करैरा काण्ड: SI राघवेन्द्र यादव की शिकायत पर 25 पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज,बच्चे का दिल किया रिर्जव !

करैरा। जिले के करैरा में हुए ढेड बर्षीय मासूम के हत्याकाण्ड के बाद उपजे विबाद के बाद अब इस मामले में एक और मोड आ गया है। इस मामले में घायल एसआई राघवेन्द्र यादव की शिकायत पर पुलिस ने 15 नामदर्ज सहित 25 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जिला है। यह कायमी ग्वालियर में जीरो पर हुई है। उसके बाद असल कायमी के लिए यह करैरा पहुंची है।

जानकारी के अनुसार करैरा के रामनगर गधाई गांव में‎ पुलिया निर्माण का विराेध कर रहे‎ परिवार और पुलिस के बीच झड़प‎ में एक साल के बच्चे शिवा जाटव‎ की मौत के बाद मंगलवार देर रात‎ उसके पिता ने करैरा थाने के दो‎ एसआई व गांव के ही एक व्यक्ति‎ पर हत्या का मुकदमा दर्ज करा‎ दिया था। अब इस मामले में नया मोड आया है।

इस मामले में पुलिस ने जिला अस्पताल से‎ गंभीर हालत में रैफर किए गए‎ एसआई राघवेंद्र सिंह यादव की‎ रिपोर्ट पर जयारोग्य हॉस्पिटल‎ ग्वालियर चौकी पुलिस ने 15‎ नामजद और 25 अन्य के खिलाफ शून्य पर हत्या के प्रयास सहित‎ तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर‎ लिया है।

ग्वालियर से डायरी आने‎ पर असल अपराध करैरा पुलिस‎ थान में पंजीबद्ध होगा। एसपी राजेश‎ सिंह चंदेल ने एफआईआर दर्ज होने‎ के बाद कोलारस एसडीओपी‎ अमरनाथ वर्मा को विवेचना सौंपी‎ है।‎एसडीओपी वर्मा बुधवार को‎ रामनगर गधाई गांव पहुंचे और मृतक‎ बच्चे के परिजन के बयान दर्ज किए।‎ घटना से संबंधित लोगों के बयान‎ दर्ज करने के साथ ही पीएम रिपोर्ट‎ भी गुरुवार काे मिल जाएगी।

इससे‎ स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर बच्चे की‎ मौत किस वजह से हुई है। वहीं बच्चे‎ की मौत को लेकर पुलिस बारीकी से‎ काम कर रही है। घटना स्थल पर‎ झड़प के दौरान कई लोग वीडियो‎ बना रहे थे, संबंधित वीडियो खंगाले‎ जा रहे हैं ताकि स्पष्ट हो सके कि‎ आखिर बच्चे की मौत कैसे हुई है।‎

दिल में छेद की आशंका,बच्चे का हार्ड रिर्जव किया
इस हादसे में जिसे बच्चे की मौत हुई है उसे लेकर क्षेत्र में तमात तरीके की चर्चाए चल रही थी। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले इस बच्चे की जांच कराने परिजन ग्वालियर गए थे। जहां डॉक्टरों ने बच्चे के दिल में छेद होने की बात कही थी। साथ ही परिजनों को बताया था कि अब यह ज्यादा दिन का मेहमान नहीं है। तो पुलिस इस मामले की भी बारीकी से जांच करना चाह रही है कि कही इसी के चलते परिजनों ने ही तो इस हत्याकाण्ड का अंजाम नहीं दिया। इसी के चलते बच्चे के हार्ड को डॉक्टरों की टीम ने रिर्जव करके अपने पास रखा है।