पोहरी उपचुनाव: भाजपा और बसपा रण में, लेकिन अभी कांग्रेस रण से बहार - POHRI NEWS

शिवपुरी।
प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। लेकिन उम्मीद है कि दो तीन दिन के भीतर अधिसूचना जारी होकर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो जाएगी। पोहरी में प्रत्याशी चयन में 2018 के विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रही बसपा ने बाजी मारी है।

बहुजन समाज पार्टी ने 2018 के प्रत्याशी कैलाश कुशवाह को पुन: उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने भले ही प्रत्याशी की अधिकृत घोषणा नहीं की है। लेकिन यह माना जा रहा है कि कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में आए पूर्व विधायक सुरेश राठखेड़ा चुनाव मैदान में उतरेंगे। परंतु कांग्रेस में अभी पिक्चर साफ नहीं है और यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस चुनाव में किस चेहरे पर दाव लगाएगी। कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा न होने के कारण प्रचार प्रसार में कांग्रेस भाजपा और बसपा की तुलना मेें फिलहाल पिछड़ी हुई नजर आ रही हैं।

पोहरी विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कैलाश कुशवाह पूरी ताकत से प्रचार और प्रसार में जुट गए हैं। वह गांव-गावं जाकर जनसम्पर्क कर रहे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में श्री कुशवाह उस समय के कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राठखेड़ा से 8 हजार मतों से पराजित हुए थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद भारती तीसरे स्थान पर रहे थे। श्री कुशवाह ने कांग्रेस टिकट के लिए भी खूब जोर लगाया था।

भाजपा के संभावित प्रत्याशी सुरेश राठखेड़ा का प्रचार भी जोर-शोर से चल रहा है। गांव-गांव में उनकी सभाएं और जनसम्पर्क हो रहे हैं। पोहरी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सभा भी हो चुकी है। भाजपा ने उपचुनाव के लिए अपने प्रभारियों की घोषणा भी कर दी है। वहीं सिंधिया ने भी पोहरी विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने समर्थक हरवीर सिंह रघुवंशी, दीवान हर्षी आदि को प्रत्याशी नियुक्त किया है।

जबकि कांग्रेस में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव मैदान में कौन उतरेगा। पहले यह लग रहा था कि पूर्व विधायक हरिवल्लभ शुक्ला को कांग्रेस उम्मीदवार बनाएगी। उनके नाम की पैरवी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी की थी। लेकिन कांग्रेस ने 28 में से जिन 15 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की उनमें पोहरी शामिल नहीं थी।

जबकि करैरा विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी की घोषणा कर दी गई थी। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अभी तय नहीं कर पा रही कि वह ब्राह्मण चेहरे को चुनाव मैदान में उतारे अथवा भाजपा की तरह धाकड़ जाति के उम्मीदवार को टिकट दे। वहीं कांग्रेस में एक वर्ग बसपा प्रत्याशी कैलाश कुशवाह के लिए भी पैरवी कर रहा है।

ताजा जानकारी के अनुसार कांग्रेस में पहले लगभग एक दर्जन उम्मीदवार दौड़ में शामिल थे। लेकिन अब हरिवल्लभ शुक्ला, एन पी शर्मा,रामसिंह यादव,प्रदुम्मन वर्मा, विनोद धाकड़ और कैलाश कुशवाह के बीच में से ही किसी को उम्मीदवार बनाया जाएगा। इससे टिकट के अन्य दावेदार शिथिल होकर घर बैठ गए हैं। अन्य टिकट की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों में भी अधिक उत्साह नजर नहीं आ रहा है।

यहीं कारण है कि चुनाव प्रचार-प्रसार की दौड़ में कांग्रेस फिलहाल पिछड़ी हुई नजर आ रही है। कांग्रेस के किसी भी नेता का अभी दौरा कार्यक्रम नहीं बना। सिर्फ पोहरी विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी राजकुमार पटेल अवश्य सक्रिय हैं। लेकिन फीडबैक लेने के स्थान पर वह अपने रिश्तेदार प्रधुम्र वर्मा को उम्मीदवार बनाए जाने के गुणा भाग में लगे हुए हैं।