शिवपुरी। महिलाओं का धर्म के नाम पर आसानी से शिकार बना लिया जाता है,धर्म के नाम पर ठगी होने के 3 मामला सामने आए है। 2 मामलों में ठगो ने अपनी मार्केटिंग का जाल फेंका जिसमें 2 महिलाएं फस गई,एक महिला का सोने का मंगलसूत्र गया और एक महिला के नगदी 7500 रुपए का चूना लग गया। वही एक व्यक्ति से बाकडे पर भंडारे के नाम पर 4 हजार की ठगी का मामला सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक वर्मा कॉलोनी निवासी दुर्गेश शर्मा उम्र 52 साल पत्नी प्रताप नारायण शर्मा से मंगलवार को तीन बदमाशों ने 7500 रु. ठग लिए। बदमाश साधुओं का चोला ओढ़कर भिक्षा मांगने आए थे। आटा मांगने घर के बाहर आए। दुर्गेश शर्मा कटोरी में आटा लेकर पहुंची। बदमाश ने एक चुटकी आटा लिया और दूसरे साथी ने कहा कि बाबा पटिया वाले हैं। ये सब कुछ बता देते हैं। दुर्गेश ने घर के अंदर बुला लिया। बदमाश ने कहा कि घर में बाधा है, चोला चढ़ा देंगे। लेकिन इसके एवज में 15 हजार रु. मांगे।
दुर्गेश ने इतने पैसे न होने पर मना कर लिया। फिर विकल्प के रूप में रकम आधी कर दी। दुर्गेश ने घर में रखे 7500 रु. कैश लाकर दे दिए। कहने लगे कि हम बांकड़े मंदिर से आए हैं, वहां भंडारा चल रहा है। बातों में उलझाकर बदमाश भाग गए। एसएएफ की 18वीं बटालियन में पदस्थ हेड कांस्टेबल प्रताप नारायण ने रविवार को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
ठग की फर्जी पुलिस वाले ने मार्केटिंग,मंगलसूत्र गायब
कोलारस के मानीपुरा निवासी 50 वर्षीय उमा परमार पत्नी पूरन परमार रविवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीओपी कार्यालय से सटे माता मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। दर्शन के बाद लौटते समय एक बाइक सवार युवक ने उन्हें रोका। उसने खुद को अयोध्या का रहने वाला बताया और दावा किया कि वह ग्रह-क्लेश व पारिवारिक परेशानियां दूर करने का जानकार है। युवक ने कहा कि वह कोलारस में एक डॉक्टर से मिलने आया है।
नकली पुलिसकर्मी ने जीता भरोसा
इसी दौरान एक अन्य युवक पैदल वहां पहुंचा, जिसने खुद को पुलिसकर्मी बताया। वह सादे कपड़ों में था। पहले युवक ने कथित पुलिसकर्मी के सामने दूसरे ठग के बारे में कुछ बातें कहीं, जिन्हें पुलिसकर्मी ने सही बताते हुए उसे 'बड़ा जानकार' बताया। इसके बाद इस 'जानकार' ने उमा परमार को उनकी पारिवारिक परेशानियों के बारे में बताकर उन्हें दूर करने का झांसा दिया।
मंगलसूत्र उतरवाया और फरार
ठग ने महिला से गले में पहना सोने का मंगलसूत्र उतारकर हाथ में लेने को कहा। इसके बाद मंगलसूत्र कथित पुलिसकर्मी को पकड़ाकर कुछ कदम आगे चलने और पीछे मुड़कर न देखने की हिदायत दी। महिला ने भरोसे में आकर जैसे ही कुछ कदम आगे बढ़ाए, दोनों ठग बाइक स्टार्ट कर एक ही बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
CCTV में कैद हुए आरोपी
घटनास्थल एसडीओपी कार्यालय की दीवार के पास है। वहां से निकलते समय दोनों ठग सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। हालांकि, दोनों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मौके का मुआयना किया है और फुटेज के आधार पर अज्ञात ठगों की तलाश की जा रही है।
कॉल किया तो बांकड़े जी पर कोई भंडारा नहीं निकला
बांकड़े जी पर भंडारे की बात की पुष्टि के लिए मंदिर पर कॉल लगाया। लेकिन वहां कोई भंडारा नहीं था। ठगी की घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश का हुलिया व चेहरा साफ दिख रहा था। मनियर के व्यक्ति का कॉल आया कि बदमाशों ने मुझसे भी 4 हजार रु. ठग लिए हैं। यह बदमाश शहर में जगह जगह घूमकर इसी तरह ठगी कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक वर्मा कॉलोनी निवासी दुर्गेश शर्मा उम्र 52 साल पत्नी प्रताप नारायण शर्मा से मंगलवार को तीन बदमाशों ने 7500 रु. ठग लिए। बदमाश साधुओं का चोला ओढ़कर भिक्षा मांगने आए थे। आटा मांगने घर के बाहर आए। दुर्गेश शर्मा कटोरी में आटा लेकर पहुंची। बदमाश ने एक चुटकी आटा लिया और दूसरे साथी ने कहा कि बाबा पटिया वाले हैं। ये सब कुछ बता देते हैं। दुर्गेश ने घर के अंदर बुला लिया। बदमाश ने कहा कि घर में बाधा है, चोला चढ़ा देंगे। लेकिन इसके एवज में 15 हजार रु. मांगे।
दुर्गेश ने इतने पैसे न होने पर मना कर लिया। फिर विकल्प के रूप में रकम आधी कर दी। दुर्गेश ने घर में रखे 7500 रु. कैश लाकर दे दिए। कहने लगे कि हम बांकड़े मंदिर से आए हैं, वहां भंडारा चल रहा है। बातों में उलझाकर बदमाश भाग गए। एसएएफ की 18वीं बटालियन में पदस्थ हेड कांस्टेबल प्रताप नारायण ने रविवार को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
ठग की फर्जी पुलिस वाले ने मार्केटिंग,मंगलसूत्र गायब
कोलारस के मानीपुरा निवासी 50 वर्षीय उमा परमार पत्नी पूरन परमार रविवार दोपहर करीब 12 बजे एसडीओपी कार्यालय से सटे माता मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। दर्शन के बाद लौटते समय एक बाइक सवार युवक ने उन्हें रोका। उसने खुद को अयोध्या का रहने वाला बताया और दावा किया कि वह ग्रह-क्लेश व पारिवारिक परेशानियां दूर करने का जानकार है। युवक ने कहा कि वह कोलारस में एक डॉक्टर से मिलने आया है।
नकली पुलिसकर्मी ने जीता भरोसा
इसी दौरान एक अन्य युवक पैदल वहां पहुंचा, जिसने खुद को पुलिसकर्मी बताया। वह सादे कपड़ों में था। पहले युवक ने कथित पुलिसकर्मी के सामने दूसरे ठग के बारे में कुछ बातें कहीं, जिन्हें पुलिसकर्मी ने सही बताते हुए उसे 'बड़ा जानकार' बताया। इसके बाद इस 'जानकार' ने उमा परमार को उनकी पारिवारिक परेशानियों के बारे में बताकर उन्हें दूर करने का झांसा दिया।
मंगलसूत्र उतरवाया और फरार
ठग ने महिला से गले में पहना सोने का मंगलसूत्र उतारकर हाथ में लेने को कहा। इसके बाद मंगलसूत्र कथित पुलिसकर्मी को पकड़ाकर कुछ कदम आगे चलने और पीछे मुड़कर न देखने की हिदायत दी। महिला ने भरोसे में आकर जैसे ही कुछ कदम आगे बढ़ाए, दोनों ठग बाइक स्टार्ट कर एक ही बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
CCTV में कैद हुए आरोपी
घटनास्थल एसडीओपी कार्यालय की दीवार के पास है। वहां से निकलते समय दोनों ठग सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। हालांकि, दोनों ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मौके का मुआयना किया है और फुटेज के आधार पर अज्ञात ठगों की तलाश की जा रही है।
कॉल किया तो बांकड़े जी पर कोई भंडारा नहीं निकला
बांकड़े जी पर भंडारे की बात की पुष्टि के लिए मंदिर पर कॉल लगाया। लेकिन वहां कोई भंडारा नहीं था। ठगी की घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश का हुलिया व चेहरा साफ दिख रहा था। मनियर के व्यक्ति का कॉल आया कि बदमाशों ने मुझसे भी 4 हजार रु. ठग लिए हैं। यह बदमाश शहर में जगह जगह घूमकर इसी तरह ठगी कर रहे हैं।