साहब की फीस ज्यादा हो गई हैं तुम नामातंरण के लिए 15 हजार दो: पैसा नही दिया तो फाइल निरस्त - Shivpuri News

शिवपुरी। खबर जिला मुख्यालय की तहसील से आ रही हैं कि एक किसान की नामातंरण की फाईल रिेजेक्ट हो जाने के कारण उसने तहसील में हंगामा कर दिया। उसने तहसील परिसर में हंगामा करते हुए कहा कि बाबू को रिश्वत नही दी इस कारण उसकी नामातंरण की फाइल निरस्त कर दी।

जानकारी के अनुसार राजा की मुढैरी में रहने वाले देवेन्द्र सिंह जादौन ने अपने गांव के ही एक जाटव परिवार से 1 बीघा जमीन क्रय की थी। इस जमीन की विधिवत रजिष्ट्री कराई थी और नामातंरण के लिए लोकसेवा में आवेदन दिया था। उक्त आवेदन नामातंरण के लिए तहसील पहुंच गया।

देवेन्द्र सिंह जादौन ने मीडिया को बताया कि 2 माह पूर्व जब में अपने नामातंरण के विषय में नायाब तहसीलदार के बाबू आशीष गुप्ता से मिला तो उसने कहा कि नामातंरण के प्रकरण ऐवज में 15 हजार रूपए देने होंगें।

मैने कहा मेरी 1 बीघा की रजिस्ट्री है मेने कहा मैं 15 हजार तो नहीं दे पाउंगा उसने कहा कि सहाव की फीस ज्यादा है उसके बाद मैं 4-5 दिन बाद आया तो बोला चलो 10 हजार रू. देदो मैने कहा मैं 10 हजार भी नहीं दे पाउंगा बाद में मुझसे बोले की लास्ट 7 हजार में नामांतरण होगा अन्यथा ये में कैंसेल कर दूंगा। इन्होने मेरी नामातंरण का प्रकरण कैंसिल कर दिया।

यह बताया प्रकरण निरस्त करने का कारण

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि आवेदक देवेन्द्र सिंह जादौन सिंह निवासी ग्राम मुढैरी तहसली व जिला शिवपुरी मप्र का भूमि स्थित ग्राम जामखौ का विक्रय पत्र के आधार पर नामातंरण हैतु लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से प्राप्त हुआ।

प्रकरण विधिवत दर्ज किया जाकर इश्तहार जारी किया गया

आवेदक से मूल विक्रय पत्र एंव साक्ष्य मंगाया गया परन्तु आवेदक द्धवारा मूल दस्तावेज निर्धारित समय अवधि में पेश नही किए गए। और ना ही कोई साक्ष्य पेश किया गया। एंव वह स्वयं भी उपस्थित नही रहा हैं।

मूल दस्तावेजो के अवलोकन एंव साक्ष्य के बिना विक्रय पत्र के आधार पर नामातंरण किया जाना उचित प्रतीत नही होता अत:मूल दस्तावेज व साक्ष्य पेश न किए जाने के कारण प्रकरण निरस्त किया जाता है।
वृत सर्किल सुभाषपुरा,नायब तहसीलदार आशीष यशवाल