टैंड क्षेत्र को व्यवस्थित करवाया। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में यदि पुनः सड़क पर अतिक्रमण पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।