अनिमित्ताओं और शिकायतों के बाद हटाए गए गौ शाला में तैनात नपा के कर्मचारी / Shivpuri News

शिवपुरी। पिछले पांच साल में भ्रष्टाचार और अनियमित्ताओं के मामलों में पूरे प्रदेश भर की नगर पालिका में अपना रिकार्ड कायम करने वाली नगर पालिका शिवपुरी में पदस्थ कर्मचारियों की मानवीय संवेदना इतनी मर चुकी हैं कि उन्होंने लुधावली गौ शाला में पल रही वेजुवान गायों के चारे को भी खाने में तनिक भी संकोच नहीं किया।

हद तो तब हो गई जब नपा में पदस्थ एक ट्रेक्टर चालक मृत गायों के शरीर को कसाईयों के हाथों बेचकर उनकी खाल उतरबाने का पैसा बसूलता था। बताया गया हैं कि एक साल में भूख प्यास से तड़पते हुए 200 से अधिक गायों की मौत हो चुकी हैं जिसकी पुष्टि स्वयं वहां पदस्थ चिकित्सक द्वारा की गई हैं।

नगर पालिका द्वारा संचालित लुधावली गौ शाला में कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार का खुलासा बीते रोज तब हुआ जब एक ही दिन में एक दर्जन से अधिक गायों की मौत हुई। गायों की मौत का मामला शिवपुरी विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने तत्काल एक कमेटी बनाकर गौशाला की मॉनीटरिंग कराई गई।

अपने भाजपा के कार्यकर्ताओं को मॉनीटरिंग के तहत जो मामला सामने आया वह बेहद चौकाने वाला और मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला सामने आया। बताया गया हैं कि नपा कर्मचारी जो गौशाला के प्रभारी के तौर पर देख रेख करने के लिए तैनात किए गए थे।

वे वेजुवान गायों के लिए मिलने वाले चारे  को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रहे थे। दिखावे के लिए भूसा (चारा) में रेत, गोबर की खाद व अन्य कई चीजों का मिश्रण करते थे। जिसके कारण गाय उस चारे को खाना तो दूर उसे देख कर ही अपना मुंह फेर लेती थीं।  

चारे पानी के अलावा गौशाला के लिए अन्य व्यवस्थाओं से मिलने वाले धन का भी बंदरबांट कर लिया गया। इन तमाम अनियमित्ताओं की जानकारी भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विपुल जैमिनी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की शिकायत पर गौ शाला प्रभारी पूरन सिंह कुशवाह सहित 7 कर्मचारियों को तत्काल हटाकर नगर पालिका के अन्य 11 कर्मचारियों गौ शाला की देख रेख के लिए तैनात कर दिया गया।

इतना ही नहीं शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया के निर्देश पर गौशाला के कर्मचारियों का रजिस्ट्रर भी बना दिया गया साथ कितनी गाय गौ शाला में हैं जिसकी जानकारी भी अंकित की जाएगी। जिससे गायों के हिसाब चारे की व्यवस्था की जाएगी।

साल भर में मर चुकी हैं 200 से अधिक गाय

नगर पालिका द्वारा शासकीय एवं दानदाताओं के धन से संचालित लुधावली गौ शाला में वर्तमान में 170 गाय पल रही हैं। बताया गया हैं कि इस गौशाला में 400 से अधिक गाय मौजूद थी। जिनमें से एक वर्ष के अंदर 200 गायों की मौत भूख प्यास के चलते हो गई।

बताया गया हैं कि गौ शाला के लिए मिलने वाले धन को नपा के वे कर्मचारी आपस में बंदरबांट करलेते थे जिन्हें गौ शाला की देखरेख के लिए वहां तैनात किया गया था। बताया गया हैं कि नपा के कर्मचारी एक दिन में आठ क्विंटल भूसा गायों को खिलाने की बाता रहे थे। लोगों का कहना हैं कि यदि एक दिन में आठ क्विंटल भूसा खिलाया जाता तब भूख के कारण एक भी गाय की मौत नहीं होती।

मृत गायों का सौंदा करने वाले कर्मचारी के खिलाफ की कार्यवाही

मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला नपा में पदस्थ एक ट्रेक्टर चालक नरेन्द्र गौ शाला में मरने वाली गायों को दफनाने की जगह कसाईयों के हाथों चंद पैसों के लालच में बेच दिया करता था।

कसाई मृत गायों के शरीर से बेरहमी से खाल को खींचते थे और कंकाल को खुले मैदान में छोड़ जाते थे जिन्हें बाद में शिकारी कुत्तों द्वारा चीथ लिया जाता था। गत दिवस उक्त नरेन्द्र नाम के ट्रेक्टर चालक कर्मचारी को नपा सीएमओ ने लोगों की शिकायत पर रंगे हाथों मृत बैल को कसाई को सौंपने के बाद पकड़ लिया गया। इस आरोप में नपा सीएमओ ने नोटिस देकर उसके खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करने की बात कहीं हैं।

लुधावली गौ शाला में गायों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के लिए तैनात किए गए पशु चिकित्सक कई महिनों से गायब हैं। बताया गया हैं कि उक्त चिकित्सक बीमार गायों की देख रेख नहीं करते वे अपने घर श्योपुर रहते हैं उनका कहना हैं कि वे बीमारी के चलते घर चले गए थे। जिन गायों की मौत हुई वह बीमारी के कारण नहीं बल्कि पॉलिथिन खाने की बजह से हुई हैं।