शिवपुरी। शिवपुरी शहर से सटी और शिवपुरी जनपद पंचायत नोहरीकलां के सरपंच और सरपंच की फैमिली पर सरकारी जमीन हड़पने का आरोप ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में लगाया है। आरोप है कि सरपंच का परिवार इस जमीन पर खेती कर रहा है,उक्त जमीन गौशाला और पानी की टंकी के लिए प्रस्तावित थी,इस मामले की शिकायत वह लगातार 3 बार से कर रहे है लेकिन उनकी इस जनसुनवाई में सुनवाई नहीं हो रही है।
नौहर कलां में निवास करने करने वाले महेंद्र शर्मा और उनके साथियों ने आज कलेक्टर कार्यालय मे आयोजित जनसुनवाई में तीसरी बार शिकायत की है। इस शिकायत के अनुसार गांव सरपंच ने धनेश्वरी रावत उनके पति रामप्रसाद रावत, पुत्र प्रकाश रावत और सचिव उमाशंकर भार्गव द्वारा गांव मे स्थित सरकारी जमीन सर्वे नंबर 1236, जिसका रकवा 1.8200 हेक्टेयर है,पर अवैध रूप से कब्जा कर खेती की जा रही है। उक्त भूमि पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं और वहां निजी बोर भी उत्खनन करा लिया गया है।
गौशाला और टंकी के लिए सुरक्षित थी भूमि शिकायत में बताया गया कि यह भूमि गांव में गौशाला और पानी की टंकी के निर्माण के लिए सुरक्षित रखी जानी थी, ताकि समस्त ग्रामवासियों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन सरपंच परिवार द्वारा इस पर कब्जा किए जाने से गांव के विकास कार्य रुक गए हैं। ग्रामीणों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया, तो सरपंच परिवार द्वारा उन्हें यह कहकर धमकाया गया कि तुमको जहां शिकायत करनी है कर लो, हम शक्तिशाली और राजनीतिक प्रभाव वाले व्यक्ति हैं,हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि वे इससे पहले 20 मई 2025 को जनसुनवाई में और 7 जनवरी 2026 को एसडीएम शिवपुरी को भी लिखित आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है। थक-हारकर ग्रामीणों ने एक बार फिर कलेक्टर से मौका मुआयना करवाकर अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।
नौहर कलां में निवास करने करने वाले महेंद्र शर्मा और उनके साथियों ने आज कलेक्टर कार्यालय मे आयोजित जनसुनवाई में तीसरी बार शिकायत की है। इस शिकायत के अनुसार गांव सरपंच ने धनेश्वरी रावत उनके पति रामप्रसाद रावत, पुत्र प्रकाश रावत और सचिव उमाशंकर भार्गव द्वारा गांव मे स्थित सरकारी जमीन सर्वे नंबर 1236, जिसका रकवा 1.8200 हेक्टेयर है,पर अवैध रूप से कब्जा कर खेती की जा रही है। उक्त भूमि पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं और वहां निजी बोर भी उत्खनन करा लिया गया है।
गौशाला और टंकी के लिए सुरक्षित थी भूमि शिकायत में बताया गया कि यह भूमि गांव में गौशाला और पानी की टंकी के निर्माण के लिए सुरक्षित रखी जानी थी, ताकि समस्त ग्रामवासियों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन सरपंच परिवार द्वारा इस पर कब्जा किए जाने से गांव के विकास कार्य रुक गए हैं। ग्रामीणों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि जब उन्होंने इस कब्जे का विरोध किया, तो सरपंच परिवार द्वारा उन्हें यह कहकर धमकाया गया कि तुमको जहां शिकायत करनी है कर लो, हम शक्तिशाली और राजनीतिक प्रभाव वाले व्यक्ति हैं,हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि वे इससे पहले 20 मई 2025 को जनसुनवाई में और 7 जनवरी 2026 को एसडीएम शिवपुरी को भी लिखित आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है। थक-हारकर ग्रामीणों ने एक बार फिर कलेक्टर से मौका मुआयना करवाकर अतिक्रमण हटाने और दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।