KBC: बधाई हो आपने 25 लाख रूपए जीत लिए और ठग ने ठग लिया 17 वर्षीय किशोर को - Shivpuri News

शिवपुरी। ठग ऑनलाइन ठगी के नए नए फार्मूले निकाल लेते हैं,पिछले कई सालो से हम ऑनलाइन ठगी के खबर पढते आ रहे हैं,लोग सजग भी हो रहे हैं लेकिन ठगो के ठगी के नए फार्मुले में हम फस ही जाते हैं। ठग हमेशा अपने फार्मुले में देश की वह योजना या कोई बडे कार्यक्रम पर आधारित होते हैं जिसमें हम फस जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ हैं करैरा के इस नाबालिग किशोर के साथ। ठग ने इस किशोर को कौन बनेगा करोडपति का फार्मूला लगाते हुए उसे ठग लिया।

कौन बनेगा करोडपति कार्यक्रम में वह पैसे जितता है जो केबीसी में हॉटसीट पर बैठकर खेलता हैं,लेकिन कार्यक्रम को और अधिक आकृषित बनाने के लिए केबीसी की टीम ने घर बैठी जनता को आनलाईन भी खिलाना शुरू कर दिया है लोग खेलते भी है ओर रकम भी जीतते हैं। बस ठग ने इसी फार्मुले में अपना फार्मूला फीट कर दिया और किशोर को ठग लिया।

जानकरी के अनुसार गजेंद्र (17) पुत्र रामनिवास जाटव निवासी टोडा पिछोर के वाट्सएप पर 23 सितंबर की रात 8:30 बजे मैसेज आया, जिसमें 25 लाख रुपए की केबीसी लॉटरी में नंबर चुने जाने का जिक्र किया। ठग ने मैसेज के साथ वॉयस रिकार्डिंग भी भेज दीं जिसमें लॉटरी से संबंधित पूरी जानकारी दी गई।

25 लाख रु. के लालच में किशोर बिना सोचे समझे ठग के जाल में फंसता चला गया। 24 सितंबर की सुबह कॉल आया और बताया कि आपका चैक है। चैक की रकम सीधे खाते में जमा करने के लिए चैक रजिस्ट्रेशन के लिए 10100 रु. जमा कराने की बात कही। गजेंद्र ने 10100 रु.संबंधित खाते में जमा करा दिए।

खुद को राणा प्रताप बता रहे ठग ने गजेंद्र से वीडियो कॉलिंग की और अपना ऑफिस भी दिखाया। लॉटरी विजेता संबंधी फर्जी प्रमाण पत्र और फाइल आदि भी दिखाई। गजेंद्र का कहना है कि ठग ने मोदी सरकार की तरफ से चैक रजिस्ट्रेशन फीस के नाम से पहले 10 हजार रु. और दूसरी बार इनकम टैक्स के 18 हजार रूपए जमा करा लिए।

ठग ने फिर तीसरी बार 21 हजार रूपए जमा कराने की कहने लगा। लेकिन वह गजेन्द्र ने नही जमा कराए। गजेन्द्र ने कहा कि आप मेरे 25 लाख में से 21 हजार रूपए काट लो। ठग ने कहा कि चैक की राशि ट्रांसफर हो रही हैं। लेकिन जब मेरा चैक जमा नही हुआ और मेरे खाते में पैसे नही आए तो चैक की राशि ट्रांसफर करने में दिक्कत बताकर वाट्सएप री-इंस्टॉल कराने की बात कही।

इसके बाद गजेन्द्र को समझ में आई की उसके साथ ठगी हो गई। अब वह नंबर भी बंद आ रहा हैं गजेन्द्र ने अपने घर की ईटे बेची थी उनका पैसा घर में रखा था लालच में आकर उसने वह पैसा ठग को जमा करा दिया।