बैराड़। शिवपुरी जिले में चल रही 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं ने शिक्षा विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है। बैराड़ क्षेत्र से वायरल हो रहे वीडियो शासन-प्रशासन के कड़े इंतजामों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। कहीं युवक स्पाइडर-मैन बनकर छतों पर दौड़ रहे हैं, तो कहीं खिड़कियों से नकल सामग्री का सप्लाई चेन चल रहा है। सबसे हैरान करने वाला मामला फर्जी परीक्षार्थी का सामने आया है, जिसने परीक्षा की पूरी गोपनीयता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
स्पाइडर-मैन स्टाइल में नकल की डिलीवरी
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक अपनी जान जोखिम में डालकर परीक्षा केंद्र की छत पर चढ़े हुए हैं। उनका मकसद अंदर बैठे परीक्षार्थियों तक नकल की पर्चियां पहुंचाना था। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनका वीडियो बन रहा है, वे चेहरे छिपाकर भागते नजर आए।
खिड़की से गूंजते जवाब
एक अन्य 13 सेकंड के वीडियो ने विभाग की पोल खोल दी, जिसमें लोग स्कूल की दीवार के बाहर खड़े होकर अंदर बैठे छात्रों को बोल-बोलकर प्रश्नों के उत्तर लिखवा रहे हैं। क्या परीक्षा केंद्रों पर तैनात पर्यवेक्षकों और पुलिस बल को इसकी भनक नहीं लगी? यह बड़ा सवाल है।
सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा, मेरी जगह सोनम दे रही है पेपर
सबसे चौंकाने वाला वीडियो उस छात्रा का है जो स्कूल के बाहर बैठी है। पूछने पर वह बेबाकी से कह रही है कि उसका नाम दीपा है और उसकी जगह अंदर सोनम पेपर हल कर रही है। अगर यह दावा सही है, तो यह परीक्षा केंद्रों पर होने वाली चेकिंग और पहचान प्रक्रिया की सबसे बड़ी विफलता है।
विभाग का ऑल इज वेल वाला रवैया
एक तरफ ये सबूत सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं। बीईओ अवधेश तोमर का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। विभाग अब भी दावा कर रहा है कि जिले में एक भी नकल का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। सवाल यह है कि क्या नकल नहीं हो रही, या फिर जानबूझकर 'नकल' पकड़ी नहीं जा रही?
दावों की अब तक पुष्टि नहीं
सूत्रों के अनुसार, जिन परीक्षा केंद्रों से ये वीडियो वायरल हुए हैं, वे प्राइवेट स्कूलों में बनाए गए केंद्र बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इधर, शिक्षा विभाग का दावा है कि जिले भर में नकल रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अब तक आयोजित परीक्षाओं में एक भी नकल का मामला सामने नहीं आया है। विभाग का कहना है कि सख्ती के चलते नकल पर पूरी तरह नकेल कसी गई है।
वहीं, बैराड़ क्षेत्र के बीओ अवधेश तोमर ने कहा कि नकल से संबंधित कोई वीडियो या जानकारी अभी उनके संज्ञान में नहीं आई है। छात्रा के बदले दूसरी छात्रा के परीक्षा देने के आरोप की भी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोनों मामलों की जांच कराई जाएगी।
स्पाइडर-मैन स्टाइल में नकल की डिलीवरी
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक अपनी जान जोखिम में डालकर परीक्षा केंद्र की छत पर चढ़े हुए हैं। उनका मकसद अंदर बैठे परीक्षार्थियों तक नकल की पर्चियां पहुंचाना था। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनका वीडियो बन रहा है, वे चेहरे छिपाकर भागते नजर आए।
खिड़की से गूंजते जवाब
एक अन्य 13 सेकंड के वीडियो ने विभाग की पोल खोल दी, जिसमें लोग स्कूल की दीवार के बाहर खड़े होकर अंदर बैठे छात्रों को बोल-बोलकर प्रश्नों के उत्तर लिखवा रहे हैं। क्या परीक्षा केंद्रों पर तैनात पर्यवेक्षकों और पुलिस बल को इसकी भनक नहीं लगी? यह बड़ा सवाल है।
सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा, मेरी जगह सोनम दे रही है पेपर
सबसे चौंकाने वाला वीडियो उस छात्रा का है जो स्कूल के बाहर बैठी है। पूछने पर वह बेबाकी से कह रही है कि उसका नाम दीपा है और उसकी जगह अंदर सोनम पेपर हल कर रही है। अगर यह दावा सही है, तो यह परीक्षा केंद्रों पर होने वाली चेकिंग और पहचान प्रक्रिया की सबसे बड़ी विफलता है।
विभाग का ऑल इज वेल वाला रवैया
एक तरफ ये सबूत सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इसे सिरे से नकार रहे हैं। बीईओ अवधेश तोमर का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। विभाग अब भी दावा कर रहा है कि जिले में एक भी नकल का प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। सवाल यह है कि क्या नकल नहीं हो रही, या फिर जानबूझकर 'नकल' पकड़ी नहीं जा रही?
दावों की अब तक पुष्टि नहीं
सूत्रों के अनुसार, जिन परीक्षा केंद्रों से ये वीडियो वायरल हुए हैं, वे प्राइवेट स्कूलों में बनाए गए केंद्र बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इधर, शिक्षा विभाग का दावा है कि जिले भर में नकल रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और अब तक आयोजित परीक्षाओं में एक भी नकल का मामला सामने नहीं आया है। विभाग का कहना है कि सख्ती के चलते नकल पर पूरी तरह नकेल कसी गई है।
वहीं, बैराड़ क्षेत्र के बीओ अवधेश तोमर ने कहा कि नकल से संबंधित कोई वीडियो या जानकारी अभी उनके संज्ञान में नहीं आई है। छात्रा के बदले दूसरी छात्रा के परीक्षा देने के आरोप की भी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोनों मामलों की जांच कराई जाएगी।