खनियांधाना। नगर की ऐतिहासिक धरोहर और जन-जन की अटूट श्रद्धा के केंद्र श्री श्री 1008 श्री मार बगीचा मंदिर के कायाकल्प की प्रतीक्षा अब समाप्त हो गई है। शनिवार को खनियाधाना राजमहल के कुंवर ध्रुव राज बुंदेला के मुख्य आतिथ्य में मंदिर के जीर्णोद्धार हेतु भव्य भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस आयोजन के साथ ही वर्षों पुराने इस प्राचीन सिद्ध स्थान को भव्य और दिव्य स्वरूप देने का कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है।
राजमहल और समाज का साझा संकल्प
"आओ हनुमान जी का मंदिर बनाएं" के पावन संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में कुंवर ध्रुवराज बुंदेला ने विधि-विधान से पूजन कर पहली ईंट रखी। इस अवसर पर उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि, "प्राचीन मंदिर हमारी संस्कृति और पहचान के स्तंभ हैं। इनका संरक्षण और जीर्णोद्धार करना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है।" उन्होंने राजमहल परिवार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए नगरवासियों को इस पुनीत कार्य की बधाई दी।
सर्व हिंदू समाज का मिलेगा सहयोग
इस प्राचीन मंदिर का निर्माण किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि सर्व हिंदू समाज के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है। मंदिर समिति ने बताया कि यह जीर्णोद्धार जन-भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। भूमि पूजन के दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनके चेहरों पर अपनी प्राचीन विरासत को नए स्वरूप में देखने की खुशी साफ झलक रही थी।
राजमहल और समाज का साझा संकल्प
"आओ हनुमान जी का मंदिर बनाएं" के पावन संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में कुंवर ध्रुवराज बुंदेला ने विधि-विधान से पूजन कर पहली ईंट रखी। इस अवसर पर उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि, "प्राचीन मंदिर हमारी संस्कृति और पहचान के स्तंभ हैं। इनका संरक्षण और जीर्णोद्धार करना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है।" उन्होंने राजमहल परिवार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए नगरवासियों को इस पुनीत कार्य की बधाई दी।
सर्व हिंदू समाज का मिलेगा सहयोग
इस प्राचीन मंदिर का निर्माण किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि सर्व हिंदू समाज के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है। मंदिर समिति ने बताया कि यह जीर्णोद्धार जन-भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। भूमि पूजन के दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनके चेहरों पर अपनी प्राचीन विरासत को नए स्वरूप में देखने की खुशी साफ झलक रही थी।