SHIVPURI में युवाओं के सिबिल स्कोर ने तोडे सपने, उद्यम क्रांति के 121 आवेदन ढेर

Bhopal Samachar

शिवपुरी। शिवपुरी के युवाओं के लिए खुद का व्यवसाय शुरू करना अब किसी युद्ध जैसा मुश्किल हो गया है। सरकारी योजनाओं का शोर तो बहुत है, लेकिन बैंकों की चौखट पर पहुँचते ही 'सिबिल स्कोर' और सख्त मानकों की दीवार सपनों को तोड़ रही है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में लक्ष्य से अधिक 286 आवेदन आने के बावजूद, बैंक ने करीब 121 युवाओं के फॉर्म सिर्फ इसलिए निरस्त कर दिए क्योंकि उनका सिबिल स्कोर 700 से कम था। आलम यह है कि युवा अब दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।"

केंद्र सरकार की सर्वाधिक सब्सिडी वाली पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) योजना बीते दो सालों से बंद होने के कारण राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही 3 प्रतिशत सब्सिडी वाली उद्यम क्रांति योजना में इस वर्ष लक्ष्य से कहीं अधिक आवेदन आए। विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए 176 प्रकरणों का लक्ष्य तय किया था, लेकिन इसके मुकाबले 286 आवेदन प्राप्त हुए। जांच और बैंक प्रक्रिया के बाद 165 प्रकरणों को ही स्वीकृति मिल सकी, जिनमें लगभग 11 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि वितरित की गई।

121 आवेदनों को मुख्य रूप से खराब सिबिल स्कोर और बैंक मानकों पर खरा न उतरने का हवाला देकर अस्वीकृत कर दिया गया। यह स्थिति कोई नई नहीं है। वर्ष 2024-25 में भी विभाग ने 160 प्रकरणों का लक्ष्य रखा था, जबकि 172 आवेदन विभाग के पास आए थे। तब भी कई युवा सिर्फ सिविल स्कोर के कारण ऋण से वंचित रह गए थे। लगातार दूसरे वर्ष यही स्थिति दोहराए जाने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

दो वर्ष से बंद पीएमईजीपी योजना
स्थिति को और गंभीर बनाता है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) पिछले दो वर्ष से बंद पड़ा है। इस योजना के बंद होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे उद्योग शुरू करने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए विकल्प सीमित हो गए हैं। पीएमईजीपी योजना बंद होने से उद्यम क्रांति योजना में आवेदनों की संख्या बढ़ गई है। पीएमईजीपी योजना के संचालन के समय उद्यम क्रांति योजना में सीमित ही आवेदन आ रहे थे। क्योंकि पीएमईजीपी में 15 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी है, जबकि उद्यम क्रांति में 3 प्रतिशत की ही सब्सिडी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं के लिए सिबिल स्कोर में कुछ छूट, बैंकों की प्रक्रिया में लचीलापन और बंद पड़ी योजनाओं को पुनः शुरू किए बिना स्वरोजगार को बढ़ावा देना मुश्किल होगा। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बेरोजगारी की चुनौती और गंभीर हो सकती है।

एक लाख से 25 लाख तक का ऋण देने का प्रावधान है
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में चल रही विभिन्न योजनाओं का मुख्य उद्देश्य यह है कि युवा अपना खुद का व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भर बनें। इस योजना के तहत 8वीं पास 18 से 45 वर्ष के आवेदकों को उद्योग एवं विनिर्माण, सेवा व व्यवसाय गतिविधियां शुरू करने के लिए 3 प्रतिशत वार्षिक दर से 7 वर्षों तक 1 लाख से 25 लाख रुपए तक का लोन देने का प्रावधान है।

700 से कम सिबिल स्कोर पर निरस्त हो रहे ऋण आवेदन
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र शिवपुरी सरकारी योजनाओं के तहत ऋण लेने वाले युवाओं के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। बैंकों द्वारा 700 से कम सिबिल स्कोर वाले आवेदनों को लगातार निरस्त किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में युवा योजनाओं के लाभ से वंचित रह रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बैंक ऋण स्वीकृति के लिए सिबिल स्कोर को प्रमुख मापदंड मान रहे हैं।

कई मामलों में पहली बार ऋण के लिए आवेदन करने वाले युवाओं का सिबिल स्कोर कम होने के कारण आवेदन खारिज कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन युवाओं ने पहले कभी बैंक से ऋण नहीं लिया, उनका सिबिल स्कोर स्वाभाविक रूप से कम रहता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जोखिम की श्रेणी में रख दिया जाता है।,

उद्यम क्रांति योजना में किया आवेदन
उद्योग विभाग में बीते वर्ष पीएमईजीपी योजना में लाभ लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन वहां से पता चला कि मध्यप्रदेश में केंद्र की योजना को बंद कर दिया गया है। इस कारण मजबूरन उद्यम क्रांति योजना में आवेदन किया, लेकिन आवेदन निरस्त हो गया।
केशव सिंह चौहान, आवेदक, शिवपुरी

बीते तीन साल से कर रहा हूं आवेदन
बीते तीन साल से उद्योग विभाग में चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटक रहा हूं, कई बार विभाग से आवेदन पास हो जाता है, तो बैंक से निरस्त कर दिया जाता है। नया रोजगार खोलने योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सत्येंद्र पांडेय, आवेदक, शिवपुरी

इनका कहना हैं
विभाग के पास जो भी आवेदन आते हैं, उनके डॉक्यूमेंट चेक करके सभी कागज पूरे होने पर आवेदनों को बैंक में फॉरवर्ड कर दिया जाता है। किसे लोन देना है एवं किसे लोन नहीं देना यह बैंक तय करती है।
अजय तिवारी, प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, शिवपुरी