शिवुपरी। शिवपुरी शहर के विष्णु मंदिर के पीछे वाली एक गली में एक दो मंजिला मकान का पारिवारिक विवाद सामने आया है। इस मकान के 6 वारिश थे,लेकिन सरकारी कागजों में 2 वारिसो को विलोपित कर दिया और इस मकान को आधा करोड़ की अधिक राशि मे बेच दिया है। बैराड़ में निवास करने वाले दिव्यांश बिदंल ने बताया कि मेरी दादी की 6 संताने थी। दादी के देहावसान के बाद इस मकान पर नियमानुसार 6 संतानों का हक था लेकिन मेरे 2 चाचाओ और 2 बुआओ ने मिलकर इसका फौती नामांतरण कर बेच दिया इस मकान के मालिकाना हक से 2 वारिसो के नाम विलोपित कर दिए गए है,दिव्यांश का कहना है कि मेरे 2 चाचा और 2 बुआ ने मिलकर कूट रचना की है। इस मकान की रजिस्ट्री शून्य की जाए और इन लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
बैराड़ में निवास करने वाले ब्रजेश बिंदल पुत्र स्व:नारायण लाल बिदंल ने बताया कि मेरी मॉ श्रीमती रामकली पत्नी स्व:नारायण लाल बिंदल के नाम से एक मकान दो मंजिला छत सहित स्थित ग्राम शिवपुरी टुकड़ा नंबर 2. सर्वोदय नगर (मोहन नगर) विष्णु मंदिर के पीछे की कॉलोनी, वार्ड नम्बर 27 शिवपुरी तहसील व जिला शिवपुरी म.प्र. जो कि नगर पालिका शिवपुरी सीमा में स्थित होकर पूर्णतः आवासीय उपयोग का है। मेरी मां का देहांत सन 2023 मे हो गया था।
मेरी मॉ के 6 बच्चे क्रमश मैं ब्रजेश बिंदल,दीपक,प्रदीप,उषा,सुनीता,अनीता है। नियमानुसार इस मकान के मेरी मॉ की 6 संतानों को होना था,लेकिन मेरी छोटे भाईयो और बहनो दीपक बिंदल,प्रदीप उर्फ टिंकल बिदंल, श्रीमती सुनीता ओर श्रीमती अनीता ने मिलकर शिवपुरी तहसील में तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा और पटवारी से मिलकर अपने नाम फौती नामांतरण करवा लिया। इसमे से मेरा नाम और मेरी बहन उषा का नाम विलोपित कर दिया। नामांतरण के समय हम दोनो बहनो और भाईयो को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई और ना ही हमारी कोई आपत्ति तहसील न्यायालय में ली गई है।
ब्रजेश बिदंल के बेटे दिव्यांश बिदंल ने कहा कि जब मे मेरी दादी के विष्णु मंदिर वाले मकान पर गया तो पड़ोसियों ने बताया कि यह मकान तो बिक गया है। जब इसकी तलाश की मुझे पता चला कि इस मकान का नामकरण दिनांक को हुआ है। तहसीलदार और पटवारी ने इस कूट रचना को मेरे चाचा और बुआओ के साथ मिलकर अंजाम दिया है।
दिव्यांश बिदंल का कहना है कि इस मकान को आशीष जैन पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार जैन आयु 40 वर्ष निवासी सेन्ट्रल बैंक के सामने, वार्ड नं. 06 कोर्ट रोड कैंची बीडी वालों के पास शिवपुरी तहसील व जिला शिवपुरी को आधा करोड़ रुपए से अधिक में बेच दिया गया है। मैंने इस धोखाधड़ी की शिकायत 181 पर की है और साथ में तहसील न्यायालय सहित नगर पालिका में नामांतरण पर भी रोक के लिए आवेदन दिया है।
इस पूरे मामले में 2 जिंदा लोगों को मृत कर दिया गया है। तहसील न्यायालय में झूठे शपथ पत्र लगाए है ओर इस मकान को धोखे से बेच दिया गया है। पटवारी ने इस पूरे मामले में मिलीभगत की है। दिव्यांश का कहना है कि इन चारो लोगों पर कूटरचना सहित धोखाधडी करने का मामला और इस मकान की रजिस्ट्री शून्य की जाए।
बैराड़ में निवास करने वाले ब्रजेश बिंदल पुत्र स्व:नारायण लाल बिदंल ने बताया कि मेरी मॉ श्रीमती रामकली पत्नी स्व:नारायण लाल बिंदल के नाम से एक मकान दो मंजिला छत सहित स्थित ग्राम शिवपुरी टुकड़ा नंबर 2. सर्वोदय नगर (मोहन नगर) विष्णु मंदिर के पीछे की कॉलोनी, वार्ड नम्बर 27 शिवपुरी तहसील व जिला शिवपुरी म.प्र. जो कि नगर पालिका शिवपुरी सीमा में स्थित होकर पूर्णतः आवासीय उपयोग का है। मेरी मां का देहांत सन 2023 मे हो गया था।
मेरी मॉ के 6 बच्चे क्रमश मैं ब्रजेश बिंदल,दीपक,प्रदीप,उषा,सुनीता,अनीता है। नियमानुसार इस मकान के मेरी मॉ की 6 संतानों को होना था,लेकिन मेरी छोटे भाईयो और बहनो दीपक बिंदल,प्रदीप उर्फ टिंकल बिदंल, श्रीमती सुनीता ओर श्रीमती अनीता ने मिलकर शिवपुरी तहसील में तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा और पटवारी से मिलकर अपने नाम फौती नामांतरण करवा लिया। इसमे से मेरा नाम और मेरी बहन उषा का नाम विलोपित कर दिया। नामांतरण के समय हम दोनो बहनो और भाईयो को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई और ना ही हमारी कोई आपत्ति तहसील न्यायालय में ली गई है।
ब्रजेश बिदंल के बेटे दिव्यांश बिदंल ने कहा कि जब मे मेरी दादी के विष्णु मंदिर वाले मकान पर गया तो पड़ोसियों ने बताया कि यह मकान तो बिक गया है। जब इसकी तलाश की मुझे पता चला कि इस मकान का नामकरण दिनांक को हुआ है। तहसीलदार और पटवारी ने इस कूट रचना को मेरे चाचा और बुआओ के साथ मिलकर अंजाम दिया है।
दिव्यांश बिदंल का कहना है कि इस मकान को आशीष जैन पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार जैन आयु 40 वर्ष निवासी सेन्ट्रल बैंक के सामने, वार्ड नं. 06 कोर्ट रोड कैंची बीडी वालों के पास शिवपुरी तहसील व जिला शिवपुरी को आधा करोड़ रुपए से अधिक में बेच दिया गया है। मैंने इस धोखाधड़ी की शिकायत 181 पर की है और साथ में तहसील न्यायालय सहित नगर पालिका में नामांतरण पर भी रोक के लिए आवेदन दिया है।
इस पूरे मामले में 2 जिंदा लोगों को मृत कर दिया गया है। तहसील न्यायालय में झूठे शपथ पत्र लगाए है ओर इस मकान को धोखे से बेच दिया गया है। पटवारी ने इस पूरे मामले में मिलीभगत की है। दिव्यांश का कहना है कि इन चारो लोगों पर कूटरचना सहित धोखाधडी करने का मामला और इस मकान की रजिस्ट्री शून्य की जाए।