पोहरी में तुलसीराम धाकड ने BMO को जमकर पीटा,कुर्सी उठाकर फैंक दी

पोहरी। खबर जिले के पोहरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से आ रही है। जहां पदस्थ एक डॉक्टर के साथ आज दोपहर में मरीज के परिजनों ने अभद्रता करते हुए गिरेबान पर हाथ डाल दिया। कुर्सी उठाकर फेंक दी। जमकर गाली-गलौज की। अस्पताल के स्टाफ ने बमुश्किल डॉक्टर को बचाया वरना वह मारपीट पर आमादा थे। बाद में डॉक्टर ने पुलिस को जानकारी दी। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया है। 

जानकारी के अनुसार पोहरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ पूर्व बीएमओ डॉ सुनील गुप्ता के साथ उस समय मारपीट कर दी गई जब यहां अपने बच्चे को लेकर इलाज के लिए ग्राम निवासी तुलसीराम ओर कल्लीराम धाकड़ अस्पताल पहुंचे थे। जिस दौरान यह आए 3 बज रहे थे डॉक्टर 2 बजे तक ओपीडी निपटाने के बाद घर चले गए थे। जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि मरीज आया है। 

वे भागे दौड़े अस्पताल पहुंचे। जैसे ही डाक्टर अस्पताल आए बालक के साथ मौजूद उसके परिजनों ने आपा खो दिया और डॉक्टर के साथ तेज आवाज में बात करते हुए गाली गलौज शुरू कर दी। उनकी कॉलर पकड़ ली। मारपीट करने वाले थे तब तक स्टाफ ने बीच-बचाव करके किसी तरह डॉक्टर गुप्ता को बचाया। गुस्से में अस्पताल की कुर्सी उठाकर फेंक दी। किसी तरह मामले को शांत करने के बाद उन्हें अस्पताल से रवाना किया गया। 

दरअसल इस बालक को लेकर जब उसके परिजन अस्पताल आए थे उसकी हालत खराब थी इसलिए डॉक्टर ने उसका परीक्षण किया और उचित इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल ले जाने की बात कही थी। यह सुनते ही वे आपा खो बैठे और गाली गलौज पर उतर आए थे। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और बदतमीजी करने लगे उनकी गिरेबान पकड़ ली हालांकि बाद में बालक और उसके परिजनों को इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। 

डॉक्टर सुनील गुप्ता के अनुसार डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर यह नई धारा पहली बार इस्तेमाल में लाई गई है। जिसमें मारपीट करने वाले लोगों को गिरफ्तारी के बाद तत्काल जमानत नहीं मिल सकेगी। उन्हें कुछ समय तक जेल में ही रहना पड़ता है।