शिवपुरी। कहते हैं शादियाँ विश्वास की बुनियाद पर टिकी होती हैं, लेकिन शिवपुरी के लुकवासा में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ ₹70 लाख के भारी-भरकम खर्च के बावजूद लालच की आग ठंडी नहीं हुई। महज 5 लाख रुपये के अतिरिक्त दहेज के लिए एक शिक्षित बहू को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर कर दिया गया। पल्लवी रघुवंशी, जिनका विवाह बड़े अरमानों के साथ शुभम रघुवंशी से हुआ था, आज अपने ही ससुराल की चौखट से धक्के मारकर निकाल दी गई हैं।
28 नवंबर 2023 को हुई इस शादी में पल्लवी के मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर खर्च किया था। शुरुआती चार-पांच महीने सब कुछ सुनहरे सपने जैसा रहा, लेकिन जल्द ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आने लगा। आरोप है कि पति शुभम, सास कृष्णा, ससुर महेंद्र और ननद सोनम ने पल्लवी को यह कहकर मानसिक रूप से तोड़ना शुरू कर दिया कि तुम्हारे मायके वालों ने हमारी हैसियत के मुताबिक दहेज नहीं दिया।
कोर्ट को भी किया गुमराह,साथ रहने का नाटक और फिर सड़क पर छोड़ा
यह मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कानून के साथ खिलवाड़ की भी बू आ रही है। जब विवाद बढ़ा, तो पति शुभम ने सहानुभूति बटोरने के लिए कोर्ट में धारा 9 (साथ रहने का आवेदन) लगाया। 11 फरवरी 2026 को जब पल्लवी ने भावुक होकर पति के साथ दोबारा घर बसाने की सहमति दी, तो लगा कि सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही पति के तेवर बदल गए। उसने अदालती आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पल्लवी को शिवपुरी में ही बेसहारा छोड़ दिया और खुद रफूचक्कर हो गया।
ससुराल की चौखट पर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज
अपनों से ठुकराई गई पल्लवी जब 22 फरवरी को हिम्मत जुटाकर अपने भाइयों के साथ लुकवासा स्थित ससुराल पहुँची, तो वहाँ स्वागत की जगह ज़िल्लत मिली। ससुराल वालों ने न केवल घर के दरवाजे बंद कर लिए, बल्कि पल्लवी और उसके भाइयों के साथ सरेआम धक्का-मुक्की और अभद्रता की। हार मानकर पीड़िता को महिला थाने की शरण लेनी पड़ी।
कानूनी शिकंजा, BNS की धाराओं में केस दर्ज
महिला थाना पुलिस ने पल्लवी की आपबीती सुनने के बाद मामले की गंभीरता को समझा है। पुलिस ने पति शुभम, सास कृष्णा, ससुर महेंद्र और ननद सोनम के खिलाफ BNS और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी पीड़िता को प्रताड़ित करने के पीछे की मंशा क्या थी।
28 नवंबर 2023 को हुई इस शादी में पल्लवी के मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर खर्च किया था। शुरुआती चार-पांच महीने सब कुछ सुनहरे सपने जैसा रहा, लेकिन जल्द ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आने लगा। आरोप है कि पति शुभम, सास कृष्णा, ससुर महेंद्र और ननद सोनम ने पल्लवी को यह कहकर मानसिक रूप से तोड़ना शुरू कर दिया कि तुम्हारे मायके वालों ने हमारी हैसियत के मुताबिक दहेज नहीं दिया।
कोर्ट को भी किया गुमराह,साथ रहने का नाटक और फिर सड़क पर छोड़ा
यह मामला केवल मारपीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कानून के साथ खिलवाड़ की भी बू आ रही है। जब विवाद बढ़ा, तो पति शुभम ने सहानुभूति बटोरने के लिए कोर्ट में धारा 9 (साथ रहने का आवेदन) लगाया। 11 फरवरी 2026 को जब पल्लवी ने भावुक होकर पति के साथ दोबारा घर बसाने की सहमति दी, तो लगा कि सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही पति के तेवर बदल गए। उसने अदालती आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पल्लवी को शिवपुरी में ही बेसहारा छोड़ दिया और खुद रफूचक्कर हो गया।
ससुराल की चौखट पर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज
अपनों से ठुकराई गई पल्लवी जब 22 फरवरी को हिम्मत जुटाकर अपने भाइयों के साथ लुकवासा स्थित ससुराल पहुँची, तो वहाँ स्वागत की जगह ज़िल्लत मिली। ससुराल वालों ने न केवल घर के दरवाजे बंद कर लिए, बल्कि पल्लवी और उसके भाइयों के साथ सरेआम धक्का-मुक्की और अभद्रता की। हार मानकर पीड़िता को महिला थाने की शरण लेनी पड़ी।
कानूनी शिकंजा, BNS की धाराओं में केस दर्ज
महिला थाना पुलिस ने पल्लवी की आपबीती सुनने के बाद मामले की गंभीरता को समझा है। पुलिस ने पति शुभम, सास कृष्णा, ससुर महेंद्र और ननद सोनम के खिलाफ BNS और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी पीड़िता को प्रताड़ित करने के पीछे की मंशा क्या थी।