शिवपुरी। जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र से एक 18 साल की युवती के घर से गायब होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने क्षेत्र के एक सरंपच पर युवती का घर से उठाने का आरोप लगाया है,वही इस मामले में अपहरण का मामला दर्ज होना था पुलिस ने मिसिंग कंप्लेंट ली है। आज शिवपुरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर कोलारस जनपद के ग्राम लेवा की बेबस मॉ अपने पति और बेटे के साथ पहुंची और न्याय की भीख मांगते हुए बताया कि कैसे उसकी आंखों के सामने उसकी 18 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया गया।
मां की ममता पर भारी पड़ी सरपंच की धौंस
परी धाकड की मॉ ने एसपी शिवपुरी को आवेदन दिया है कि 1 मार्च 2026 की सुबह जब घर पर कोई नहीं था, तब ग्राम लेवा का 50 वर्षीय सरपंच गोवर्धन यादव अपने साथी अनिल जोगी के साथ आया। आरोप है कि सरपंच ने मां को धक्का देकर गिरा दिया और उनकी जवान परी धाकड को जबरन गाड़ी में डालकर रफूचक्कर हो गया।
थाने से दुत्कार, अब अनहोनी का डर
जब पीड़ित परिवार तेंदुआ थाने पहुंचा, तो पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया। मां का आरोप है कि आरोपी के सरपंच होने के कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही है। परिवार को डर है कि उनकी बेटी के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए,वही इस मामले मे मिसिंग कप्लेंड ली है।
40 दिन पहले भी किया गया था किडनेप
परिजनों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि ठीक 40 दिन पहले भी इन्हीं लोगों ने युवती का अपहरण किया था। तब युवती नाबालिग थी। पीड़िता के अनुसार, पिछली बार सरपंच ने उसे किसी रवि योगी को सौंपते हुए कहा था कि बच्चा हो जाए तो चली जाना।
इंसाफ की आखिरी उम्मीद
मजदूरी कर पेट पालने वाला यह गरीब परिवार अब दर-दर की ठोकरें खा रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि रसूखदार सरपंच और उसके साथियों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए।
मां की ममता पर भारी पड़ी सरपंच की धौंस
परी धाकड की मॉ ने एसपी शिवपुरी को आवेदन दिया है कि 1 मार्च 2026 की सुबह जब घर पर कोई नहीं था, तब ग्राम लेवा का 50 वर्षीय सरपंच गोवर्धन यादव अपने साथी अनिल जोगी के साथ आया। आरोप है कि सरपंच ने मां को धक्का देकर गिरा दिया और उनकी जवान परी धाकड को जबरन गाड़ी में डालकर रफूचक्कर हो गया।
थाने से दुत्कार, अब अनहोनी का डर
जब पीड़ित परिवार तेंदुआ थाने पहुंचा, तो पुलिस ने मदद करने के बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया। मां का आरोप है कि आरोपी के सरपंच होने के कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से कतरा रही है। परिवार को डर है कि उनकी बेटी के साथ कोई बड़ी अनहोनी न हो जाए,वही इस मामले मे मिसिंग कप्लेंड ली है।
40 दिन पहले भी किया गया था किडनेप
परिजनों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि ठीक 40 दिन पहले भी इन्हीं लोगों ने युवती का अपहरण किया था। तब युवती नाबालिग थी। पीड़िता के अनुसार, पिछली बार सरपंच ने उसे किसी रवि योगी को सौंपते हुए कहा था कि बच्चा हो जाए तो चली जाना।
इंसाफ की आखिरी उम्मीद
मजदूरी कर पेट पालने वाला यह गरीब परिवार अब दर-दर की ठोकरें खा रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि रसूखदार सरपंच और उसके साथियों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर उनकी बेटी को सुरक्षित वापस लाया जाए।