शिवपुरी। शिवपुरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिवपुरी में आज जनसुनवाई के कार्यक्रम मे पिछोर की रहने वाली एक विवाहिता ने एक आवेदन दिया है। इस आवेदन के अनुसार विवाहिता को प्रसाद में नशा मिलाकर बेहोश कर उसका अपहरण किया गया था और उसकी 1 साल की मासूम को जान से मारने की धमकी देकर उसका लगातार बलात्कार किया है,पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसकी जमीन को अपने नाम करना चाहते थे।
पिछोर थाना सीमा में आने वाले बाचरौन चौराहे पर निवास करने वाली विवाहिता ने अपने आवेदन के माध्यम से बताया कि बीते 8 फरवरी को उसकी 1 साल की लडकी की तबीयत खराब थी,इसलिए वह उसको अस्पताल इलाज के लिए ले गई थी,तभी रास्ते मे उसको जितेन्द्र लोधी निवासी ग्राम चिन्नोदी, पवन पुत्र रामजीलाल लाघी, छोटू पुत्र फुलसिह केवट निवासी ग्राम वाचरोन एवं इन्देश पुत्र रायसिंह लोधी निवासी ग्राम छिरवाहा थाना पिछोर मिल गए।
उन्होने कहा कि मेरी बच्ची की तबीयत खराब है इसलिए आई हूं,इनमे से इन्द्रेश ने कहा कि ईश्वर सब कर देगा आप प्रसाद खा लो,पीडिता ने बताया कि वह इंद्रेश को जानती थी वह उसके पड़ोसी पवन लोधी के पास काम करता था। इन्द्रेश ने भरोसे में लेकर पीड़िता को प्रसाद' के रूप में बर्फी खिलाई। बर्फी खाते ही महिला बेसुध हो गई। जब अगले दिन सुबह 8 बजे उसे होश आया, तो वह खुद को दरिंदों के चंगुल में पा चुकी थी।
बेटी की जान की धमकी देकर लूटी अस्मत
आरोपियों ने हैवानियत की हदें पार करते हुए पीड़िता को डराया कि उसकी बेटी उनके कब्जे में है। यदि उसने शोर मचाया या विरोध किया, तो वे बच्ची को जान से मार देंगे। इसी डर के साये में इन्द्रेश और रूपसिंह उसे भोपाल और फिर जयपुर ले गए। वहां कई दिनों तक उसे कैमरे में कैद रखा गया और उसके साथ बार-बार गलत काम किया गया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों पर जबरन दस्तखत कराकर उसकी जमीन हड़पने की साजिश भी रची गई,पीडिता ने बताया कि उसकी बाचरौन चौराहे पर बेशकीमती जमीन है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, 3 दिन से भटक रही पीड़िता
भाभी को फोन करने के बाद पुलिस ने पीड़िता को आजाद तो करा लिया, लेकिन इंसाफ की राह अब भी पथरीली है। पीड़िता का आरोप है कि वह पिछले तीन दिनों से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटक रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। उल्टा आरोपी अब उसे दोबारा अपहरण करने और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। न्याय की उम्मीद में पीड़िता ने अब एसपी (SP) शिवपुरी की चौखट पर दस्तक दी है।
पिछोर थाना सीमा में आने वाले बाचरौन चौराहे पर निवास करने वाली विवाहिता ने अपने आवेदन के माध्यम से बताया कि बीते 8 फरवरी को उसकी 1 साल की लडकी की तबीयत खराब थी,इसलिए वह उसको अस्पताल इलाज के लिए ले गई थी,तभी रास्ते मे उसको जितेन्द्र लोधी निवासी ग्राम चिन्नोदी, पवन पुत्र रामजीलाल लाघी, छोटू पुत्र फुलसिह केवट निवासी ग्राम वाचरोन एवं इन्देश पुत्र रायसिंह लोधी निवासी ग्राम छिरवाहा थाना पिछोर मिल गए।
उन्होने कहा कि मेरी बच्ची की तबीयत खराब है इसलिए आई हूं,इनमे से इन्द्रेश ने कहा कि ईश्वर सब कर देगा आप प्रसाद खा लो,पीडिता ने बताया कि वह इंद्रेश को जानती थी वह उसके पड़ोसी पवन लोधी के पास काम करता था। इन्द्रेश ने भरोसे में लेकर पीड़िता को प्रसाद' के रूप में बर्फी खिलाई। बर्फी खाते ही महिला बेसुध हो गई। जब अगले दिन सुबह 8 बजे उसे होश आया, तो वह खुद को दरिंदों के चंगुल में पा चुकी थी।
बेटी की जान की धमकी देकर लूटी अस्मत
आरोपियों ने हैवानियत की हदें पार करते हुए पीड़िता को डराया कि उसकी बेटी उनके कब्जे में है। यदि उसने शोर मचाया या विरोध किया, तो वे बच्ची को जान से मार देंगे। इसी डर के साये में इन्द्रेश और रूपसिंह उसे भोपाल और फिर जयपुर ले गए। वहां कई दिनों तक उसे कैमरे में कैद रखा गया और उसके साथ बार-बार गलत काम किया गया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों पर जबरन दस्तखत कराकर उसकी जमीन हड़पने की साजिश भी रची गई,पीडिता ने बताया कि उसकी बाचरौन चौराहे पर बेशकीमती जमीन है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, 3 दिन से भटक रही पीड़िता
भाभी को फोन करने के बाद पुलिस ने पीड़िता को आजाद तो करा लिया, लेकिन इंसाफ की राह अब भी पथरीली है। पीड़िता का आरोप है कि वह पिछले तीन दिनों से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटक रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। उल्टा आरोपी अब उसे दोबारा अपहरण करने और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। न्याय की उम्मीद में पीड़िता ने अब एसपी (SP) शिवपुरी की चौखट पर दस्तक दी है।