पंचायत चुनाव: 9 लाख 75 हजार मतदाता लेंगें अपनी ग्राम सरकार बनाने में भाग, 1758 पोलिंग बूथ- Shivpuri News

शिवपुरी।
‎ त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में सरपंच बनने‎ के लिए हर बार लड़ाई-झगड़े की आशंका रहती है। हार-जीत के‎ बाद चुनावी रंजिश सालों तक‎ बनी रहती है। इससे ना सिर्फ‎ विकास कार्य प्रभावित होते हैं,‎ बल्कि गांव में नकारात्मक माहौल‎ बन जाता है। चुनावी रंजिश खत्म‎ कराने के लिए पहली बार सरकार‎ निर्विरोध सरपंच चुनने पर जोर दे‎ रही है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव‎ में निर्विरोध सरपंच चुने जाएंगे,‎ वहां मुख्यमंत्री खुद जाएंगे। ऐसी‎ ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों‎ पर खर्च करने मोटी रकम भी‎ ‎सरकार देगी। वहीं सरपंच व पंच‎ पदों पर महिलाएं निर्विरोध चुनी‎ जाएंगी, उन ग्राम पंचायतों को‎ 15-15 लाख रुपए मिलेंगे।‎ कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने‎ बताया कि चुनावी रंजिश की‎ परंपरा को खत्म करने के लिए‎ निर्विरोध चुनाव पर जोर है। यदि‎ सबकी रजामंदी से निर्विरोध‎ सरपंच चुने जाएंगे तो दोनों पक्षों‎ की जीत होगी।

गांवों के विकास में‎ बाधाएं नहीं आएंगी और गांव में‎ भी सकारात्मक माहौल रहेगा।‎ कलेक्टोरेट शिवपुरी में प्रेसवार्ता‎ ली। जिले में होने जा रहे पंचायत‎ चुनावों की रूपरेखा बताई। जिले‎ में कुल 9.75 लाख मतदाता दर्ज‎ हैं जिनमें 19 हजार 740 मतदाता‎ 18 से 19 साल के हैं, जो पहली‎ बार अपने मताधिकार का उपयोग‎ करेंगे। पूरे जिले में वोटिंग के लिए‎ 1758 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।‎

शिवपुरी जिले में कुल 587 ग्राम‎ पंचायतों में सरपंच, आठों जनपद‎ में 193 जनपद सदस्य और जिला‎ पंचायत के 25 सदस्य चुनने के‎ लिए तीन चरणों में वोटिंग होगी।‎ शिवपुरी जिले में सबसे अधिक‎ 101 ग्राम पंचायत खनियाधाना‎ जनपद में हैं। इसलिए यहां‎ मतदाताओं की भी संख्या ज्यादा‎ है।‎