जनसुनवाई जीवन की अंतिम पड़ाव में पैरालाइसिस का अटैक आने के बाद मां का साथ बेटे ने छोड़ा - Shivpuri News

शिवपुरी। जीवन की सांझ में बुजुर्गों को बस यही आस होती है कि जीवनभर जिन बच्चों का ध्यान रखा, उम्र के इस पडाव पर वे माता-पिता का ध्यान रखेंगे। आज के दौर में कमजोर पडते रिश्तों के बीच एक मां पुलिस और प्रशासन के पास इस उम्मीद में भटकती घूम रही है कि उसका बेटा उसे अपने साथ रख ले।

मंगलवार को मुन्नाीबाई पत्नी जगदीश नामदेव जनसुनवाई में पहुंची और अपने बेटे को समझाने की गुहार लगाई। पैरालाइसिस का अटैक आने के कारण अब वह चलने-फिरने में भी सक्षम नहीं है। मुन्नाीबाई ने बताया कि करीब 10 साल पहले उसके पति का देहांत हो गया था।

इसके बाद कुछ समय तक उसने मजदूरी कर अपने बेटे दीपक को पाला। शादी के बाद दीपक भोपाल चला गया और अब साथ रखने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस ने मुन्नाीबाई का आवेदन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बहन के साथ रहती हैं, अब बहन की हिम्मत भी दे रही जवाब

मुन्नाीबाई पिछले दो साल से अपनी छोटी बहन के साथ बैराड में रह रही हैं। छोटी बहन थाबोबाई का कहना है कि अब वह और ज्यादा सेवा करने में सक्षम नहीं है। जब भोपाल में दीपक को फोन लगाया तो उसकी पत्नी ने उलटा धमकाया।

कहा कि दीपक 10 दिन पहले बैराड जाने का बोलकर गया था और अभी तक नहीं आया है। तुम लोगों को फसा दूंगी। वहीं मुन्नाीबाई ने बताया कि कुछ समय पहले दीपक उसे अपने साथ ले गया और उसकी एफडी के साथ 6 हजार रूपये लेकर वापस छोड दिया।