शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करैरा में वकील की हत्या के बाद बार एसोसिएशन ने आज सोमवार को शिवपुरी जिले के सभी न्यायालय ने वकीलों ने काम बंद रखा और दिवंगत परिवार को सुरक्षा की देने की मांग करते हुए शोकाकुल परिवार को आर्थिक सहायता सदस्य सहित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और 7 दिन के भीतर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत 7 मांगें की हैं।
दिवंगत वकील को श्रद्धांजलि देने शोक सभा
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर वकीलों ने एकजुट होकर कामकाज बंद रखा। न्यायालय परिसर में दिवंगत वकील को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा आयोजित की। इसके बाद, वकीलों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रदेशव्यापी हड़ताल का समर्थन किया गया।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। साथ ही जिले के सभी न्यायालयों में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और प्रदेश में तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
बार पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर आयोजित है और शिवपुरी जिले में भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। यदि कोई अधिवक्ता हड़ताल के दौरान कार्य करता पाया गया तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी,वही शिवपुरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवपुरी के सिनियर एडवोकेट विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज हम हड़ताल पर है और यह हड़ताल पूरे मध्यप्रदेश मे है हमने अपनी मांगे रखी है वही आगे हम शिवपुरी पुलिस अधीक्षक से बातचीत करेंगे की करैरा टीआई की इस हत्याकांड में लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई देती है उन पर कार्यवाही की जाए।
करैरा में कोर्ट में स्थायी सुरक्षा और गार्ड की तैनाती
करैरा के सीनियर एडवोकेट संजय सक्सेना की 14 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे कोर्ट आते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बार एसोसिएशन ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। संघ ने मांग की है कि दिवंगत वकील के परिवार को फौरन सुरक्षा दी जाए और साथ ही आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए। वही करैरा में वकीलों ने मांग की कि
करैरा कोर्ट में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और गार्ड की तैनाती, वकीलों के लिए सुरक्षित चैंबर की व्यवस्था, मेन रोड से कोर्ट तक सीसीटीवी कैमरे लगाने, कोर्ट टाइमिंग्स में ट्रैफिक, हेल्पलाइन वाहन उपलब्ध कराने और मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी शामिल हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो 20 फरवरी तक कोर्ट बंद रखेंगे।
वकील गिरीश गोयल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 20 फरवरी तक करैरा कोर्ट में यह प्रदर्शन जारी रहेगा और कामकाज बंद रहेगा। वहीं, एडवोकेट प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को एसएएफ गार्ड तैनात करने की बात कही गई थी, लेकिन सोमवार को न्यायालय परिसर में कोई गार्ड मौजूद नहीं था।
दिवंगत वकील को श्रद्धांजलि देने शोक सभा
शिवपुरी जिला मुख्यालय पर वकीलों ने एकजुट होकर कामकाज बंद रखा। न्यायालय परिसर में दिवंगत वकील को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा आयोजित की। इसके बाद, वकीलों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रदेशव्यापी हड़ताल का समर्थन किया गया।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। साथ ही जिले के सभी न्यायालयों में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और प्रदेश में तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
बार पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर आयोजित है और शिवपुरी जिले में भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। यदि कोई अधिवक्ता हड़ताल के दौरान कार्य करता पाया गया तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी,वही शिवपुरी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवपुरी के सिनियर एडवोकेट विजय शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज हम हड़ताल पर है और यह हड़ताल पूरे मध्यप्रदेश मे है हमने अपनी मांगे रखी है वही आगे हम शिवपुरी पुलिस अधीक्षक से बातचीत करेंगे की करैरा टीआई की इस हत्याकांड में लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई देती है उन पर कार्यवाही की जाए।
करैरा में कोर्ट में स्थायी सुरक्षा और गार्ड की तैनाती
करैरा के सीनियर एडवोकेट संजय सक्सेना की 14 फरवरी की सुबह करीब 11:30 बजे कोर्ट आते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बार एसोसिएशन ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। संघ ने मांग की है कि दिवंगत वकील के परिवार को फौरन सुरक्षा दी जाए और साथ ही आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए। वही करैरा में वकीलों ने मांग की कि
करैरा कोर्ट में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और गार्ड की तैनाती, वकीलों के लिए सुरक्षित चैंबर की व्यवस्था, मेन रोड से कोर्ट तक सीसीटीवी कैमरे लगाने, कोर्ट टाइमिंग्स में ट्रैफिक, हेल्पलाइन वाहन उपलब्ध कराने और मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी शामिल हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो 20 फरवरी तक कोर्ट बंद रखेंगे।
वकील गिरीश गोयल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 20 फरवरी तक करैरा कोर्ट में यह प्रदर्शन जारी रहेगा और कामकाज बंद रहेगा। वहीं, एडवोकेट प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को एसएएफ गार्ड तैनात करने की बात कही गई थी, लेकिन सोमवार को न्यायालय परिसर में कोई गार्ड मौजूद नहीं था।