शिवपुरी। शिवपुरी जिला दंडाधिकारी रविन्द्र चौधरी ने शिवपुरी जिले के सभी 11 सीएमओ के साथ कुछ दिनों पूर्व कलेक्टर सभाकक्ष में बैठक की थी,इस बैठक में कलेक्टर शिवपुरी में साफ शब्दों में कहा था कि गंदे पेयजल की शिकायत मिली तो संबधित पर एफआईआर दर्ज कराऐगें। अब नगर करैरा नगर के लोग सीवर वाला पानी वर्षो से पी रहे थे। मामला उजागर हो चुका है,इसलिए श्रीमान जिला दंडाधिकारी महोदय शिवपुरी अपने वचन को सिद्ध करे और नगर परिषद सीएमओ गोपाल गुप्ता पर एफआईआर कराए।
जैसा कि विदित है कि करैरा में पिछले लंबे समय से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत की जा रही थी। बार बार पब्लिक इस गंदे पानी की शिकायत नगर परिषद करैरा के सीएफओ से कर रही थी,लेकिन सीएमओ इस मामले को गंभीरता से नही ले रहे थे और पब्लिक को सीवर वाला पानी पीने को मजबूर कर रहे थे।
गंदे पानी की सप्लाई का मामला जब अधिक तूल पकड़ गया जब इंदौर जहरीले गंदे पानी के कारण 20 लोगों को जान चली गई,तो नगर परिषद करैरा को भी नल की लाइन की खुदाई करनी पडी। खुदाई के दौरान चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ कि पानी की पाइप लाइन, सीवर लाइन के साथ फूटी हुई अवस्था में थी। इस वजह से सीवर का दूषित पानी सोधे पेयजल पाइप में मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा था। जिससे आमजन को नाली के समान गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ा।
गरीब और मध्यम वर्ग के परिकर इस प्रदूषित पानी पर पूरी तया निर्भर थे,जबकि प्रभावशाली लोगों के यहां टेकर से शुद्ध पानी पहुंचाया जाता रहा था। यह घटना नगर परिषद की गंभीर तकनीकी विफलता को उजागर करती है खास बात यह है कि नागरिकों ने इस समस्या को लेकर दर्जनों आवेदन और शिकायत सीएमओ गोपाल गुप्ता को दो, लेकिन हर बार उन्हें निराशा हाथ लगी। सीएमओ ने न तो कोई सुनवाई की और न ही कोई कार्रवाई।
सीएमओ गुप्ता की इस लापरवाही ने न केवल लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला, बल्कि लोकतंत्र में जनता की आवाज के प्रति अधिकारियों की उदासीनता को भी बेनकाब किया। करेरा नगर परिषद की लापरवाही के कारण रोगों का गुस्सा चरम पर है। उनका कहना है कि इस मामले में अधिकारियों को जांच करवानी चाहिए कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है। इस मामले में लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की जानी याहिए।
नलो मे काला पानी आता था
हम हफ्ते में दो बार पानी का टैंकर डलवाते हैं, नल में काला पानी है। जब लाइन खुदी तो पता चला की नल नहीं सीधा सीवर का पानी आता है।
पंकज जैन, स्थानीय निवासी।
यह बात सही है
यह बात सही है कि नगद में कुछ स्थानी घर नलों में गंदे पानी की शिकायत आ रही हैं। हम हर उस क्षेत्र में लीकेज चेक करवा रहे हैं, जहां से शिकायतें आ रही है। जल्द ही हर उस जगह की लाइन दुरूस्त हो जाएगी, जहां से शिकायते हैं।
गोपाल गुप्ता, सीएमओ, नप करेरा।
जैसा कि विदित है कि करैरा में पिछले लंबे समय से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत की जा रही थी। बार बार पब्लिक इस गंदे पानी की शिकायत नगर परिषद करैरा के सीएफओ से कर रही थी,लेकिन सीएमओ इस मामले को गंभीरता से नही ले रहे थे और पब्लिक को सीवर वाला पानी पीने को मजबूर कर रहे थे।
गंदे पानी की सप्लाई का मामला जब अधिक तूल पकड़ गया जब इंदौर जहरीले गंदे पानी के कारण 20 लोगों को जान चली गई,तो नगर परिषद करैरा को भी नल की लाइन की खुदाई करनी पडी। खुदाई के दौरान चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ कि पानी की पाइप लाइन, सीवर लाइन के साथ फूटी हुई अवस्था में थी। इस वजह से सीवर का दूषित पानी सोधे पेयजल पाइप में मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा था। जिससे आमजन को नाली के समान गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ा।
गरीब और मध्यम वर्ग के परिकर इस प्रदूषित पानी पर पूरी तया निर्भर थे,जबकि प्रभावशाली लोगों के यहां टेकर से शुद्ध पानी पहुंचाया जाता रहा था। यह घटना नगर परिषद की गंभीर तकनीकी विफलता को उजागर करती है खास बात यह है कि नागरिकों ने इस समस्या को लेकर दर्जनों आवेदन और शिकायत सीएमओ गोपाल गुप्ता को दो, लेकिन हर बार उन्हें निराशा हाथ लगी। सीएमओ ने न तो कोई सुनवाई की और न ही कोई कार्रवाई।
सीएमओ गुप्ता की इस लापरवाही ने न केवल लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला, बल्कि लोकतंत्र में जनता की आवाज के प्रति अधिकारियों की उदासीनता को भी बेनकाब किया। करेरा नगर परिषद की लापरवाही के कारण रोगों का गुस्सा चरम पर है। उनका कहना है कि इस मामले में अधिकारियों को जांच करवानी चाहिए कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है। इस मामले में लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की जानी याहिए।
नलो मे काला पानी आता था
हम हफ्ते में दो बार पानी का टैंकर डलवाते हैं, नल में काला पानी है। जब लाइन खुदी तो पता चला की नल नहीं सीधा सीवर का पानी आता है।
पंकज जैन, स्थानीय निवासी।
यह बात सही है
यह बात सही है कि नगद में कुछ स्थानी घर नलों में गंदे पानी की शिकायत आ रही हैं। हम हर उस क्षेत्र में लीकेज चेक करवा रहे हैं, जहां से शिकायतें आ रही है। जल्द ही हर उस जगह की लाइन दुरूस्त हो जाएगी, जहां से शिकायते हैं।
गोपाल गुप्ता, सीएमओ, नप करेरा।