सजीव जाट बदरवास। शिवपुरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय तस्वीर सामने आई है। बदरवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक तरफ जहाँ गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ 108 एम्बुलेंस सेवा के स्टाफ ने एक बीमार मरीज की जान को खतरे में डालकर उससे गाड़ी को धक्का लगवाया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजरावन निवासी शैतान सिंह पुत्र बटन लाल आदिवासी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसे लगातार खून की उल्टियां हो रही थीं, जिसके बाद उसे रात करीब 9:30 बजे बदरवास सीएचसी लाया गया। यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल शिवपुरी के लिए रेफर कर दिया। 108 एम्बुलेंस मरीज को लेकर रवाना तो हुई, लेकिन अस्पताल परिसर से कुछ ही दूरी पर गाड़ी अचानक खराब हो गई।
मरीज की जान से खिलवाड़ और बदसलूकी
हैरानी की बात यह रही कि एम्बुलेंस स्टाफ ने दूसरा वाहन बुलाने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय, खून की उल्टियां कर रहे उसी गंभीर मरीज से एम्बुलेंस को धक्का लगवाना शुरू कर दिया। जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया जाने लगा, तो स्टाफ ने वीडियो बनाने वाले पर दबाव डाला और मोबाइल से वीडियो डिलीट कराने का प्रयास किया।
अस्पताल से नदारद हुआ मरीज
काफी हंगामे के बाद डरा-सहमा मरीज वापस बदरवास सीएचसी पहुंचा और वहाँ मौजूद स्टाफ को अपनी आपबीती सुनाई। हालांकि, अस्पताल स्टाफ ने उसे फिर से शिवपुरी जाने की सलाह दी, जिसके बाद पीड़ित मरीज अस्पताल परिसर से कहीं गायब हो गया। देर रात तक उसकी कोई खबर नहीं मिल सकी, जिससे उसकी जान पर खतरा और बढ़ गया है।
अधिकारियों का पक्ष
इस पूरे मामले में बदरवास बीएमओ (BMO) चेतन कुशवाह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजरावन निवासी शैतान सिंह पुत्र बटन लाल आदिवासी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसे लगातार खून की उल्टियां हो रही थीं, जिसके बाद उसे रात करीब 9:30 बजे बदरवास सीएचसी लाया गया। यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल शिवपुरी के लिए रेफर कर दिया। 108 एम्बुलेंस मरीज को लेकर रवाना तो हुई, लेकिन अस्पताल परिसर से कुछ ही दूरी पर गाड़ी अचानक खराब हो गई।
मरीज की जान से खिलवाड़ और बदसलूकी
हैरानी की बात यह रही कि एम्बुलेंस स्टाफ ने दूसरा वाहन बुलाने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय, खून की उल्टियां कर रहे उसी गंभीर मरीज से एम्बुलेंस को धक्का लगवाना शुरू कर दिया। जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया जाने लगा, तो स्टाफ ने वीडियो बनाने वाले पर दबाव डाला और मोबाइल से वीडियो डिलीट कराने का प्रयास किया।
अस्पताल से नदारद हुआ मरीज
काफी हंगामे के बाद डरा-सहमा मरीज वापस बदरवास सीएचसी पहुंचा और वहाँ मौजूद स्टाफ को अपनी आपबीती सुनाई। हालांकि, अस्पताल स्टाफ ने उसे फिर से शिवपुरी जाने की सलाह दी, जिसके बाद पीड़ित मरीज अस्पताल परिसर से कहीं गायब हो गया। देर रात तक उसकी कोई खबर नहीं मिल सकी, जिससे उसकी जान पर खतरा और बढ़ गया है।
अधिकारियों का पक्ष
इस पूरे मामले में बदरवास बीएमओ (BMO) चेतन कुशवाह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।