शिवपुरी। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल बोर्ड ने हाईस्कूल व हायर सेकंडरी की तरह ही कक्षा 9 एवं 11 में मौजूदा शिक्षण सत्र के लिए पूरक परीक्षा की व्यवस्था खत्म कर दी है। इस संबंध में डीपीआई भोपाल से आदेश जारी किया गया है कि अब 9वीं और 11वीं में भी कक्षा 10 व 12 की तरह पूरक परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
वरन पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय परीक्षा आगामी जुलाई माह में होगी। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव का कहना है कि इस द्वितीय अवसर परीक्षा में एक या एक से अधिक विषय में फेल होने वाले व अनुपस्थित रहने वाले सभी परीक्षार्थी - फिर से परीक्षा दे सकेंगे।
पिछले सत्र यानी कि 2024-25 से माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा - 10वीं व 12वीं के छात्रों के लिए पूरक परीक्षा की व्यवस्था खत्म कर द्वितीय परीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पिछले साल द्वितीय अवसर परीक्षा जून व जुलाई माह में - आयोजित हुई थी। अब यही व्यवस्था - कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों के लिए - लागू की गई है। इसके तहत अब पूरक परीक्षा खत्म कर द्वितीय अवसर परीक्षा आगामी जून माह के बाद होगी।
इस नई व्यवस्था से उन विद्यार्थियों को खासा लाभ होगा जो कि एक से अधिक विषयों में फेल हुए हो या फिर परीक्षा से गैर हाजिर रहे हो। बहरहाल प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग का यह निर्णय लोगों के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि 9वी और 11वीं तो स्थानीय स्तर की परीक्षा है जिसमें द्वितीय अवसर परीक्षा का औचित्य दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि सरकार का मकसद सिर्फ अब विद्यार्थियों को परीक्षा पास कराने का ही रह गया है।
वरन पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय परीक्षा आगामी जुलाई माह में होगी। जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव का कहना है कि इस द्वितीय अवसर परीक्षा में एक या एक से अधिक विषय में फेल होने वाले व अनुपस्थित रहने वाले सभी परीक्षार्थी - फिर से परीक्षा दे सकेंगे।
पिछले सत्र यानी कि 2024-25 से माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा - 10वीं व 12वीं के छात्रों के लिए पूरक परीक्षा की व्यवस्था खत्म कर द्वितीय परीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पिछले साल द्वितीय अवसर परीक्षा जून व जुलाई माह में - आयोजित हुई थी। अब यही व्यवस्था - कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों के लिए - लागू की गई है। इसके तहत अब पूरक परीक्षा खत्म कर द्वितीय अवसर परीक्षा आगामी जून माह के बाद होगी।
इस नई व्यवस्था से उन विद्यार्थियों को खासा लाभ होगा जो कि एक से अधिक विषयों में फेल हुए हो या फिर परीक्षा से गैर हाजिर रहे हो। बहरहाल प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग का यह निर्णय लोगों के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि 9वी और 11वीं तो स्थानीय स्तर की परीक्षा है जिसमें द्वितीय अवसर परीक्षा का औचित्य दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि सरकार का मकसद सिर्फ अब विद्यार्थियों को परीक्षा पास कराने का ही रह गया है।