शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व में छोड़ी गई बांधवगढ़ की बाघिन MT-6 अब वन विभाग के नियंत्रण से बाहर होकर रिहायशी इलाकों में मौत का खौफ फैला रही है। अमोला घाटी से भटकती हुई यह बाघिन वापस सुरवाया के मोहम्मदपुर खुटेला गांव जा पहुंची और वहां मनीराम आदिवासी के घर (बाखर) में घुस गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को बल्कि पूरे गांव को दहशत के साये में धकेल दिया है।
भैंस पर हमला और ग्रामीणों का जमावड़ा शुक्रवार की शाम जब बाघिन खेतों के रास्ते गांव में दाखिल हुई, तो उसने एक भैंस पर हमला कर उसे घायल कर दिया। गनीमत रही कि दूसरी भैंसों के आ जाने से बाघिन वहां से हट गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर खड़े हैं और बाघिन की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
सिंधिया ने प्रशासन को आईना दिखाया बाघिन की दहशत पर जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में इंसानी दखल को जिम्मेदार ठहराया। सिंधिया ने कहा, "टाइगर अपनी जगह सही है, इंसान उसके इलाके में घुस आया है"। उन्होंने नेशनल पार्क के भीतर बसे 5 गांवों के अब तक विस्थापित न हो पाने पर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं।
भैंस पर हमला और ग्रामीणों का जमावड़ा शुक्रवार की शाम जब बाघिन खेतों के रास्ते गांव में दाखिल हुई, तो उसने एक भैंस पर हमला कर उसे घायल कर दिया। गनीमत रही कि दूसरी भैंसों के आ जाने से बाघिन वहां से हट गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर खड़े हैं और बाघिन की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
सिंधिया ने प्रशासन को आईना दिखाया बाघिन की दहशत पर जब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में इंसानी दखल को जिम्मेदार ठहराया। सिंधिया ने कहा, "टाइगर अपनी जगह सही है, इंसान उसके इलाके में घुस आया है"। उन्होंने नेशनल पार्क के भीतर बसे 5 गांवों के अब तक विस्थापित न हो पाने पर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े किए हैं।