आम आदमी पार्टी ने किया कृषि बिल का विरोध, SDM को सौंपा ज्ञापन - SHIVPURI NEWS

शिवपुरी।
किसानों से जुड़े कृषि बिलों को राज्य सभा में असंवैधानिक रूप से पारित कराने और इस असंवैधानिक प्रक्रिया का जायज विरोध कर रहे। माननीय राज्यसभा सांसदगण के अवैध निलंबन के विरोध में केन्द्र की भाजपा सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के निर्देशन पर जिला शिवपुरी के जिला संयोजक एड.पीयूष शर्मा केे नेतृत्व में प्रदर्शन जिला कलेक्टे्रट मुख्यालय पर किया गया।

इस मामले में महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में आप पार्टी के रज्जन खान, वीरेन्द्र सिंह रावत, यशवंत बाथम, योगेश खटीक, उमेश सेन, दिनेश सिंघल, सादिक खान व अशोक जाटव आदि शामिल रहे।

ज्ञापन में जानकारी देते हुए आप पार्टी जिला संयोजक एड.पीयूष शर्मा ने बताया कि पूरा देश जानता है कि भाजपा के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है फिर भी संसदीय परंपराओं को तोड़कर किसान विरोधी बिलों को नियम विरूद्ध जाकर इस सरकार ने राज्यसभा में ध्वनिमत के आधार पर असंवैधानिक तरीके से पारित कर दिया है। इस तरह केन्द्र सरकार की तरफ से की गई यह कार्यवाही पूरी तरह से असंवैधानिक, संसदीय परंपराओं और नियमों के विरूद्ध है।

इस असंवैधानिक प्रक्रिया से देश में प्रजातांत्रिक परंपराओं की विश्वसनीयता को जबर्दस्त धक्का लगा है। इस लिहाज से माननीय राष्ट्रपति इन बिलों को कानून बनने के लिए मंजूरी ना दी जावे। एड.पीयूष शर्मा ने बताया कि राज्यसभा में सरकार की तरफ से जब असंवैधानिक प्रक्रिया चल रही है तो विपक्ष के सांसदों ने इसका विरोध किया, प्रत्युत्तर में सत्ता पक्ष ने मनमाने तरीके से विद्वेषपूर्वक आप पार्टी के सांसद संजय सिंह सहित आठ सांसदों को एक सप्ताह के लिए संसद से निलंबित कर दिया गया।

यह सरकारी पक्ष का खुलेतौर पर विरोध की आवाज के खिलाफ कुठाराघात और तानाशाही रवैया है। इन हालातों में देश में प्रजातांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और संविधान को बचाने की अंतिम जिम्मेदारी माननीय राष्ट्रपति की है। लिहाजा आम आदमी पार्टी शिवपुरी मध्यप्रदेश माननीय राष्ट्रपति से अपील करती है कि माननीय राष्ट्रपति द्वारा किसान विरोधी बिलों को मंजूरी नहीं दी जावे और विपक्षी संसदों का निलंबन समाप्त करने के लिए सरकार व राज्यसभा के सभापति को निर्देशित करें।