नन्है कंधो पर स्वचछ भारत अभियान:नगर परिषद बैराड में बस्ते वालो हाथो में झाडू,शर्म नही आती CMO को

बैराड। खबर पोहरी अनुविभाग की बैराड नगर पंचायत से आ रही हैं कि बैराड की सडको की सफाई नन्है कंधो पर हैं। शर्मशार करने वाले फोटो वायरल हो रह हैै। जिन् नन्है हाथो में बस्ते झूलने थे अब उन हाथो में झाडू झूल रहे है। यह दृश्य बालश्रम के कानून का उलघन्न तो करता है साथ में सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाता हैं।

बालश्रम रोकने के लिए देश में कानून हैं। अगर सरकारी मशीनरी ही बालश्रम कराए तो क्या कहेंगें। नगर परिषद न्यू बस स्टैंड एवं कार्यालय के सामने ही सफाई कर्मचारियों का कार्य करते नावालिग छोटे छोटे बच्चे नगर में सफाई कार्य करते देखे जा रहे हैं।

वर्तमान हालातों में नगर परिषद बैराड के हाल किसी से छुपे नहीं है। जगह जगह गंदगी का आलम तो है ही साथ ही डेंगू मलेरिया कोरोना से वचाव के क्रम में किसी भी तरह का ध्यान नगर परिषद सीएमओ अजीज खां द्वारा नहीं दिया जा रहा है। जब नगर परिषद के मुखिया का ध्यान ही नगर परिषद के कार्यों पर नहीं है तो भला कर्मचारियों का क्या दोष।

नगर परिषद मैं 60 कर्मचारी पदस्थ होने के बावजूद भी इसमें वर्तमान हालात में तो नगर में छोटे छोटे नावालिग बच्चे हाथ में सफाई की झाडू थामे, इधर उधर से कचरा बटोरते देखे जा रहे हैं। जिन्हें केमरे में कैद कर लिया जा रहा है। उन्हें समझाईश भी दी जा रही है। परन्तु कोई कहने सुनने वाला नहीं है। वर्तमान हालातो में नगर परिषद बैराड के हाल बेहाल बने होकर सरे आम नियम कानून की धज्जियां उडती देखी जा रही हैं। बैराड की गलियो में पडा कचरा डेंगू,मलेरिया,कोरोना संक्रमण जैसी घातक महामारी पाल  रहा हैं।

सीएमओ कार्यालय में नही रहते मौजूद
नगर परिषद क्षेत्रवासियों को नगर समस्याओं के संबंध में जब सीएमओ के सामने वात रखनी होती है तो उनके कार्यालय में मौजूद ना रहने से बात नहीं रख पाते हैं। बताया जाता है कि सीएमओ अजीज खां ने 1 अप्रैल को अपना प्रभार संभाला था। तब से आज तक ना ही नगर की समस्याओं पर कोई ध्यान ही दिया।

 जिससे नगर में अव्यवस्थाओं का आलम होकर नगरवासियों की समस्यायें जस की तस बनी हुई हैँ शासकीय योजनाओं में रुचि ना लेने से मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त समस्याओं के निराकरण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं मैं लापरवाही बरतने पर नगरीय विकास आयुक्त सहित कलेक्टर ,एसडीएम दे चुके हैं नोटिस। नगर परिषद के कर्मचारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया गया है कि लाखों की फर्जी बिल भुगतान किए जा रहे हैं।