शिवपुरी। शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना सीमा में एक 12 साल के मासूम बालक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मासूम को शिकार समझ कर वनकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की है। इस मारपीट में उसका कान तक का पर्दा फट गया है। पीडित परिवार ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से इस मामले की शिकायत की है।
विनेगा आश्रम कॉलोनी में निवास करने वाली ममता आदिवासी पत्नी स्व भारत आदिवासी ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन दिया है इस आवेदन के अनुसार उसका 12 साल का बेटा रवजीत आदिवासी अपने खेत पर जा रहा था,पीड़िता का कहना था कि उन्होने विनेगा की वन चौकी के पास स्थित प्लांट के पास बटाई से जमीन ली है। रात के समय खेत पर मौजूद उसका बडा भाई रामनिवास को खाना देने जा रहा था। रवजीत के साथ उसका एक और बडा भाई बल्लू आदिवासी और उसकी पत्नी संगीता आदिवासी भी साथ थे।
बल्लू आदिवासी और उसकी पत्नी संगीता आदिवासी,एक ओर भाई ये लोग पैदल टॉर्च जलाकर जा रहे थे, तभी जंगला रेंज के पास वन विभाग के कर्मचारी शंशाक,वैदहीचरण और अमरखोओ का रहने वाले बारी ओर प्राइवेट कर्मचारी मुकेश जाटव ने उन्हें रोक लिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वनकर्मियों ने बिना कुछ पूछताछ किए सीधे इन सभी पर लाठिया बरसाना शुरू कर दी। कह रहे थे की तुम लोग रात मे शिकार करते हो। 12 साल के बालक के साथ इतनी बेरहमी दिखाई की उसकी आंख और कान के पास गंभीर चोटें है इस मारपीट से उसका कान का पर्दा तक फट गया। बल्लू आदिवासी को भी लात-घूंसों और लाठियों से पीटा गया। मौके से संगीता आदिवासी ने भागकर अपनी जान बचाई। इस मारपीट के बाद वनकर्मियों ने रवजीत का मोबाइल छीन लिया। अपनी गलती छुपाने के लिए वन विभाग ने उल्टा फसल रखवाले बल्लू आदिवासी के खिलाफ शिकार संबंधी झूठा प्रकरण भी दर्ज कर दिया है।
इस घटना के बाद पीडित ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन दिया था। इस आवेदन की जांच को जांच के लिए सतनवाडा थाना भेजा गया,इस पर जांच शुरू की और पीडितो को थाने बुलाया गया था। सतनवाड़ा थाना प्रभारी ने पीड़ितों की व्यथा सुनने के बाद आश्वासन दिया है कि कल दोनों पक्षों को थाने बुलाया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विनेगा आश्रम कॉलोनी में निवास करने वाली ममता आदिवासी पत्नी स्व भारत आदिवासी ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन दिया है इस आवेदन के अनुसार उसका 12 साल का बेटा रवजीत आदिवासी अपने खेत पर जा रहा था,पीड़िता का कहना था कि उन्होने विनेगा की वन चौकी के पास स्थित प्लांट के पास बटाई से जमीन ली है। रात के समय खेत पर मौजूद उसका बडा भाई रामनिवास को खाना देने जा रहा था। रवजीत के साथ उसका एक और बडा भाई बल्लू आदिवासी और उसकी पत्नी संगीता आदिवासी भी साथ थे।
बल्लू आदिवासी और उसकी पत्नी संगीता आदिवासी,एक ओर भाई ये लोग पैदल टॉर्च जलाकर जा रहे थे, तभी जंगला रेंज के पास वन विभाग के कर्मचारी शंशाक,वैदहीचरण और अमरखोओ का रहने वाले बारी ओर प्राइवेट कर्मचारी मुकेश जाटव ने उन्हें रोक लिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वनकर्मियों ने बिना कुछ पूछताछ किए सीधे इन सभी पर लाठिया बरसाना शुरू कर दी। कह रहे थे की तुम लोग रात मे शिकार करते हो। 12 साल के बालक के साथ इतनी बेरहमी दिखाई की उसकी आंख और कान के पास गंभीर चोटें है इस मारपीट से उसका कान का पर्दा तक फट गया। बल्लू आदिवासी को भी लात-घूंसों और लाठियों से पीटा गया। मौके से संगीता आदिवासी ने भागकर अपनी जान बचाई। इस मारपीट के बाद वनकर्मियों ने रवजीत का मोबाइल छीन लिया। अपनी गलती छुपाने के लिए वन विभाग ने उल्टा फसल रखवाले बल्लू आदिवासी के खिलाफ शिकार संबंधी झूठा प्रकरण भी दर्ज कर दिया है।
इस घटना के बाद पीडित ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन दिया था। इस आवेदन की जांच को जांच के लिए सतनवाडा थाना भेजा गया,इस पर जांच शुरू की और पीडितो को थाने बुलाया गया था। सतनवाड़ा थाना प्रभारी ने पीड़ितों की व्यथा सुनने के बाद आश्वासन दिया है कि कल दोनों पक्षों को थाने बुलाया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
