एक गलती के कारण 296 शिक्षको नही मिल पा रहा हैं सरकारी योजनाओ का लाभ, वेतन भी ऑफलाइन - Shivpuri News

शिवपुरी। 3 साल पहले अध्यापक संवर्ग का राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन किया गया था,लेकिन जिले के लगभग 7250 अध्यापको में से 296 अध्यापक ऐसे हैं जिनके 3 साल बाद भी एम्पलाइ कोड जारी नही हुए हैं। इसमें से तकरीबन 2 दर्जन से अधिक शिक्षको का राज्य शिक्षा सेवा से संविलियन नही हुआ हैं। ऐसे में वह शासकीय सुविधाओ से वंचित हैं।

1 जुलाई 2018 को प्रदेशभर के अध्यापको को कैडर बदलकर राज्य शिक्षा सेवा में मर्ज किया गया था। जिसमें से प्रदेश भर में लगभग 2 लाख 37 हजार अध्यापको का संविलियन हुआ था। इसमें से जिले में 296 शिक्षको के एम्लाइ कोड स्कूल शिक्षा विभाग द्धवारा जारी नही किए गए।

जिस वजह से इन शिक्षको को ना तो समय पर वेतन का भुगतान हो पा रहा हैं और ना ही कोरोना काल में समूह बीमा योजना जैसी शासन की योजना का लाभ मिल पा रहा हैं क्यो कि बीमा के लिए उनके वेतन से राशि नही काटी जा रही हैं।

जिले मे 03 से अधिक शिक्षको की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी हैं। जिसमे से 3 शिक्षक ऐसे थे जिनके एंपलाइ कोड जनरेट ना होने से ना तो उनको समूह बीमा योजना का लाभ मिलेगा और ना ही अनुकंपा नियुक्ति जैसी अन्य सुविधाओ का।

इसके साथ ही ऐसे शिक्षको को सातवां वेतनमान,समूह बीमा,ग्रेजुएटी,गृह भाडा भत्ता सहित अन्य शासकीय योजनाओं से भी वंचित रहना पडेगा। बदरवास ब्लॉक के प्राथमिक विदयालय बदरवास ब्लॉक के प्राथमिक विदयालय के जेपी यादव का राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन नही हुआ था।

वही बदरवास ब्लॉक के ही हाईस्कूल अटलपुर के माध्यमिक शिक्षक अनिल शर्मा का एम्लाइ कोड जारी नही हुआ था। शिवपुरी के पूर्व बीएससी रहे माजिद खान बांसखेडी में पदस्थ थे उनका भी एंपलाइ कोड जनरेट नही हुआ था जिस वजह से इन शिक्षको को शासन की किसी भी योजना लाभ नही मिल सकेगा।

पदो की स्थिति साफ ना होने से नही जारी हुए एम्पलाइ कोड विभागीय अफसरो का कहना हे कि जिले में साल 2019 में भारी तदाद में स्वैच्छिक आधार पर तबादले प्रदेश स्तर से हुए थे। इस कारण कई स्कूलो में पद रिक्त ना होने के बाद भी कई शिक्षको ने जॉइनिंग दे दी थी।

वही कई स्कूलो में पर रिक्त ना होने के बाद भी कई स्कूलों में अध्यापकों को पद विरूद्ध ज्वाईन होना पडा। यही वजह रही कि स्कूलो में अतिशेष की स्थिति निर्मित हो गई और वहां पर पद खाली ना होके कारण एम्पलाई कोड नही बन पा रहे हैं। इसलिए इन शिक्षको को आनलाईन की बजाय ऑफलाइन
सैलरी दी जा रही है।

बताया जा रहा है कि पोहरी के 41 शिक्षक,कोलारस के 20,करैरा के 14,खनियाधना के 31,शिवपुरी के 20,पिछोर के 111 सहित कुल 296 शिक्षक सरकारी योजनाओ से वंचित हैं।