देहरदा पचावली मार्ग पर दो दो फिट के गढ्डे, विकास को मुंह चिढा रहे है - kolaras News

कोलारस। कोलारस से पचावली व खतौरा अशोक नगर का मार्ग भले ही अभी कुछ समय पूर्व तैयार हुआ हो लेकिन हाल ही में उसके खस्ता हाल सड़कों की दुर्दशा की ओर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का कोई ध्यान नहीं हैं। जबकि अभी पूरी सड़क का कार्य पूर्ण भी नहीं हुआ हैं उससे पहले ही उस सड़क में दो-दो फिट गहरे गड्डे बनकर तैयार हो गए हैं।

जबकि अभी ठीक से बारिश शुरू भी नहीं हुई हैं। यदि बारिश के समय इस सड़क का और क्या हाल होगा। इसकी चिंता अभी से नागरिकों को सताने लगी हैं। इतना ही नहीं सड़क बनाने वाले कर्ताधर्ताओं ने टोल टैक्स जरूर चालू कर दिया गया, जबकि अभी ठीक से पचावली का पुल निर्र्माण कार्य भी अभी पूर्ण नहीं हुआ हैं।

जनप्रतिनिधि विकास को लेकर अपनी पीठ खुद भले ही थप-थापा रहे हों या उनके चंद गुर्गों को निर्देशित करें कि हमने विकास की गंगा क्षेत्र में बाहाई है, उसका जनता के बीच जाकर गुणगान करो लेकिन कोलारस के विकास की कहानी इस समय देहरदा से लेकर पारसौल तक कि रोड़ स्वत: की बखान कर रही है, क्षेत्र में बनी सड़कों की हालत कितनी दयनीय बनी हुई हैं।

इस रोड की इतनी हालत खराब है कि अनेक मोटर मालिक अपने मोटरें इस रोड़ पर चलाने में अपनी असमर्थता तक जता ने लगे है, वही कुछ आमजन के कहना है कि हमारे जनप्रतिनिधियों ने बड़े ही दम से कहा था कि जब तक रोड़ और पचावली पुल का निर्माण नहीं हो जाता तब तक कोई टोल टैक्स नहीं दिया जाएगा पर एक साल से भी अधिक समय हो गया न रोड़ की दुरस्ती करण कराया हैं न ही उस सड़क की ओर ठेकेदार द्वारा ध्यान दिया जा रहा हैं।

बल्कि आने जाने वाले नागरिकों से टोल टैक्स जरूर बसूला जा रहा हैं। इस बात की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। जबकि अभी तक न पुल का निर्माण पूर्ण हो पाया हैं बल्कि रोड़ की खस्ता हालत होने के कारण नागरिक काफी परेशान बने हुए हैं।

आए दिन नागरिक रोड़ के गड्डों के कारण रोड़ पर दुर्घटनाएं तो हो ही रही है साथ ही वाहनों में भी भारी टूट फुट हो रही है। क्षेत्र के आम नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गड़करी राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से इस ओर ध्यान दिये जाने की मांग की है।