शिवपुरी। शिवपुरी शहर के प्रसिद्ध स्कूल किड्स गार्डन स्कूल के स्टूडेंट रहे हिमांग रावत का चयन पद पर हुआ है। हिमांग शुरू से ही प्रतिभावान छात्र रहे है और उन्होंने वर्ष 2019-20 में कक्षा 12वीं में 94.5 फीसदी अंक लाकर शिवपुरी जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद हिमांग ने सीडीएस का टेस्ट दिया और फिर हिमांग का चयन लेफ्टिनेंट पद के लिए हुआ है। हिमांग की इस उपलब्धि पर शहर के कई लोगों ने बधाई दी है।
हिमांग ने शिवपुरी समाचार डॉट कॉम से बातचीत करते हुए कहां कि स्टूडेंटस की पढने का गोल्डन टाइम 20 से 25 साल की उम्र तक रहता है। जॉब की तैयारी करते समय सपने छोटे नहीं रखे और र्धर्य का अपना अस्त्र बनाए सफलता अवश्य मिलेगी। हिमांग का कहना था कि जब मैंने बीटेक किया था तो तत्काल नौकरी नहीं की आगे पढ़ाई जारी रखी और अपने टारगेट पर फोकस किया था।
मेरा सपना शुरू से ही देश सेवा करना था,इसलिए मैंने बीटेक करने के बाद तत्काल कोई भी नौकरी नहीं की,यह मेरा दूसरा प्रयास था,पहले प्रयास की असफलता से मैने बहुत कुछ सीखा फिर प्लानिंग बनाकर अपने लक्ष्य पर रहा और आज ईश्वर और अपने गुरु सहित ओर माता पिता का आर्शीवाद से मुझे सफलता मिल गई।
हिमांग का कहना था कि मैंने अपने नोट्स पर फोकस किया,दिन भर में चार से पांच घंटे ही पढता था,जहां से जो सीखने का मिला में सीखा और हमेशा पढ़ते रहना चाहिए और पढने से अच्छा इस संसार में कुछ भी नहीं है।
हिमांग ने शिवपुरी समाचार डॉट कॉम से बातचीत करते हुए कहां कि स्टूडेंटस की पढने का गोल्डन टाइम 20 से 25 साल की उम्र तक रहता है। जॉब की तैयारी करते समय सपने छोटे नहीं रखे और र्धर्य का अपना अस्त्र बनाए सफलता अवश्य मिलेगी। हिमांग का कहना था कि जब मैंने बीटेक किया था तो तत्काल नौकरी नहीं की आगे पढ़ाई जारी रखी और अपने टारगेट पर फोकस किया था।
मेरा सपना शुरू से ही देश सेवा करना था,इसलिए मैंने बीटेक करने के बाद तत्काल कोई भी नौकरी नहीं की,यह मेरा दूसरा प्रयास था,पहले प्रयास की असफलता से मैने बहुत कुछ सीखा फिर प्लानिंग बनाकर अपने लक्ष्य पर रहा और आज ईश्वर और अपने गुरु सहित ओर माता पिता का आर्शीवाद से मुझे सफलता मिल गई।
हिमांग का कहना था कि मैंने अपने नोट्स पर फोकस किया,दिन भर में चार से पांच घंटे ही पढता था,जहां से जो सीखने का मिला में सीखा और हमेशा पढ़ते रहना चाहिए और पढने से अच्छा इस संसार में कुछ भी नहीं है।