शिवपुरी में बंद बेअसर, बंद कराने कांग्रेसी उतरे सडकों पर, जबरन बंद कराने पुलिस और समर्थकों में बहस - Shivpuri News

शिवपुरी। कृषि कानून के विरोध में किसानों द्वारा दिल्ली घेरने के बाद आज भारत बंद का ऐलान किया गया था। जिसका शिवपुरी में कोई असर दिखाई नहीं दिया। सुबह से ही दुकानें खुली रहीं। वहीं कांगे्रसी गुरूद्वारे पर एकत्रित होकर बाजार बंद करने के लिए निकले। जहां दुकानदारों से उन्होंने हाथ जोड़कर अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की और किसानों को समर्थन देने की अपील की। 

टेकरी पर बंद समर्थकों में से कुछ लोगों ने दुकानदारों से जबरन दुकान बंद करने का दबाव डाला तो वहां मौजूद टीआई बादाम सिंह यादव ने बंद समर्थकों को रोक दिया। इस दौरान दोनों के बीच बहस हुई बाद में पुलिसकर्मियों ने बंद समर्थकों को वहां से हटा दिया और उन्हें चेतावनी दी कि अगर उन्होंने किसी भी दुकानदार से जोर जर्बदस्ती की तो उन पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम की वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने वीडियोग्राफी भी की। 

सुबह किसान कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह रावत गुरूद्वारा पहुंचे। जहां उन्होंने अन्य कार्यकर्ताओं और किसानों को एकत्रित किया। इसके बाद वह रैली की शक्ल में बाजारों में बंद कराने निकले। रैली के दौरान बंद समर्थकों ने नारेबाजी की और केन्द्र सरकार को कोसा। बंद समर्थक गुरूद्वारे से होते हुए माधव चौक चौराहे पहुंचे।

जहां कोर्ट रोड़ पर उन्होंने दुकानदारों से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि वह किसानों के समर्थन में आयोजित भारत बंद के दौरान अपने प्रतिष्ठान बंद रखें। जब बंद समर्थक टेकरी पर पहुंचे तो नरसिंह मंदिर पर पहुंचे तो वहां सभी दुकानें खुली हुई थी। जिन्हें देखकर एक बंद समर्थक दुकानदार पर दबाव डाल रहा था कि वह अपनी दुकान बंद कर ले। 

इसकी सूचना वहां मौजूद टीआई बादाम सिंह यादव को मिली तो वह अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जबरन दुकान बंद करा रहे युवक को फटकार लगाई। इसके बाद वह युवक अन्य समर्थकों के साथ टीआई से बहस करने लगा। जिस पर टीआई ने उन्हें चेतावनी दी कि अगर जो दुकानदार स्वेच्छा से दुकान बंद रखता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। 

अगर उन्होंने किसी भी दुकानदार पर दबाव डाला तो वह एफआईआर दर्ज कर लेंगे। इस बहस के बाद अन्य समर्थक वहां आए जिन्होंने पुलिस से बहस कर रहे युवकों को वहां से हटाया और आगे निकल गए। बंद समर्थक टेकरी से होते हुए 14 नम्बर कोठी पहुंचे, जहां भी सभी दुकानें खुली हुई थी। इस दौरान बंद समर्थक दुकानदारों से बंद की अपील करते रहे। लेकिन अपील बेअसर रही।