शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका की खराब वित्तीय स्थिति के कारण शहर के विकास में बाधा आ रही थी,इसलिए शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन ने शहर के विकास के लिए अपनी निधि से 18 करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि शहर के प्रत्येक वार्ड के लिए सड़कों के लिए 18 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। जिससे शहर के सभी 39 वार्डो की सडको की सूरत बदली जा सके।
लेकिन कहते है कि कुत्ते की पूछ कभी सीधी नहीं होती इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए नगर पालिका ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया। विधायक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अब नगर पालिका की कार्यप्रणाली से पूरी तरह असंतुष्ट हैं और आगामी वर्ष 2026 के विकास कार्य किसी दूसरी जिम्मेदार एजेंसी से कराएंगे।
करोड़ों का बजट लेकिन फाइलों में कैद विकास
विधायक जैन ने वर्ष 2024 में 4 करोड़ रुपए दिए थे, जिसमें से नपा केवल 2 करोड़ ही खर्च कर पाई है। शेष 2 करोड़ के काम अधर में हैं। यही नहीं, गौशाला के लिए 50 लाख और तांगा स्टैंड के लिए ढाई करोड़ की राशि भी स्वीकृत है, लेकिन धरातल पर पत्थर तक नहीं लगा। वर्ष 2025 के लिए स्वीकृत 14 करोड़ रुपए की राशि भी मार्च 2026 तक मिलने वाली है, लेकिन वर्तमान हालात देखकर विधायक का भरोसा नपा से उठ चुका है।
प्रवेश द्वारों और मंडी कॉम्प्लेक्स का काम 'हवा-हवाई'
शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए 'सिटी विजन' के तहत 1.54 करोड़ से दो भव्य प्रवेश द्वार बनने थे, जिनका टेंडर अब तक प्रक्रिया में ही उलझा है। वहीं तांगा स्टैंड के पास ढाई करोड़ की लागत से बनने वाला मंडी कॉम्प्लेक्स अभी सिर्फ कागजों पर टीएनसीपी (TNCP) की अनुमति का इंतजार कर रहा है। विधायक का आरोप है कि उनकी प्राथमिकताओं वाले 80 फीसदी काम अभी तक टेंडर की फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए हैं।
नपा के 'घालमेल' और उपेक्षा से आहत विधायक
विधायक देवेंद्र जैन का दर्द मीडिया के सामने कड़े शब्दों में छलका। उन्होंने स्पष्ट कहा, "नगर पालिका पूरी तरह घालमेल कर रही है। मुख्यमंत्री स्तर से पैसा लाना मेरा काम था, जो मैंने किया। लेकिन नपा ने न तो काम समय पर किए और न ही मुझे किसी लोकार्पण या भूमिपूजन में बुलाया।" विधायक की यह तल्खी बताती है कि नपा प्रशासन ने न केवल विकास रोका है, बल्कि प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधि के सम्मान की भी धज्जियां उड़ाई हैं।
हर वार्ड को दिया फंड, पर ठेकेदारों की 'उधारी' बनी बाधा
विधायक ने हर वार्ड के लिए 10 से 50 लाख रुपए तक स्वीकृत किए हैं, जिसमें गांधी चौक, प्रगति बाजार और वार्ड-28 जैसे क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो नपा ने ठेकेदारों का पुराना भुगतान नहीं किया है, जिससे नाराज ठेकेदारों ने नए काम लेने से इनकार कर दिया है। इसी भुगतान के संकट के कारण नपा ने कई टेंडर निरस्त किए और अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया का दावा कर रही है।
हर वार्ड के लिए स्वीकृत की गई राशि
शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन ने शहर के सभी 39 वार्डो में 10 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक स्वीकृत किए हैं। इनमें 90 फीसदी काम सीसी व डामर रोड के है। बड़े कामों में शहर के वार्ड नंबर 5 व 6 के है। यहां पर 30 लाख रुपए से गांधी चौक व प्रगति बाजार में सीसी रोड पर डामरीकरण का काम होना है। वार्ड 8 में 21 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड व नाली निर्माण का कार्य, वार्ड नंबर 9 में 30 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य, वार्ड 11 में 28 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य, वार्ड 17 में 25 लाख रुपए से सीसी रोड, वार्ड 28 में सीसी रोड व नाली निर्माण सहित अन्य काम शामिल है।
ठेकेदारों के पुराने भुगतान न होने से अटके पड़े काम
सूत्रों की मानें तो अभी तक विधायक द्वारा दी गई पहले 4 करोड़ रुपए की राशि में मुख्य रूप से 39 सीसी सड़कें बनना था। इनमें से 21 सड़क तो बन गई, लेकिन 18 का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इन सभी कामों के टेंडर नगर पालिका ने कर दिए थे, लेकिन काम लेने वाले ठेकेदारों के नगर पालिका में पुराना लाखों रुपए का भुगतान रुका है।
ऐसे में ठेकेदारों का कहना है कि पुराने कामों का भुगतान नहीं हुआ और अब नया काम करके पैसा फिर क्यों फंसाएंगे। इस फेर में नगर पालिका ने उन सभी टेंडरो को निरस्त कर दिया, जिनके काम टेंडर खुलने के बाद ठेकेदारों ने नहीं किए थे। अब फिर नए सिरे से इन कामों के टेंडर किए गए है और आगामी 6 माह में काम पूरे करने के दावे किए जा रहे हैं।
लेकिन कहते है कि कुत्ते की पूछ कभी सीधी नहीं होती इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए नगर पालिका ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया। विधायक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अब नगर पालिका की कार्यप्रणाली से पूरी तरह असंतुष्ट हैं और आगामी वर्ष 2026 के विकास कार्य किसी दूसरी जिम्मेदार एजेंसी से कराएंगे।
करोड़ों का बजट लेकिन फाइलों में कैद विकास
विधायक जैन ने वर्ष 2024 में 4 करोड़ रुपए दिए थे, जिसमें से नपा केवल 2 करोड़ ही खर्च कर पाई है। शेष 2 करोड़ के काम अधर में हैं। यही नहीं, गौशाला के लिए 50 लाख और तांगा स्टैंड के लिए ढाई करोड़ की राशि भी स्वीकृत है, लेकिन धरातल पर पत्थर तक नहीं लगा। वर्ष 2025 के लिए स्वीकृत 14 करोड़ रुपए की राशि भी मार्च 2026 तक मिलने वाली है, लेकिन वर्तमान हालात देखकर विधायक का भरोसा नपा से उठ चुका है।
प्रवेश द्वारों और मंडी कॉम्प्लेक्स का काम 'हवा-हवाई'
शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए 'सिटी विजन' के तहत 1.54 करोड़ से दो भव्य प्रवेश द्वार बनने थे, जिनका टेंडर अब तक प्रक्रिया में ही उलझा है। वहीं तांगा स्टैंड के पास ढाई करोड़ की लागत से बनने वाला मंडी कॉम्प्लेक्स अभी सिर्फ कागजों पर टीएनसीपी (TNCP) की अनुमति का इंतजार कर रहा है। विधायक का आरोप है कि उनकी प्राथमिकताओं वाले 80 फीसदी काम अभी तक टेंडर की फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए हैं।
नपा के 'घालमेल' और उपेक्षा से आहत विधायक
विधायक देवेंद्र जैन का दर्द मीडिया के सामने कड़े शब्दों में छलका। उन्होंने स्पष्ट कहा, "नगर पालिका पूरी तरह घालमेल कर रही है। मुख्यमंत्री स्तर से पैसा लाना मेरा काम था, जो मैंने किया। लेकिन नपा ने न तो काम समय पर किए और न ही मुझे किसी लोकार्पण या भूमिपूजन में बुलाया।" विधायक की यह तल्खी बताती है कि नपा प्रशासन ने न केवल विकास रोका है, बल्कि प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधि के सम्मान की भी धज्जियां उड़ाई हैं।
हर वार्ड को दिया फंड, पर ठेकेदारों की 'उधारी' बनी बाधा
विधायक ने हर वार्ड के लिए 10 से 50 लाख रुपए तक स्वीकृत किए हैं, जिसमें गांधी चौक, प्रगति बाजार और वार्ड-28 जैसे क्षेत्रों की महत्वपूर्ण सड़कें शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो नपा ने ठेकेदारों का पुराना भुगतान नहीं किया है, जिससे नाराज ठेकेदारों ने नए काम लेने से इनकार कर दिया है। इसी भुगतान के संकट के कारण नपा ने कई टेंडर निरस्त किए और अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया का दावा कर रही है।
हर वार्ड के लिए स्वीकृत की गई राशि
शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन ने शहर के सभी 39 वार्डो में 10 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक स्वीकृत किए हैं। इनमें 90 फीसदी काम सीसी व डामर रोड के है। बड़े कामों में शहर के वार्ड नंबर 5 व 6 के है। यहां पर 30 लाख रुपए से गांधी चौक व प्रगति बाजार में सीसी रोड पर डामरीकरण का काम होना है। वार्ड 8 में 21 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड व नाली निर्माण का कार्य, वार्ड नंबर 9 में 30 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य, वार्ड 11 में 28 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य, वार्ड 17 में 25 लाख रुपए से सीसी रोड, वार्ड 28 में सीसी रोड व नाली निर्माण सहित अन्य काम शामिल है।
ठेकेदारों के पुराने भुगतान न होने से अटके पड़े काम
सूत्रों की मानें तो अभी तक विधायक द्वारा दी गई पहले 4 करोड़ रुपए की राशि में मुख्य रूप से 39 सीसी सड़कें बनना था। इनमें से 21 सड़क तो बन गई, लेकिन 18 का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इन सभी कामों के टेंडर नगर पालिका ने कर दिए थे, लेकिन काम लेने वाले ठेकेदारों के नगर पालिका में पुराना लाखों रुपए का भुगतान रुका है।
ऐसे में ठेकेदारों का कहना है कि पुराने कामों का भुगतान नहीं हुआ और अब नया काम करके पैसा फिर क्यों फंसाएंगे। इस फेर में नगर पालिका ने उन सभी टेंडरो को निरस्त कर दिया, जिनके काम टेंडर खुलने के बाद ठेकेदारों ने नहीं किए थे। अब फिर नए सिरे से इन कामों के टेंडर किए गए है और आगामी 6 माह में काम पूरे करने के दावे किए जा रहे हैं।