शिवपुरी, बच्चो को न्याय दिलाने SP आफिस पहुंची मॉ,पढने वाले बच्चो की लाइफ बर्बाद कर दी TI ने

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। बीते शुक्रवार को देहात थाना सीमा में आने स्थित झांसी तिराहे पर बजरंग दल के संयोजक के कथित हमले में अब एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने इस मामले में 19 साल से कम उम्र के 2 स्टूडेंट्स पर रंगदारी का मामला दर्ज किया है। एसपी ऑफिस में स्टूडेंटस का पक्ष रखने आई मॉ का कहना था कि मामला आपस में गाड़ी टकराने के विवाद का था। देहात थाना पुलिस ने झूठा रंगदारी का मामला दर्ज कर बच्चो को जेल भेज दिया।

पुलिस ने यह भी झूठ बोला है कि बच्चों को गिरफ्तार किया है,बच्चे अपनी रिर्पोट कराने थाने पहुंचे थे,उसकी एक नहीं सुनी गई,राजनीतिक प्रभाव वालो के प्रेशर में आकर उल्टा बच्चो को थाने में ही धमकाया गया। थाने में पुलिस के सामने ही थाने से लठ्ठ निकालकर बच्चों और परिजनों को धमकाया गया,देहात थाने में इस मामले की जांच करने गए एसडीओपी शिवपुरी राजनीतिक प्रभाव वाले लोगो से पैर छुलवाकर वापस आ गए हमारी एक भी नहीं सुनी गई। करियर खत्म कर देने की धमकी दी गई।

जैसा कि विदित है कि बीते शुक्रवार की देर रात बजरंग दल के जिला संयोजक उपेन्द्र यादव पर झांसी तिराहे पर एक कथित हमला किया गया था। इस हमले में उपेंद्र की गाडी के कांच टूटे थे,देहात थाना पुलिस ने उपेन्द्र यादव की शिकायत पर दिव्यम सैनी और आशुतोष लोधी पर रंगदारी का मामला दर्ज करते हुए जेल भेज दिया था।

इसी मामले को लेकर आज दिव्यम सैनी और आशुतोष लोधी की परिजन एसपी ऑफिस शिवपुरी पहुंचे थे। दीपक सैनी की सुषमा सैनी पत्नी दीपक सैनी निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आर के पुरम शिवपुरी

मॉ का कहना था कि शुक्रवार की रात झांसी तिराहे पर उपेंद्र यादव का कार दिव्याशं सैनी और अमित लोधी का ओला स्कूटर आपस मे टकरा गया था,कार टकराने के बाद ओला स्कूटर गिर गया था। इस बात पर उपेन्द्र और बच्चों के बीच झगडा हुआ था। उपेन्द्र ने अपनी कार से बेसबॉल का डंडा निकालकर बच्चों को मारा है और अपनी गाड़ी के कांच फोडे है। मामला एक्सीडेंट के बाद झगडे का था पुलिस ने दारू पार्टी के लिए पैसे मांगने का मामला दर्ज कर लिया है।

बच्चो का कैरियर बर्बाद कर दिया,देहात थाना टीआई ने
आवेदन देने पहुंची दिव्यम सैनी की मॉ का कहना था कि दोनो बच्चे पढने वाले स्टूडेंटस है। दिव्यम सैनी बीए की पढाई कर रहा है और आईटीआई की तैयारी कर रहा है। वही आशुतोष  लोधी बीटेक का स्टूडेंटस है। इस प्रकार की झूठी कहानी बनाकर मामला दर्ज कर दिया गया है। इससे इन पढने वाले बच्चो का कैरियर पर दाग लगा दिया है।

देहात थाना पुलिस रक्षक नहीं भक्षक है
दिव्यम सैनी की मॉ का कहना है कि पुलिस रक्षक होती है लेकिन देहात थाना पुलिस रक्षक नहीं भक्षक है। बच्चों पर झूठा मामला दर्ज कर लिया गया है। हम जब देहात थाना पहुंचे थे उस समय थाने का माहौल खराब था,हमें डराने का प्रयास किया गया,हमें डराने के लिए लठ्ठ भी थाने से निकाले गए थे,हमारी एक भी नहीं सुनी और हमे भगा दिया गया था,हमारे साथ अभद्रता की गई। यह पूरे दृश्य थाने मे लगे कैमरो में कैद है। एसपी शिवपुरी से निवेदन है कि थाने के फुटेज चेक किए जाए उसमें देहात थाने की कार्यप्रणाली सामने आ जाएगी कि यह रक्षक है या भक्षक है।