सरकारी आंकडो में खाद उपलब्ध: खाद की किल्लत के कारण सड़कों पर किसानों का हंगामा, प्रशासन के दावों की खुली पोल - Shivpuri News

शिवपुरी। प्रशासन हर दिन खाद की उपलब्धता के आंकड़े जारी कर रहा है। कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कहीं भी खाद की किल्लत नहीं दिखाई देती है। लेकिन जमीनी स्तर पर देखें तो पूरे अंचल में किसान खाद की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं। बोवनी के समय उन्हें डीएपी नहीं मिल पा रहा है। परेशान किसान सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। कृषि विभाग के अनुसार एक दिन पहले जिले में करीब 3400 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध थी। इसके बाद भी किसान तो परेशान ही हैं।

करैरा में खाद को लेकर किसानो का चक्काजाम

सोमवार को खाद न मिलने से परेशान किसानों ने करैरा में जमकर हंगामा कर दिया। किसानों ने एसडीओपी कार्यालय के बाहर ही चक्काजाम कर दिया। किसानों के साथ आई महिलाएं भी धरने पर उनके साथ बैठ गईं। हंगामे की जानकारी लगने पर एसडीएम दिनेशचंद्र शुक्ला, एसडीओपी जीडी शर्मा, टीआइ अमित भदौरिया मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।

किसानों का कहना था कि दुकानों पर स्टॉक है, लेकिन जब प्रशासन ने जाकर जांच की तो कहीं कोई स्टॉक नहीं मिला। किसानों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही 7 ट्रक खाद आई थी। उसे गायब कर दिया गया है। हमारी बोवनी का समय है और अब भी खाद नहीं मिली तो फसल खराब हो जाएगी। करीब 2 घंटे तक किसान हंगामा करते रहे। इसके बाद मंडी प्रांगण में खाद का वितरण शुरू हुआ तो किसानों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान कुछ कांग्रेस नेता भी वहां पहुंच गए और श्रेय लेने की राजनीति की कोशिश की गई।

बदरवास में किसानो को खाद की जगह मिले धक्के

बदरवास खाद की समस्या किसानों को परेशानियों का सबब बनी हुई है प मैं खाद की बड़ी किल्लत किसान हो रहे परेशान प्रशासन नही दे रहा ध्यान लगातार किसानों की खाद की समस्या बनी हुई है विगत दिनों किसानों के विरोध के चलते उनको उनके हिस्से की खाद मिली थी चुकी गोदाम प्रभारी ओर सोसायटी प्रबंधक की सहभागिता से बदरवास के ग्राम बिजरोनी का खाद अन्य जगह बितरण किया गया था।

किसानों को पता चला तो सुबह से इस आशा में बदरवास आए की उन्हें खाद मिलेगा भूखे प्यासे किसान सुबह से लाइन में लगे थे लेकिन शाम तक लाइन में लगे होने के बाद भी उन्हें खाद नही मिला क्योकि गोदाम प्रभारी अपनी मनमर्जी से खाद दे देते हैं। लेकिन जिस सोसायटी को खाद आया है उक्त सोसायटी को नही मिलता है चुकी इसी के चलते हालात विगड़े है

इतनी उपलब्धता बता रहा प्रशासन

जिले में डीएपी, एनपीके, यूरिया एवं एसएसपी उर्वरक किसानों को वितरित किया जा रहा है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 6 नवंबर को वितरण केंद्रों से यूरिया उर्वरक 188 मी.टन, डीएपी 139 मी.टन, एनपीके 13 मी.टन तथा एसएसपी 115 मी.टन का वितरण किया गया है। कृषि विभाग ने बताया कि विपणन संघ एवं सहकारी सोसाइटी द्वारा यूरिया 66 मी.टन, डीएपी 76 मी.टन तथा एसएसपी 5 मी.टन का वितरण किया गया है।

निजी संस्थाओं द्वारा यूरिया 122 मी.टन, डीएपी 63 मी.टन, एनपीके 13 मी.टन का वितरण और एसएसपी खाद 110 मी.टन का वितरण किया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार अभी 6948 मी टन यूरिया, 3395 मी टन डीएपी, 1170 मी टन एनपीके और 8625 मी टन एसएसपी की उपलब्धता है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जब 3395 मी टन डीएपी उपलबध है तो फिर भी किसान एक-एक बोरी के लिए क्यों भटक रहे हैं।