Shivpuri News: रन्नोद में भीड़ के हमले का शिकार हुए 2 आरक्षित लाइन अटैच

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिले के रन्नौद थाने में पदस्थ 2 आरक्षकों को शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने लाइन अटैच कर दिया है,यह वही आरक्षक है जिनका 31 जनवरी को एक वाहन की चालानी कार्यवाही करते हुए विवाद हो गया था। इस विवाद में आरक्षक का सिर फूट गया था,और विवाद करने वाले 2 महिलाओं सहित 6 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था।

जैसा कि विदित है कि 4 दिन पूर्व जिले के रन्नौद थाना सीमा के सामने कार चेकिंग दौरान चालानी कार्यवाही में विवाद हो गया था। चालानी कार्यवाही से भड़के लोगों ने आरोपियों ने फर्सी के टुकड़े से आरक्षक के सिर और गाल पर वार कर उसे लहूलुहान कर दिया था। जमीन पर गिरने के बाद भी लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को तीन महिलाओं समेत 6 आरोपियों को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है।

31 जनवरी 2026 को शाम करीब 4:30 बजे उनकी ड्यूटी थाना के सामने वाहन चेकिंग में लगी थी। उनके साथ सहायक उप निरीक्षक दशरथ सिंह राजपूत और आरक्षक सिद्धनाथ गौड़ भी मौजूद रहे। इसी दौरान पिछोर की ओर से आ रही एक ईको कार (MP 08 ZJ 4676) को बिना सीट बेल्ट चलाने पर रोका गया और मनोज जाटव पर चालानी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के कुछ देर बाद निलेश जाटव, कालीचरण जाटव और जीतू जाटव बाइक से मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने लगे।

फर्सी से सिर पर वार, जमीन पर गिराकर पीटा
आरक्षक के मुताबिक निलेश जाटव ने गुस्से में कहा चलो आज इसका काम तमाम कर देते हैं, समझ में आ जाएगा, किससे उलझे हैं। इसके बाद उसने सड़क किनारे पड़ा फर्सी का टुकड़ा उठाकर आरक्षक के सिर के पीछे जोरदार वार किया, जिससे सिर फट गया और खून बहने लगा। इसके बाद उसी फर्सी से दाहिने गाल पर भी हमला किया गया।

हमले में आरक्षक जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद निलेश जाटव, कालीचरण जाटव, जीतू जाटव, ईको कार चालक मनोज जाटव, तीन महिलाएं और अन्य लोग एक राय होकर लात-घूंसे से मारपीट करने लगे। मारपीट में आरक्षक को गर्दन, छाती, कमर, पीठ, दोनों घुटनों, बाएं हाथ और प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें आईं। आरक्षक के चिल्लाने पर चेकिंग ड्यूटी में तैनात अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें बचाकर थाने के अंदर ले गए।

धरना, हंगामा और राजनीतिक एंट्री
घटना के बाद पुलिस पर गर्भवती महिला से मारपीट के आरोप लगाते हुए परिजनों ने थाना परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया, जो देर रात ढाई बजे तक चला। स्थिति को संभालने के लिए आसपास के थानों का पुलिस बल बुलाया गया।

धरने के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए थाना प्रभारी को सस्पेंड करने तथा आरक्षकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, उन्होंने धरने पर बैठने की तक बात कह दी थी। देर रात एडिशनल एसपी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कराया जा सका। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 121(1), 132, 190, 191(2), 221, 296(b) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक तूल भी पकड़ा था,भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव की वीडियो भी सोशल पर जमकर वायरल हुई थी इस वीडियो में वह आरक्षकों को सस्पेंड कर एफआईआर की मांग रहे थे और रन्नौद थाना प्रभारी को थाने से हटाने की मांग कर रहे थे। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल पर उन्हें ट्रोल भी किया गया था। थाने के सामने हंगामा करने वाले लोगों पर मामला दर्ज होने के बाद बैकफुट पर आए भाजपा अध्यक्ष जैसे कमेंट भी सोशल पर देखने को मिल रहे थे।  

इस घटनाक्रम को लेकर बहुजन समाज के लोगों ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा था कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। शिवपुरी एसपी ने यह जांच करैरा एसडीओपी आईपीएस डॉ. आयुष जाखड़ को सौंपी है,अब खबर आ रही है कि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी ने रन्नौद थाने मे पदस्थ आरक्षक 966 अवधेश शर्मा और आरक्षक 584 गोरे जादौन लाइन अटैच कर दिया है।