शिवपुरी। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद शिवपुरी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने सोमवार को जिले के सभी 11 CMO की क्लास लेते हुए स्पष्ट कर दिया कि जनता की सेहत से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी नाली का गंदा पानी सप्लाई हुआ, तो सीधे संबंधित अधिकारी पर FIR दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर पाइप लाइनों का 'ब्लूप्रिंट' चेक करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
शिवपुरी में अप्रैल 2024 का मामला याद दिलाया
जानकारी के मुताबिक इंदौर में दूषित पानी पीने की वजह से लोगों की मौत हो गई। इंदौर जैसी घटना शिवपुरी जिले में न हो, इसी के चलते कलेक्टर ने सोमवार की शाम 5 बजे नगर पालिका शिवपुरी सहित जिले की सभी 10 नगर परिषदों के सीएमओ को बुलाकर बैठक ली। कलेक्टर ने शिवपुरी में अप्रैल 2024 का मामला याद दिलाया।
फतेहपुर टंकी से सप्लाई की डिप्टी कलेक्टर, पीएचई अधिकारियों को भेजकर जांच कराई थी। गंदी नाली के नीचे पाइप लाइन फूट मिली थी। सिंघ की सप्लाई छोड़ते ही गंदे बदबूदार पानी घरों तक पहुंच रहा था। कलेक्टर ने कहा कि शिवपुरी शहर में कहीं भी गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत मिले, तुरंत समाधान करें। लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने कार्रवाई की बात कही।
मटमैली सप्लाई का पानी सड़कों पर बहाया
शिवपुरी शहर के ग्वालियर बाईपास चौराहे पर रोड के नीचे लीकेज के चलते 24 दिसंबर से सिंध की सप्लाई बंद रही। जीआरपी लाइन बदलकर सप्लाई चालू की। लेकिन शुरुआत में मटमैले पानी की सप्लाई हुई। नगर पालिका ने एडवाइजरी जारी कर पानी इस्तेमाल न करने की सलाह दी। मटमैले पानी को संपवेल आदि के जरिए सड़कों पर बहा दिया। वहीं शिवपुरी शहर में सिंध से पीने के शुद्ध पानी की सप्लाई करने नपा टंकियों की सफाई करा रही है। 6-7 टंकियों की सफाई कराई जा चुकी है।
एक सैकड़ा शिकायते शिवपुरी नगर पालिका की
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की। सभी 11 निकायों में पानी से संबंधित 115 शिकायतें सामने आई। नगर पालिका शिवपुरी की सबसे अधिक 100 शिकायतें निकली हैं। इनमें करीब 25 शिकायतें गंदे पानी की सप्लाई से संबंधित बताई जा रही हैं।
पानी की शिकायतों को गंभीरता से लें जिम्मेदार
कलेक्टर ने सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वाल्व लीकेज चेक करें। कहीं सीवर लाइन के बगल से पानी की पाइप लाइन हैं तो उसकी चेकिंग कराएं। सीएम हेल्पलाइन के साथ-साथ पार्षद, जनप्रतिनिधि या फिर व्यक्तिगत रूप से पानी संबंधित शिकायत करता है तो गंभीरता से लें और समाधान करें।
गंदे पानी की सप्लाई हुई तो एफआईआर कराएंगे
सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि पानी को लेकर शिकायत मिले तो पहली जिम्मेदारी के रूप में उसे ठीक कराएं। शहर में हो रहे पानी की अलग से सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। पूरे शहर में बिछी सप्लाई और मैन लाइन का ब्लू प्रिंट रखें ताकि लाइन क्रॉसिंग के समय लाइन डैमेज को रोका जा सके। गंदे पानी की सप्लाई हुई तो एफआईआर कराएंगे।
रवींद्र कुमार चौधरी, कलेक्टर
जानकारी के मुताबिक इंदौर में दूषित पानी पीने की वजह से लोगों की मौत हो गई। इंदौर जैसी घटना शिवपुरी जिले में न हो, इसी के चलते कलेक्टर ने सोमवार की शाम 5 बजे नगर पालिका शिवपुरी सहित जिले की सभी 10 नगर परिषदों के सीएमओ को बुलाकर बैठक ली। कलेक्टर ने शिवपुरी में अप्रैल 2024 का मामला याद दिलाया।
फतेहपुर टंकी से सप्लाई की डिप्टी कलेक्टर, पीएचई अधिकारियों को भेजकर जांच कराई थी। गंदी नाली के नीचे पाइप लाइन फूट मिली थी। सिंघ की सप्लाई छोड़ते ही गंदे बदबूदार पानी घरों तक पहुंच रहा था। कलेक्टर ने कहा कि शिवपुरी शहर में कहीं भी गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत मिले, तुरंत समाधान करें। लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने कार्रवाई की बात कही।
मटमैली सप्लाई का पानी सड़कों पर बहाया
शिवपुरी शहर के ग्वालियर बाईपास चौराहे पर रोड के नीचे लीकेज के चलते 24 दिसंबर से सिंध की सप्लाई बंद रही। जीआरपी लाइन बदलकर सप्लाई चालू की। लेकिन शुरुआत में मटमैले पानी की सप्लाई हुई। नगर पालिका ने एडवाइजरी जारी कर पानी इस्तेमाल न करने की सलाह दी। मटमैले पानी को संपवेल आदि के जरिए सड़कों पर बहा दिया। वहीं शिवपुरी शहर में सिंध से पीने के शुद्ध पानी की सप्लाई करने नपा टंकियों की सफाई करा रही है। 6-7 टंकियों की सफाई कराई जा चुकी है।
एक सैकड़ा शिकायते शिवपुरी नगर पालिका की
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की। सभी 11 निकायों में पानी से संबंधित 115 शिकायतें सामने आई। नगर पालिका शिवपुरी की सबसे अधिक 100 शिकायतें निकली हैं। इनमें करीब 25 शिकायतें गंदे पानी की सप्लाई से संबंधित बताई जा रही हैं।
पानी की शिकायतों को गंभीरता से लें जिम्मेदार
कलेक्टर ने सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वाल्व लीकेज चेक करें। कहीं सीवर लाइन के बगल से पानी की पाइप लाइन हैं तो उसकी चेकिंग कराएं। सीएम हेल्पलाइन के साथ-साथ पार्षद, जनप्रतिनिधि या फिर व्यक्तिगत रूप से पानी संबंधित शिकायत करता है तो गंभीरता से लें और समाधान करें।
गंदे पानी की सप्लाई हुई तो एफआईआर कराएंगे
सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि पानी को लेकर शिकायत मिले तो पहली जिम्मेदारी के रूप में उसे ठीक कराएं। शहर में हो रहे पानी की अलग से सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। पूरे शहर में बिछी सप्लाई और मैन लाइन का ब्लू प्रिंट रखें ताकि लाइन क्रॉसिंग के समय लाइन डैमेज को रोका जा सके। गंदे पानी की सप्लाई हुई तो एफआईआर कराएंगे।
रवींद्र कुमार चौधरी, कलेक्टर