शिवपुरी। जिले के देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एनएच-46 पर गुरुवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गरिमा पेट्रोल पंप के समीप हाईवे की दो पट्टियों के बीच बने मीडियन (डिवाइडर) की झाड़ियों में एक अज्ञात नर कंकाल और बाइक मिलने से हड़कंप मच गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है।
दस्तावेजों से हुई शिनाख्त
शव की स्थिति इतनी खराब थी कि वह पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। देहात थाना पुलिस ने जब मृतक की तलाशी ली, तो उसकी जेब से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने इंदार थाना क्षेत्र के मजारी गांव में संपर्क किया। जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और बाइक के आधार पर मृतक की पहचान रामदास आदिवासी उर्फ रनूआ उम्र 40 वर्ष के रूप में की।
एक माह पहले घर से निकला था मृतक परिजनों ने पुलिस को बताया कि रामदास अक्सर आलू खुदाई की मजदूरी करने के लिए दूसरे जिलों में जाता रहता था। करीब एक माह पहले पत्नी के साथ हुए मामूली विवाद के बाद वह घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। परिजनों को लगा कि वह हर बार की तरह काम की तलाश में कहीं बाहर चला गया होगा, इसलिए उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।
पुलिस की जांच और अनसुलझे सवाल
देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई ने बताया कि झाड़ियों में बाइक फंसी होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। प्रथम दृष्टया यह मामला किसी सड़क हादसे का लग रहा है, जिसमें बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर के बीच झाड़ियों में जा गिरी होगी और गंभीर चोट के कारण रामदास वहीं फंस गया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और कारण है। क्या इतने व्यस्त हाईवे पर एक माह तक किसी की नजर उस बाइक और शव पर क्यों नहीं पड़ी, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
दस्तावेजों से हुई शिनाख्त
शव की स्थिति इतनी खराब थी कि वह पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। देहात थाना पुलिस ने जब मृतक की तलाशी ली, तो उसकी जेब से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने इंदार थाना क्षेत्र के मजारी गांव में संपर्क किया। जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और बाइक के आधार पर मृतक की पहचान रामदास आदिवासी उर्फ रनूआ उम्र 40 वर्ष के रूप में की।
एक माह पहले घर से निकला था मृतक परिजनों ने पुलिस को बताया कि रामदास अक्सर आलू खुदाई की मजदूरी करने के लिए दूसरे जिलों में जाता रहता था। करीब एक माह पहले पत्नी के साथ हुए मामूली विवाद के बाद वह घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। परिजनों को लगा कि वह हर बार की तरह काम की तलाश में कहीं बाहर चला गया होगा, इसलिए उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।
पुलिस की जांच और अनसुलझे सवाल
देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई ने बताया कि झाड़ियों में बाइक फंसी होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। प्रथम दृष्टया यह मामला किसी सड़क हादसे का लग रहा है, जिसमें बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर के बीच झाड़ियों में जा गिरी होगी और गंभीर चोट के कारण रामदास वहीं फंस गया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और कारण है। क्या इतने व्यस्त हाईवे पर एक माह तक किसी की नजर उस बाइक और शव पर क्यों नहीं पड़ी, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।