जमीन हडपने के लिए नाबालिग को कागजो में कर दिया बालिग, नायब तहसीलदार-पटवारी सहित 12 पर मामला दर्ज

खनिधाधानां। परिवार के हर सदस्य को खो चुकी एक नाबालिग के रिश्तेदारों ने भी जमीन के लालच में उसे धोखा दे दिया। रिश्तेदारों के साथ प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस धोखाधड़ी में उनका साथ दिया। आखिरकार न्यायालय से लड़की को इंसाफ मिला और कोर्ट के आदेश पर 12 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। नाबालिग के चाचा और उसके परिवार के साथ नायाब तहसीलदार, पटवारी और तहसील के लेखक पर भी 420 सहित कूटरचित दस्तावेज बनाने का मामला दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खनियांधाना के पोटा गांव की रहने वाली रूबी पुत्री भगवान सिंह लोधी उम्र 16 वर्ष के पिता की मृत्यु 15 साल पहले हो गई। इसके बाद रूबी की मां गुड्डी उसे और उसके दूसरे बेटे पुष्पेंद्र को लेकर ग्राम सीहोरा में रहने लगी। रूबी के पिता की जमीन की देखरेख उसके चाचा प्रकाश पुत्र नंदलाल लोधी करते थे। कुछ समय बाद रूबी की मां गुड्डी और उसके भाई पुष्पेंद्र की भी मौत हो गई।

इसके बाद जमीन का मालिकाना हक रूबी का हो गया। घर में सभी की मृत्यु हो जाने के बाद रूबी अपने चाचा के साथ ही रहने लगी। एक दिन रूबी अपने सीहोरा के मकान को देखने गई तो राम सिंह, जगत सिंह, शिवप्रसाद, सोनू आदि ने उससे कहा कि पोटा में तुम्हारे पिता की जो जमीन है उसका नामांतरण तुम्हारे नाम करा देंगे। इसके बाद उसे खनियांधाना तहसील ले गए और झूठे कागज तैयार करा कर रुबी के साइन ले लिए।

इसके बाद यह लोग रूबी की जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए और जब उनसे पूछा तो कहा कि यह जमीन विक्रय हो गइ है। जब तहसील से नकल निकलवाई तो पता चला कि रूबी के स्वामत्व की भूमि में रचना और सुमन को राजस्व अभिलेख में जोड़कर फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर लिए हैं।

इसमें अधिकारियों ने सब कुछ संज्ञान में होते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद की। पुलिस ने नायाब तहसीलदार अरूण सिंह गुर्जर, पटवारी मनोज नागर, लेखक तहसील धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, रामरतन लोधी, पूरन सिंह लोधी, शिवप्रसाद, जानसिंह, रचना, सोनसिंह, सुमन, जगत सहित 12 लोगों पर धारा 420, 120बी, 467, 468, 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बिना आधार आदेश पारित किया, कलेक्टर ने भी नहीं सुनी

नायाब तहसीलदार अरुण सिंह गुर्जर और पटवारी मनोज नागर ने बिना किसी आधार के परिवादिया रूबी के साथ सुमन और रचना का नाम जोड़ दिया। जबकि शासकीय स्कूल के दस्तावेजों के अनुसार रूबी नाबालिग है।

इन दोनों ने मिलकर उसे बालिग कर दिया। इसकी शिकायत कलेक्टर और एसपी को भी की गई, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। रूबी का कहना है कि आरोपित उसे धमकाते भी हैं।